CG Cyber Fraud Alert: सावधान! ट्रैफिक चालान के नाम पर खाली हो सकता है बैंक खाता, पुलिस ने फर्जी लिंक को लेकर जारी की चेतावनी

CG Cyber Fraud Alert: रायपुर यातायात पुलिस ने इन दिनों तेजी से फैल रहे साइबर ठगी के एक नए तरीके को लेकर जनता को अलर्ट किया है। ठग अब लोगों को मोबाइल पर फर्जी ई-चालान के मैसेज भेजकर उनके बैंक खातों में सेंध लगा रहे हैं। इन संदेशों में एक लिंक दिया होता है जो दिखने में बिल्कुल सरकारी वेबसाइट जैसा लगता है। जैसे ही कोई व्यक्ति इस लिंक पर क्लिक कर भुगतान करने की कोशिश करता है, उसकी बैंकिंग जानकारी चोरी हो जाती है। पुलिस ने साफ किया है कि किसी भी अनजान नंबर से आए मैसेज पर भरोसा न करें और अपनी मेहनत की कमाई को सुरक्षित रखें।

केवल इन वेबसाइट और ऐप का करें इस्तेमाल

यातायात पुलिस के अनुसार, अपने वाहन का पेंडिंग चालान चेक करने या भुगतान करने के लिए हमेशा आधिकारिक प्लेटफॉर्म का ही चुनाव करना चाहिए। इसके लिए सरकार की अधिकृत वेबसाइट [संदिग्ध लिंक हटा दिया गया] या NextGen mParivahan App सबसे सुरक्षित माध्यम हैं। अनजान पोर्टल या थर्ड पार्टी एप्लीकेशन से पेमेंट करने पर न केवल धोखाधड़ी का डर रहता है, बल्कि आपको टैक्स के रूप में अतिरिक्त पैसे भी चुकाने पड़ सकते हैं। आधिकारिक ऐप के जरिए भुगतान करने पर कोई भी एक्स्ट्रा चार्ज नहीं लिया जाता है।

असली और नकली मैसेज की पहचान कैसे करें

ठग अक्सर मिलते-जुलते नाम वाली फर्जी वेबसाइट का इस्तेमाल करते हैं। असली सरकारी मैसेज हमेशा कुछ खास सेंडर आईडी से ही आते हैं। अगर आपको BV-VAAHAN-G, BT-VAAHAN-G, BH-VAAHAN-G, BM-VAAHAN-G या BZ-VAAHAN-G जैसी आईडी से मैसेज मिले, तभी उसे आधिकारिक मानें। इसके बावजूद, किसी भी लिंक पर क्लिक करने से पहले परिवहन विभाग की मुख्य वेबसाइट पर जाकर चालान नंबर के जरिए उसे वेरिफाई जरूर करें। संदिग्ध कॉल पर किसी को भी अपना ओटीपी (OTP) साझा न करें, चाहे सामने वाला व्यक्ति खुद को पुलिस अधिकारी ही क्यों न बताए।

ठगी का शिकार होने पर तुरंत उठाएं ये कदम

अगर सावधानी बरतने के बाद भी आप किसी साइबर धोखाधड़ी के जाल में फंस जाते हैं, तो समय गंवाए बिना कार्रवाई करें। सबसे पहले राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर फोन करें या cybercrime.gov.in पोर्टल पर अपनी शिकायत दर्ज कराएं। इसके साथ ही अपने बैंक को तुरंत सूचित करें ताकि आपके खाते या कार्ड से होने वाले ट्रांजैक्शन को ब्लॉक किया जा सके। शुरुआती एक-दो घंटों के भीतर की गई रिपोर्ट से पैसे वापस मिलने की संभावना काफी अधिक रहती है।

एम-परिवहन ऐप के जरिए डिजिटल सुरक्षा

रायपुर पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि वे अपने मोबाइल में NextGen mParivahan App जरूर रखें। इस एप्लीकेशन में आप अपने ड्राइविंग लाइसेंस (DL) और वाहन रजिस्ट्रेशन (RC) जैसे जरूरी दस्तावेजों को डिजिटल रूप में सुरक्षित रख सकते हैं। यह ऐप न केवल आपको फर्जीवाड़े से बचाता है बल्कि परिवहन विभाग की अन्य सुविधाओं का लाभ उठाने का सबसे सुरक्षित जरिया भी है। पुलिस का कहना है कि डिजिटल जागरूकता ही साइबर अपराधों के खिलाफ सबसे बड़ा हथियार है।

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Ravi Pratap Pandey

रवि पिछले 7 वर्षों से छत्तीसगढ़ में सक्रिय पत्रकार हैं। उन्होंने राज्य के सामाजिक, राजनीतिक और सांस्कृतिक पहलुओं पर गहराई से रिपोर्टिंग की है। जमीनी हकीकत को उजागर करने और आम जनता की आवाज़ को मंच देने के लिए वे लगातार लेखन और रिपोर्टिंग करते रहे हैं।

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