
Ajay Chandrakar on CG Congress: छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव के बाद से ही शांत बैठी कांग्रेस पार्टी के भीतर की गुटबाजी एक बार फिर खुलकर सड़कों पर आ गई है। प्रदेश कांग्रेस कमेटी (पीसीसी) के अध्यक्ष की कुर्सी और संगठन में वर्चस्व को लेकर पार्टी के शीर्ष नेताओं के बीच जुबानी जंग तेज हो गई है। हाल ही में पीसीसी चीफ दीपक बैज और पूर्व डिप्टी सीएम टीएस सिंहदेव के बीच शुरू हुई सियासी बयानबाजी में अब पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की भी एंट्री हो गई है। भूपेश बघेल ने टीएस सिंहदेव के बयानों को तवज्जो न देते हुए एक बड़ा बयान दिया है। वहीं, कांग्रेस के इस अंदरूनी घमासान का फायदा उठाते हुए भारतीय जनता पार्टी के कद्दावर नेता और विधायक अजय चंद्राकर ने टीएस सिंहदेव को कांग्रेस छोड़ने तक की सलाह दे डाली है।
मैं टीएस सिंहदेव के बयानों पर प्रतिक्रिया नहीं देता, मीडिया के सामने बोले पूर्व सीएम भूपेश बघेल
छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने दिल्ली और रायपुर के सियासी गलियारों में चल रही चर्चाओं के बीच मीडिया से बातचीत में टीएस सिंहदेव पर बड़ा हमला बोला है। उन्होंने दो टूक शब्दों में कहा कि वे टीएस सिंहदेव के किसी भी बयान पर कोई प्रतिक्रिया देना जरूरी नहीं समझते। भूपेश बघेल ने वर्तमान पीसीसी अध्यक्ष दीपक बैज का खुलकर समर्थन करते हुए कहा कि बैज पिछले साढ़े तीन साल से संगठन को संभाल रहे हैं और पूरे प्रदेश के कार्यकर्ता उनके नेतृत्व में एकजुट होकर काम कर रहे हैं। बघेल ने साफ किया कि संगठन में किसे क्या जिम्मेदारी देनी है, यह फैसला केवल दिल्ली में बैठा आलाकमान ही करता है।
दीपक बैज और टीएस सिंहदेव के बीच शुरू हुई थी तकरार, अध्यक्ष की कुर्सी को लेकर छिड़ा विवाद
कांग्रेस के भीतर इस नए विवाद की शुरुआत तब हुई जब पीसीसी अध्यक्ष दीपक बैज ने सार्वजनिक रूप से टीएस सिंहदेव को राज्य की राजनीति छोड़कर दिल्ली यानी केंद्र की सियासत में ध्यान लगाने की नसीहत दे दी थी। दीपक बैज के इस बयान पर पलटवार करते हुए टीएस सिंहदेव ने भी चुटकी ली थी और बैज को छत्तीसगढ़ का अगला मुख्यमंत्री बनने के लिए अग्रिम शुभकामनाएं दे डाली थीं। नेताओं की इस आपसी खींचतान ने यह साफ कर दिया है कि सत्ता से बाहर होने के बाद भी छत्तीसगढ़ कांग्रेस के भीतर सब कुछ ठीक नहीं चल रहा है और दिग्गज नेताओं के बीच आपसी तालमेल का भारी अभाव है।
अपमान सहने की भी एक सीमा होती है, भाजपा विधायक अजय चंद्राकर ने बाबा को दी कांग्रेस छोड़ने की नसीहत
कांग्रेस की इस अंदरूनी कलह पर तंज कसते हुए भाजपा विधायक और पूर्व मंत्री अजय चंद्राकर ने टीएस सिंहदेव के प्रति सहानुभूति जताते हुए उन्हें कांग्रेस से इस्तीफा देने को कहा है। चंद्राकर ने कहा कि टीएस सिंहदेव छत्तीसगढ़ के एक बेहद प्रतिष्ठित सरगुजा राजघराने से ताल्लुक रखते हैं और उनके पूर्वजों का इस राज्य के निर्माण व विकास में बहुत बड़ा ऐतिहासिक योगदान रहा है। इसके बावजूद कांग्रेस पार्टी के भीतर बार-बार उन्हें किनारे करने और अपमानित करने का खेल खेला जाता है। चंद्राकर ने कहा कि टीएस बाबा को अब अपने आत्मसम्मान और छत्तीसगढ़ के भले के लिए इस पार्टी को तुरंत छोड़ देना चाहिए।
आलाकमान के फैसलों पर टिकी सबकी नजरें, सांगठनिक बदलावों से पहले गुटबाजी चरम पर
छत्तीसगढ़ कांग्रेस में चल रही इस गुटबाजी ने जमीनी कार्यकर्ताओं को भारी असमंजस में डाल दिया है। एक तरफ जहां दीपक बैज अपने पद पर बने रहने के लिए संघर्ष कर रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ भूपेश बघेल और टीएस सिंहदेव के खेमों के बीच की पुरानी खाई और ज्यादा चौड़ी होती दिख रही है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि आने वाले दिनों में कांग्रेस आलाकमान द्वारा प्रदेश संगठन में बड़े बदलाव किए जाने की संभावना है, जिससे पहले सभी गुट अपनी-अपनी ताकत दिखाने और एक-दूसरे को नीचा दिखाने का कोई भी मौका हाथ से नहीं जाने देना चाहते।



