
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राज्यसभा में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर चर्चा का जवाब देते हुए छत्तीसगढ़ के बस्तर का विशेष उल्लेख किया। उन्होंने पिछली सरकारों की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए कहा कि बस्तर के कई गांवों के लोगों ने आजादी के इतने सालों बाद अब जाकर पहली बार बस देखी है। पीएम ने कहा कि विपक्ष ने दशकों तक देश के दूरदराज इलाकों को उनके हाल पर छोड़ दिया था। एस्पिरेशनल डिस्ट्रिक्ट (आकांक्षी जिला) कार्यक्रम के जरिए अब इन क्षेत्रों में जमीनी स्तर पर बदलाव दिख रहा है।
‘जीप और खच्चर’ वाले मॉडल पर तंज
पीएम मोदी ने कांग्रेस की पुरानी नीतियों पर हमला करते हुए पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के एक पुराने भाषण का हवाला दिया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस का मॉडल हमेशा से जमीनी हकीकत से दूर रहा है। पीएम ने किस्सा सुनाया कि कैसे एक समय योजना आयोग पहाड़ों में सामान ढोने के लिए खच्चरों के बजाय जीप के लिए पैसे देने पर अड़ा रहता था, जबकि वहां सड़कें तक नहीं थीं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस नेता अपनी ही व्यवस्था की कमियां जानते थे लेकिन उसे सुधारने के लिए कभी ठोस कदम नहीं उठाए।
नीति आयोग और नए भारत की प्लानिंग
प्रधानमंत्री ने कहा कि 2014 तक देश की पूरी व्यवस्था प्लानिंग कमीशन के पुराने ढर्रे से परेशान थी। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार ने सत्ता में आते ही दशकों पुराने योजना आयोग को खत्म कर ‘नीति आयोग’ की स्थापना की। पीएम के मुताबिक नीति आयोग आज राज्यों के साथ मिलकर तेज गति से काम कर रहा है और पुरानी फाइलों में दबे रहने के बजाय सीधे परिणामों पर जोर दे रहा है। उन्होंने साफ किया कि अब योजनाएं दिल्ली के कमरों में नहीं बल्कि गांव की जरूरतों को देखकर बनती हैं।
नर्मदा बांध और प्रोजेक्ट्स में देरी का सच
इंप्लीमेंटेशन (क्रियान्वयन) के मुद्दे पर बोलते हुए पीएम मोदी ने सरदार सरोवर बांध का उदाहरण दिया। उन्होंने कहा कि इस बांध की कल्पना सरदार पटेल ने की थी और नेहरू जी ने इसकी नींव रखी थी। लेकिन दशकों तक इसे पूरा नहीं किया गया। पीएम ने बताया कि जब वे गुजरात के मुख्यमंत्री थे, तब उन्हें इस काम को आगे बढ़ाने के लिए तीन दिनों तक अनशन करना पड़ा था। अंततः प्रधानमंत्री बनने के बाद उन्होंने खुद इस बड़े प्रोजेक्ट का उद्घाटन किया, जो कांग्रेस की कछुआ चाल को दर्शाता है।
छोटे किसानों को बनाया अपनी ताकत
किसानों के मुद्दे पर विपक्ष को घेरते हुए पीएम मोदी ने कहा कि देश के 10 करोड़ छोटे किसानों की कांग्रेस ने कभी चिंता नहीं की। पिछली सरकारों का ध्यान केवल बड़े किसानों और रसूखदारों पर रहता था ताकि उनकी राजनीति चलती रहे। प्रधानमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार ने छोटे किसानों के दर्द को समझा और ‘पीएम किसान सम्मान निधि’ की शुरुआत की। अब तक 4 लाख करोड़ रुपये सीधे छोटे किसानों के खातों में भेजे जा चुके हैं जिससे वे आत्मनिर्भर बन रहे हैं।
सदन में शोर-शराबा और विपक्ष का वॉकआउट
पीएम मोदी के भाषण के दौरान सदन में भारी हंगामा भी देखने को मिला। विपक्षी सदस्य वेल में आकर नारेबाजी करने लगे और विरोध स्वरूप सदन से बाहर (वॉकआउट) चले गए। विपक्ष की गैर-मौजूदगी में भी पीएम ने अपना संबोधन जारी रखा और कहा कि देश आज तेज प्रगति के पथ पर है और अब पुरानी कार्यशैली को पीछे छोड़ चुका है। उन्होंने जोर देकर कहा कि उनकी सरकार का लक्ष्य केवल योजनाएं बनाना नहीं बल्कि उन्हें आखिरी व्यक्ति तक पहुंचाना है।



