भर्ती में बड़ा बदलाव: महिलाओं के आरक्षित पद अब नहीं रहेंगे खाली, पुरुष उम्मीदवारों से भरे जाएंगे

बिलासपुर: Bilaspur High Court: छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने भर्तियों और सेवा नियमों में एक बड़ा संशोधन किया है। अब महिलाओं के लिए आरक्षित पदों में यदि योग्य महिला उम्मीदवार नहीं मिलती है, तो वे पद अगले वर्ष के लिए कैरी फॉरवर्ड नहीं किए जाएंगे। इसके बजाय, वे उसी वर्ग के पुरुष अभ्यर्थियों से भरे जाएंगे। साथ ही, न्यायालय के कई पदों के पदनामों में भी बदलाव किया गया है।

हाईकोर्ट भर्ती नियमों में बड़ा बदलाव

चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा की अनुशंसा पर गुरुवार को यह आदेश जारी किया गया। यह संशोधन छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट सर्विस रूल्स, 2017 में किया गया है और तत्काल प्रभाव से लागू हो गया है। आदेश पर रजिस्ट्रार जनरल रजनीश श्रीवास्तव के हस्ताक्षर हैं।

नए नियम के अनुसार, यदि किसी आरक्षित या अनारक्षित श्रेणी में 30 प्रतिशत महिला उम्मीदवारों के लिए आरक्षित पदों पर योग्य महिला अभ्यर्थी नहीं मिलती, तो वे पद अब खाली नहीं रहेंगे। इन पदों को अब उसी श्रेणी के पुरुष उम्मीदवारों से भरा जाएगा।

संविधान के अनुच्छेद 229(2) के तहत दी गई मंजूरी

चीफ जस्टिस सिन्हा ने इन संशोधनों को संविधान के अनुच्छेद 229(2) के तहत मंजूरी दी है।
यह प्रावधान उच्च न्यायालयों को अपनी प्रशासनिक सेवाओं से जुड़े नियमों और नियुक्तियों में परिवर्तन करने का अधिकार देता है।

इस संशोधन के बाद अब किसी भर्ती प्रक्रिया में महिला आरक्षण के अंतर्गत योग्य महिला अभ्यर्थी न मिलने पर:

  • पद अगले वर्ष तक स्थगित नहीं रहेंगे,
  • न ही उन्हें अन्य आरक्षित या अनारक्षित महिला वर्ग से भरा जाएगा,
  • बल्कि उसी वर्ग के योग्य पुरुष उम्मीदवारों को अवसर मिलेगा।

पदनामों में भी किया गया परिवर्तन

आदेश में यह भी स्पष्ट किया गया है कि न्यायालय के विभिन्न प्रशासनिक पदों के पदनामों को आधुनिक प्रशासनिक ढांचे के अनुरूप संशोधित किया गया है।
इन परिवर्तनों का उद्देश्य न्यायालय प्रशासन को अधिक संगठित, दक्ष और पारदर्शी बनाना है।

महिलाओं की नियुक्ति नीति में संतुलन की कोशिश

हाईकोर्ट के इस फैसले को नियुक्ति प्रणाली में संतुलन बनाने की दिशा में एक व्यावहारिक कदम माना जा रहा है।
पहले ऐसे मामलों में पद खाली रह जाते थे या अगले वर्ष तक टाल दिए जाते थे, जिससे न सिर्फ कार्यप्रणाली प्रभावित होती थी, बल्कि रिक्तियों का बोझ भी बढ़ता था। अब इस संशोधन के बाद, न्यायिक और प्रशासनिक दोनों वर्गों में पदों की भरती प्रक्रिया तेज और सुव्यवस्थित हो सकेगी।

तुरंत प्रभाव से लागू हुआ नया नियम

नया नियम जारी होते ही यह तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया गया है। सभी विभागों और भर्ती इकाइयों को निर्देश दिए गए हैं कि आगे होने वाली किसी भी चयन प्रक्रिया में इस नए प्रावधान का पालन अनिवार्य रूप से किया जाए।

यह संशोधन छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट की भर्ती व्यवस्था में लंबे समय से चली आ रही व्यावहारिक दिक्कतों को दूर करने वाला कदम माना जा रहा है।

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Ravi Pratap Pandey

रवि पिछले 7 वर्षों से छत्तीसगढ़ में सक्रिय पत्रकार हैं। उन्होंने राज्य के सामाजिक, राजनीतिक और सांस्कृतिक पहलुओं पर गहराई से रिपोर्टिंग की है। जमीनी हकीकत को उजागर करने और आम जनता की आवाज़ को मंच देने के लिए वे लगातार लेखन और रिपोर्टिंग करते रहे हैं।

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