
Megha Flood Safety Negligence: छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले में गंगरेल बांध के सभी गेट खोले जाने के बाद नदियां और नाले उफान पर हैं। इस बीच मगरलोड क्षेत्र के ग्राम पंचायत मेघा में एक बड़ा हादसा सामने आया है। यहां बाढ़ का पानी देखने गई 13 वर्षीय छात्रा कु. तराना (तनु) निषाद पेट्रोल पंप के पास उफनती नाली में पैर फिसलने के कारण तेज बहाव में बह गई। छात्रा प्राथमिक शाला मेघा में कक्षा 7वीं में पढ़ाई करती है। उसके पिता का नाम उदय (छोटू) निषाद और माता का नाम रानी निषाद है। हादसे के बाद से ही बच्ची का कोई सुराग नहीं मिला है और पूरे गांव में हड़कंप मच गया है।

चेतावनी के बाद भी पुलिस नदारद, ग्रामीणों ने खुद लगाया बैरिकेड
Dhamtari News: घटना के बाद स्थानीय प्रशासन और पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। गंगरेल बांध से पानी छोड़े जाने के बाद जिला स्तर पर अलर्ट जारी किया गया था। इसके बावजूद ग्राम पंचायत मेघा में अलर्ट को लेकर न तो कोई मुनादी कराई गई और न ही नाले या नदी के पास सुरक्षा के लिए बैरिकेड्स लगाए गए। आरोप है कि घटना के करीब 1 घंटे बाद मगरलोड पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस की गैरमौजूदगी और लापरवाही से नाराज होकर ग्रामीणों ने खुद ही रस्सी और पास के पेट्रोल पंप से बैरिकेड्स लाकर उफनते रास्तों को बंद किया।

नाले और आसपास के क्षेत्रों में SDRF का सर्च ऑपरेशन जारी
Magarlod Police Negligence Allegation: बच्ची के पानी में बहने की खबर फैलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर जमा हो गए और अपने स्तर पर नाले में तलाश शुरू की। इसके बाद सूचना मिलने पर चंदना-चंदसुर क्षेत्र से SDRF की टीम रेस्क्यू ऑपरेशन के लिए घटनास्थल पहुंची।

गोताखोरों और रेस्क्यू टीम ने नाली के अंदर और आसपास के जलभराव वाले संभावित इलाकों में जाकर काफी खोजबीन की। तेज बारिश और नाले के उफान पर होने के कारण खोज अभियान में काफी कठिनाई आ रही है। अब तक छात्रा का कोई सुराग नहीं मिल पाया था।

आधिकारिक बयान का इंतजार, परिजनों और ग्रामीणों में भारी चिंता
Magarlod Megha Drowning Incident: इस गंभीर घटना के संबंध में मगरलोड थाना प्रभारी और स्थानीय तहसीलदार से संपर्क किया गया है। फिलहाल पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों का आधिकारिक पक्ष आना बाकी है। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है और गांव के लोग भी बच्ची की सलामती के लिए ईश्वर से प्रार्थना कर रहे हैं। प्रशासन का कहना है कि आधिकारिक जानकारी जुटाने के बाद स्थिति को स्पष्ट किया जाएगा और सर्च ऑपरेशन लगातार जारी रहेगा।

उफनते जलस्रोतों के पास सुरक्षा व्यवस्था पर उठे गंभीर सवाल
इस हादसे ने तेज बारिश के दौरान सार्वजनिक स्थानों, खुले नालों और जलभराव वाले रास्तों पर सुरक्षा व्यवस्था की पोल खोल दी है। जिला स्तर से आदेश जारी होने के बाद भी संवेदनशील स्थानों पर पुलिस बल तैनात न करना और चेतावनी बोर्ड न लगाना बड़ी लापरवाही को दर्शाता है।लगातार हो रही भारी बारिश के बीच स्थानीय प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि वे उफनती नदियों, नालों और पुल-पुलियों के पास न जाएं। साथ ही बच्चों को अकेले जलभराव वाले इलाकों की तरफ न जाने देने की हिदायत दी गई है।




