BJP MLA Purandar Mishra Cyber Fraud Case: रायपुर में भाजपा विधायक पुरंदर मिश्रा से ठगी का मामला: ओडिशा से दबोचा गया शातिर जालसाज, रायपुर पुलिस को मिली बड़ी कामयाबी

BJP MLA Purandar Mishra Fraud Case: छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के वरिष्ठ विधायक पुरंदर मिश्रा को अपना शिकार बनाने वाले शातिर ठग को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। रायपुर कमिश्नरेट पुलिस ने तकनीकी इनपुट्स के आधार पर त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी को पड़ोसी राज्य ओडिशा से धर दबोचा है। पुलिस की एक विशेष टीम आरोपी को ट्रांजिट रिमांड पर लेकर रायपुर लौट रही है। पुलिस के आला अधिकारियों का कहना है कि बुधवार सुबह इस पूरे मामले का औपचारिक रूप से राजफाश किया जाएगा। वीआईपी सुरक्षा और रसूखदार नेताओं को निशाना बनाने वाले इस गिरोह के पकड़े जाने से पुलिस महकमे ने बड़ी राहत की सांस ली है।

खुद को बताया भाजपा के राष्ट्रीय नेता का पीए, व्हाट्सएप पर बड़े चेहरों के साथ लगा रखी थी तस्वीर

इस हाई-प्रोफाइल ठगी की शुरुआत एक फर्जी फोन कॉल से हुई थी। शातिर जालसाज ने विधायक पुरंदर मिश्रा के मोबाइल पर संपर्क साधा और खुद को भाजपा के कद्दावर नेता व राष्ट्रीय पदाधिकारी नितिन नवीन का निजी सहायक (पीए) बताया। ठग ने विधायक को झांसा दिया कि वह किसी विभागीय काम से सड़क मार्ग द्वारा भुवनेश्वर जा रहा है, लेकिन रास्ते में ड्राइवर के साथ कुछ गंभीर विवाद और गाड़ी खराब होने के कारण वह बीच मझधार में फंस गया है। उसने अपनी बात को सच साबित करने के लिए अपने सोशल मीडिया और व्हाट्सएप प्रोफाइल पर नितिन नवीन समेत कई राष्ट्रीय नेताओं के साथ एडिट की हुई तस्वीरें लगा रखी थीं, जिससे विधायक आसानी से उसके झांसे में आ गए।

डीजल भरवाने के नाम पर मांगे पैसे, जगन्नाथ मंदिर के सेवक के जरिए खाते में भेजे गए 10 हजार रुपए

आरोपी ने विधायक से फोन पर बेहद शालीनता से बात करते हुए डीजल भरवाने और रास्ते के अन्य खर्चों के लिए तत्काल पैसों की मदद मांगी। उसने शुरुआत में केवल 4,500 रुपए की मांग की थी। फोन पर उसकी घबराहट और परेशानी की बात सुनकर विधायक पुरंदर मिश्रा ने मानवता के नाते तुरंत मदद करने का फैसला किया। विधायक ने खुद पैसे भेजने के बजाय पुरी जगन्नाथ मंदिर के सेवक नारायण मिश्रा को फोन किया और उनके माध्यम से ठग द्वारा दिए गए बैंक खाते में कुल 10 हजार रुपए डिजिटल माध्यम से ट्रांसफर करवा दिए।

डेढ़ घंटे बाद दोबारा फोन आने पर गहराया शक, नितिन नवीन के दफ्तर फोन करने पर खुली पोल

ठगी का असली खुलासा तब हुआ जब आरोपी ने रकम मिलने के ठीक डेढ़ घंटे बाद दोबारा विधायक को फोन घुमाया और कुछ और पैसों की मांग की। इतनी जल्दी दोबारा पैसे मांगे जाने पर विधायक पुरंदर मिश्रा को संदेह हुआ। उन्होंने गणित लगाया कि रायपुर से भुवनेश्वर की दूरी काफी ज्यादा है और इतनी कम अवधि में कोई भी व्यक्ति वहां नहीं पहुंच सकता। संदेह गहराने पर विधायक ने तुरंत दिल्ली स्थित नितिन नवीन के केंद्रीय कार्यालय में संपर्क किया और संबंधित नाम के कर्मचारी के बारे में पूछताछ की। वहां से स्पष्ट जवाब मिला कि इस नाम का कोई भी व्यक्ति उनके दफ्तर में काम नहीं करता है।

