
छत्तीसगढ़ सरकार ने नवा रायपुर अटल नगर के विकास और वहां रहने वाले लोगों की सहूलियत के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। राजस्व विभाग ने नवा रायपुर को स्वतंत्र तहसील बनाने का प्रस्ताव छत्तीसगढ़ राजपत्र में प्रकाशित कर दिया है। वर्तमान में इस क्षेत्र के लोगों को अपने जमीन और राजस्व संबंधी कार्यों के लिए रायपुर, अभनपुर या मंदिर हसौद के चक्कर लगाने पड़ते थे। नई तहसील बनने के बाद अब स्थानीय स्तर पर ही तहसीलदार और अन्य राजस्व अधिकारियों की उपलब्धता होगी, जिससे सरकारी कामकाज की रफ्तार बढ़ेगी।
चार पुरानी तहसीलों से अलग होंगे गांव: ऐसा होगा नया ढांचा
नवा रायपुर अटल नगर तहसील का गठन केवल किसी एक क्षेत्र से नहीं बल्कि चार प्रमुख तहसीलों के पुनर्गठन से होगा। इसमें रायपुर, मंदिर हसौद, गोबरा नवापारा और अभनपुर तहसीलों के कुछ हिस्सों को काटकर नई सीमाएं तय की गई हैं। प्रशासनिक कार्यों को सुचारू बनाने के लिए इसमें 6 राजस्व निरीक्षक मंडल (RI Circle) शामिल किए गए हैं:
- राजस्व निरीक्षक मंडल: पलौद, मंदिर हसौद, केंद्री, तोरला, सेरीखेड़ी और रायपुर-18 (कंदुल)।
- पटवारी हलके: नई तहसील में कुल 20 पटवारी हलकों को शामिल किया गया है।
- सीमाएं: उत्तर में मंदिर हसौद, दक्षिण में अभनपुर, पूर्व में गोबरा नवापारा और पश्चिम में रायपुर तहसील होगी।
20 पटवारी हल्कों के 39 गांव होंगे शामिल
Village List. नई तहसील के दायरे में कुल 39 गांवों को लाने का प्रस्ताव है। इन गांवों के निवासियों को अब अपने छोटे-छोटे राजस्व कार्यों के लिए दूर नहीं जाना होगा। शामिल होने वाले प्रमुख गांव इस प्रकार हैं:
- पलौद, परसदा, सेंद्री, चिचा, बरौदा और कयाबांधा।
- नवागांव, खपरी, कुहेरा, राखी, कोटनी और कोटराभाठा।
- तेंदुल, छटौना, बेंद्री, निमोरा, उपरवारा और तुता।
- खंडवा, भेलवाडीह, पचेडा, चेरिया, पाऊटा और बंजारी।
- तेंदुआ, कुर्रू, नकट्टी, टेमरी, धरमपुरा और बनारसी।
- कंदुल, माना और अन्य निकटवर्ती क्षेत्र।

60 दिनों में दे सकते हैं सुझाव: कैसे दर्ज कराएं आपत्ति?
सरकार ने इस प्रस्ताव पर आम नागरिकों से राय मांगी है। राजपत्र में प्रकाशन की तारीख (19 दिसंबर 2025) से लेकर अगले 60 दिनों तक कोई भी व्यक्ति अपनी आपत्ति या सुझाव शासन को भेज सकता है। सुझाव लिखित रूप में ‘राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग, महानदी भवन, नवा रायपुर’ को भेजे जा सकते हैं। इस समय सीमा के बाद प्राप्त सुझावों पर विचार नहीं किया जाएगा और सरकार अंतिम अधिसूचना जारी कर तहसील का औपचारिक उद्घाटन करेगी। साय सरकार का मानना है कि इस फैसले से अटल नगर एक आधुनिक प्रशासनिक हब के रूप में और मजबूती से उभरेगा।




