
Financial Aid Tarana Nishad: धमतरी जिले के मगरलोड क्षेत्र के ग्राम चटौद में आयोजित सेवा संकल्प अभियान के मंच से विधायक अजय चंद्राकर ने प्राकृतिक आपदा के पीड़ित परिवार को बड़ी राहत दी है। बाढ़ के दौरान उफनते नाले में डूबने से जान गंवाने वाली 14 वर्षीय छात्रा स्व. तराना निषाद के पिता उदेराम निषाद को राजस्व पुस्तक परिपत्र (RBC 6-4) के प्रावधानों के तहत चार लाख रुपये की आर्थिक सहायता राशि प्रदान की गई। इस दौरान स्थानीय जनप्रतिनिधि और ग्रामीण बड़ी संख्या में मौजूद रहे।

मेघा गांव में नाले के पास खेलने के दौरान हुआ था दर्दनाक हादसा
Megha Drain Accident Compensation: यह हृदयविदारक हादसा पिछले महीने 26 सितंबर को कुरूद विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले ग्राम मेघा में हुआ था। 14 वर्षीय तराना निषाद मेघा स्थित पेट्रोल पंप के पास नाले के नजदीक महानदी का बाढ़ देखने आयी हुई थी। उन दिनों क्षेत्र में लगातार भारी बारिश हो रही थी, जिसके चलते नदी-नाले उफान पर थे और गंगरेल बांध के भी 14 गेट खोले गए थे। पानी के तेज बहाव और जलस्तर में अचानक वृद्धि के कारण महानदी के बाढ़ का पानी मेघा पेट्रोल पंप तक पहुंच चुकी थी गांव में लोग भारी संख्या में बाढ़ का पानी देखने आये हुए थे इसी बीच उफनते नाली के तरफ तेज बहाव वाले पानी में बच्ची तराना निषाद संतुलन खो बैठी और नाले में गिरकर बह गई।

तीन दिनों के बाद मिला था शव
Megha News: घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस, प्रशासन और परिजनों में हड़कंप मच गया था। मगरलोड पुलिस ने कार्रवाई करते हुए खोजबीन शुरू की। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए राज्य आपदा मोचन बल (SDRF) की टीम और नगर सेना के गोताखोरों को भी रेस्क्यू ऑपरेशन में लगाया गया था। लगातार तीन दिनों तक चले व्यापक तलाशी अभियान के बाद आखिरकार बच्ची का शव बरामद किया जा सका, जिससे पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गई थी।

विधायक ने पीड़ित परिवार से मिलकर जताई संवेदना
शोक संदेश मिलते ही विधायक अजय चंद्राकर पीड़ित परिवार के घर पहुंचकर स्वर्गीय तराना निषाद को श्रद्धांजलि अर्पित करने पहुंचे थे। जिसके बाद आज सेवा संकल्प अभियान के मंच से 4 लाख की आर्थिक सहायता राशि प्रदान करते हुए विधायक अजय चंद्राकर ने शोक संतप्त परिवार के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की। उन्होंने कहा कि किसी भी परिवार के लिए अपनी युवा संतान को खोने का दर्द असहनीय होता है और इस अपूरणीय क्षति की भरपाई किसी भी रूप में संभव नहीं है। उन्होंने ढांढस बंधाते हुए कहा कि दुख की इस घड़ी में शासन और प्रशासन पूरी तरह से पीड़ित परिवार के साथ खड़ा है तथा हरसंभव सहायता प्रदान की जा रही है।




