
छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष दीपक बैज ने शनिवार को रायपुर की केंद्रीय जेल पहुंचकर पूर्व मंत्री कवासी लखमा से मुलाकात की। दोनों दिग्गज नेताओं के बीच करीब 50 मिनट तक बातचीत हुई। जेल से बाहर आने के बाद बैज ने बताया कि लखमा का हौसला बुलंद है और वे पूरी तरह स्वस्थ हैं। इस मुलाकात के बाद सियासी हलकों में चर्चा तेज हो गई है क्योंकि कांग्रेस अपने इस कद्दावर नेता की रिहाई के लिए पूरी ताकत झोंक रही है।
फरवरी में रिहाई की उम्मीद
मीडिया से बात करते हुए दीपक बैज ने कवासी लखमा की जमानत को लेकर बड़ा दावा किया है। उन्होंने कहा कि पार्टी को न्यायपालिका पर पूरा भरोसा है और कानूनी प्रक्रिया तेजी से आगे बढ़ रही है। बैज के अनुसार, ऐसी संभावना है कि फरवरी के महीने में लखमा को जमानत मिल जाएगी और वे जेल से बाहर आ जाएंगे। कांग्रेस अध्यक्ष ने संकेत दिया कि पार्टी के कानूनी सलाहकार लगातार इस मामले की पैरवी कर रहे हैं।
बजट सत्र के लिए कोर्ट से लगाई गुहार
कांग्रेस पार्टी चाहती है कि कवासी लखमा विधानसभा के आगामी बजट सत्र में शामिल हों। इसके लिए कोर्ट में अर्जी दी जा रही है ताकि उन्हें सदन की कार्यवाही में हिस्सा लेने की अनुमति मिल सके। दीपक बैज ने तर्क दिया कि लखमा बस्तर की जनता की मजबूत आवाज हैं और महत्वपूर्ण चर्चाओं के दौरान उनका विधानसभा में मौजूद रहना अनिवार्य है। यदि कोर्ट से अनुमति मिलती है, तो वे जेल में रहते हुए भी सदन की बैठकों में नजर आ सकते हैं।
बस्तर की जंग के लिए तैयार रणनीति
दीपक बैज ने साफ किया कि लखमा के बाहर आते ही पार्टी बस्तर के मुद्दों पर सरकार को घेरने की नई रणनीति पर काम करेगी। उन्होंने कहा कि हम सब मिलकर बस्तर के अधिकारों की रक्षा के लिए फिर से मैदान में उतरेंगे। पार्टी का मानना है कि लखमा की सक्रियता से कार्यकर्ताओं का मनोबल बढ़ेगा। फिलहाल कांग्रेस की नजर कोर्ट के फैसले और बजट सत्र के दौरान मिलने वाली अनुमति पर टिकी है।



