
छत्तीसगढ़ में चल रहे भारत निर्वाचन विभाग के मतदाता सूची सत्यापन और संशोधन (SIR) विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान में बलौदाबाजार में जिले के निर्वाचन कार्यों के प्रति गंभीरता दिखाते हुए प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। कलेक्टर और जिला निर्वाचन अधिकारी दीपक सोनी के निर्देश पर एसआईआर प्रक्रिया में रुचि न लेने, डिजिटाइजेशन की धीमी प्रगति और बीएलओ ऐप में गणना पत्रक की ऑनलाइन प्रविष्टि नहीं करने पर तीन शिक्षकों को निलंबित कर दिया गया। यह कार्रवाई विशेष गहन पुनरीक्षण 2026 के दौरान हुई जांच के आधार पर की गई है।
पलारी में सहायक शिक्षक पर कार्रवाई
पलारी विकासखंड के शासकीय प्राथमिक शाला बम्हनी में पदस्थ सहायक शिक्षक प्रीतम कुमार ध्रुव को निलंबित किया गया है। उन्हें गणना पत्रक वितरण और संग्रहण के साथ बीएलओ ऐप पर ऑनलाइन प्रविष्टि की जिम्मेदारी दी गई थी। समीक्षा के दौरान पाया गया कि उन्होंने यह कार्य नहीं किया। इसके बाद उन्हें निलंबित कर उनका मुख्यालय बदलकर ब्लॉक शिक्षा कार्यालय पलारी कर दिया गया।
भाटापारा के दो शिक्षक भी निलंबित
भाटापारा विकासखंड में भी दो शिक्षकों पर कार्रवाई की गई है। इनमें अजय प्रकाश बंजारे, जो शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला भाटापारा में पदस्थ हैं, और द्रोपती ध्रुव, जो शासकीय प्राथमिक शाला निपनिया में कार्यरत हैं। जांच में दोनों पर एसआईआर कार्य के प्रति लापरवाही, वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशों की अनदेखी और सौंपे गए काम में रुचि न लेने के आरोप साबित हुए।
कानूनी प्रावधानों के तहत हुई कार्रवाई
सभी शिक्षकों के खिलाफ कार्रवाई लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम 1950 की धारा 13(2), छत्तीसगढ़ सिविल सेवा आचरण नियम 1965 और छत्तीसगढ़ सिविल सेवा वर्गीकरण, नियंत्रण और अपील नियम 1966 के नियम 9(1)(a) के तहत की गई। निलंबन अवधि में उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता दिया जाएगा।
प्रशासन ने दिया स्पष्ट संदेश
जिला प्रशासन ने कहा कि निर्वाचन प्रक्रिया से जुड़े किसी भी कर्मचारी द्वारा लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। मतदाता सूची पुनरीक्षण जैसे महत्वपूर्ण कामों में लापरवाही सामने आने पर आगे भी इसी प्रकार की कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन की यह सख्ती चुनाव तैयारी की गंभीरता को दिखाती है और सभी कर्मचारियों को समय पर और जिम्मेदारी के साथ काम करने का संदेश देती है।



