Vice Presidential Election: उपराष्ट्रपति पद के लिए रमेश बैस के नाम की मांग, कांग्रेस नेता ने पीएम मोदी को लिखा पत्र

रायपुर। Vice Presidential Election: भारत के उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है उसके बाद उपराष्ट्रपति चुनाव को लेकर देशभर में अटकलें तेज हैं, और संभावित नामों की फेहरिस्त भी लंबी होती जा रही है। इसी बीच छत्तीसगढ़ कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज ने एक चौंकाने वाला कदम उठाया है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर रमेश बैस को उपराष्ट्रपति पद का उम्मीदवार बनाने की मांग की है। खास बात ये है कि रमेश बैस भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) से जुड़े वरिष्ठ नेता हैं, और मांग कांग्रेस नेता की ओर से आई है।

पीएम को लिखे पत्र में क्या बोले दीपक बैज

दीपक बैज ने अपने पत्र में लिखा कि रमेश बैस ने लोकसभा में 15 वर्षों तक जनता का प्रतिनिधित्व किया, और इसके बावजूद छत्तीसगढ़ को अभी तक केंद्र में अपेक्षित प्रतिनिधित्व नहीं मिल पाया है। उन्होंने आगे कहा कि रमेश बैस का अनुभव और सार्वजनिक जीवन में उनकी भूमिका उन्हें उपराष्ट्रपति जैसे संवैधानिक पद के लिए उपयुक्त बनाती है।

किन-किन नामों की चर्चा है रेस में?

फिलहाल उपराष्ट्रपति पद के लिए कई नामों की चर्चा जोरों पर है। सबसे ज्यादा चर्चा बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नाम की है, जिन्हें बीजेपी गठबंधन में समायोजित करने की रणनीति के तहत यह ऑफर मिल सकता है। इसके अलावा जम्मू-कश्मीर के एलजी मनोज सिन्हा, रविशंकर प्रसाद, थावर चंद गहलोत, ओम माथुर, आरिफ मोहम्मद खान, हरिवंश और रमा देवी जैसे दिग्गज नेताओं के नाम भी सामने आ रहे हैं।

क्या बीजेपी देगी सरप्राइज?

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि बीजेपी किसी गठबंधन सहयोगी को यह पद देकर संतुलन साध सकती है, लेकिन यह भी संभव है कि पार्टी अपने किसी वरिष्ठ नेता पर भरोसा जताए। ऐसे में रमेश बैस का नाम कांग्रेस नेता की सिफारिश से भले ही आया हो, पर चर्चा अब सियासी गलियारों में तेज हो चुकी है।

Also Read: CG Liquor Scam VIDEO: चैतन्य बघेल को 14 दिन की जेल, 4 अगस्त न्यायिक रिमांड पर जेल भेजे गए, नंदकुमार बघेल, भूपेश बघेल और अब चैतन्य बघेल भी उसी जेल में

दक्षिण कोसल का Whatsapp Group ज्वाइन करे

Ravi Pratap Pandey

रवि पिछले 7 वर्षों से छत्तीसगढ़ में सक्रिय पत्रकार हैं। उन्होंने राज्य के सामाजिक, राजनीतिक और सांस्कृतिक पहलुओं पर गहराई से रिपोर्टिंग की है। जमीनी हकीकत को उजागर करने और आम जनता की आवाज़ को मंच देने के लिए वे लगातार लेखन और रिपोर्टिंग करते रहे हैं।

Related Articles

Back to top button