खम्हारडीह थाने में दर्ज हुई एफआईआर, साइबर सेल ने ओडिशा में घेराबंदी कर आरोपी को दबोचा

अपने साथ हुई धोखाधड़ी का अहसास होते ही विधायक पुरंदर मिश्रा ने तुरंत रायपुर के खम्हारडीह थाने में अज्ञात आरोपी के खिलाफ धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज कराया। मामला सत्ताधारी दल के विधायक से जुड़ा होने के कारण रायपुर पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों ने तत्काल एक संयुक्त टीम और साइबर सेल को जांच सौंप दी। पुलिस ने कॉल डिटेल रिकॉर्ड (सीडीआर), सिम कार्ड के लोकेशन और बैंक खाते के ट्रांजैक्शन की बारीकी से पड़ताल की, जिससे आरोपी की लोकेशन ओडिशा में ट्रेस हुई। रायपुर पुलिस की टीम ने तत्काल ओडिशा रवाना होकर स्थानीय पुलिस की मदद से छापेमारी की और आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।

अनजान नंबरों से आने वाली कॉल से सावधान रहने की अपील, लेनदेन से पहले सत्यापन जरूरी

इस घटना के बाद विधायक पुरंदर मिश्रा ने आम जनता और विशेष रूप से सीधे-सादे लोगों से डिजिटल ठगी को लेकर सतर्क रहने की अपील की है। उन्होंने कहा कि आजकल साइबर अपराधी नए-नए पैंतरे अपनाकर लोगों को अपना शिकार बना रहे हैं। किसी भी अनजान नंबर से कॉल आने पर या प्रोफाइल पर किसी बड़े नेता या अधिकारी की तस्वीर देखकर तुरंत भरोसा नहीं करना चाहिए। किसी भी तरह का आर्थिक लेनदेन करने से पहले संबंधित व्यक्ति के मुख्य नंबर पर सीधे फोन लगाकर जानकारी की सत्यता जांच लेनी चाहिए, ताकि किसी भी तरह के नुकसान से बचा जा सके।

रायपुर में वीआईपी नेताओं की सुरक्षा पर सवाल, पूर्व विधानसभा अध्यक्ष भी हो चुके हैं लूट के शिकार

राजधानी रायपुर में हाल के दिनों में वीआईपी चेहरों और भाजपा नेताओं को निशाना बनाने की यह दूसरी बड़ी वारदात है, जिसने शहर की कानून व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। इससे पहले देवेंद्र नगर जैसे पॉश इलाके में पूर्व विधानसभा अध्यक्ष धरमलाल कौशिक जब सुबह की सैर (मॉर्निंग वॉक) पर निकले थे, तब बाइक सवार लुटेरे उनका मोबाइल छीनकर फरार हो गए थे। हालांकि उस मामले में भी मुस्तैदी दिखाते हुए रायपुर पुलिस ने महज आठ घंटे के भीतर आरोपियों को सलाखों के पीछे भेज दिया था। पुलिस अब ओडिशा से पकड़े गए इस ठग से पूछताछ कर यह पता लगा रही है कि उसने अब तक और कितने नेताओं या आम लोगों को चूना लगाया है।

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Ravi Pratap Pandey

रवि पिछले 7 वर्षों से छत्तीसगढ़ में सक्रिय पत्रकार हैं। उन्होंने राज्य के सामाजिक, राजनीतिक और सांस्कृतिक पहलुओं पर गहराई से रिपोर्टिंग की है। जमीनी हकीकत को उजागर करने और आम जनता की आवाज़ को मंच देने के लिए वे लगातार लेखन और रिपोर्टिंग करते रहे हैं।

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