
CG Government School Shala Pravesh Utsav: छत्तीसगढ़ में भीषण गर्मी की छुट्टियों के बाद आगामी 15 जून 2026 से सभी सरकारी स्कूल एक बार फिर बच्चों की रौनक से गुलजार होने जा रहे हैं। नए शैक्षणिक सत्र की शुरुआत को बच्चों के लिए खास और यादगार बनाने के लिए शिक्षा विभाग ने जमीनी स्तर पर व्यापक तैयारियां शुरू कर दी हैं। इस बार स्कूल खुलने के पहले दिन केवल सामान्य कक्षाओं की शुरुआत नहीं होगी, बल्कि इसे ‘शाला प्रवेश उत्सव’ के रूप में बेहद खास अंदाज में मनाया जाएगा। स्कूल पहुंचने वाले छात्र-छात्राओं का स्वागत पारंपरिक तरीके से माथे पर तिलक लगाकर और आरती उतारकर किया जाएगा ताकि वे उत्साह के साथ अपनी पढ़ाई की शुरुआत कर सकें।
बिलासपुर जिले के स्कूलों में शाला प्रवेश उत्सव की बड़ी तैयारी, ढाई लाख से अधिक बच्चों के स्वागत की रूपरेखा
शिक्षा विभाग ने इस साल शाला प्रवेश कार्यक्रम को एक बड़े अभियान के रूप में आयोजित करने का निर्णय लिया है। अकेले बिलासपुर जिले के सरकारी स्कूलों में करीब ढाई लाख से अधिक छात्र-छात्राएं पढ़ाई कर रहे हैं। इतने बड़े पैमाने पर बच्चों को स्कूलों में पढ़ाई के लिए बेहतर और खुशनुमा माहौल देने के लिए प्रशासनिक अमला लगातार काम कर रहा है। विभाग का मुख्य उद्देश्य यह है कि लंबी छुट्टियों के बाद जब बच्चे दोबारा अपने स्कूल लौटें, तो उन्हें पूरा परिसर बदला हुआ, साफ-सुथरा, सुंदर और काफी आकर्षक नजर आए।
आठ हजार से ज्यादा प्राथमिक और माध्यमिक शालाओं में मरम्मत का काम तेज, पेयजल और शौचालय व्यवस्था पर विशेष ध्यान
जिले की लगभग आठ हजार से अधिक प्राथमिक और पूर्व माध्यमिक शालाओं में साफ-सफाई और रंग-रोगन का काम इस समय युद्धस्तर पर चल रहा है। महीनों से बंद पड़े कमरों की धूल साफ करने के साथ-साथ भीषण गर्मी को देखते हुए पीने के पानी की व्यवस्था को दुरुस्त किया जा रहा है। इसके अलावा स्कूल परिसरों में बने शौचालयों की स्वच्छता और मरम्मत पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है ताकि स्कूल आने वाले छोटे बच्चों को किसी भी तरह की व्यावहारिक परेशानी या असुविधा का सामना न करना पड़े।
लेटलतीफी की शिकायतें होंगी दूर, शैक्षणिक सत्र के पहले ही दिन छात्रों को बांटी जाएंगी नई पाठ्यपुस्तकें
शिक्षा विभाग इस बार नए सत्र की पढ़ाई को पहले दिन से ही पूरी तरह व्यवस्थित बनाने की कोशिश में जुटा है। इसके लिए 15 जून को ही सभी विद्यार्थियों को नई पाठ्यपुस्तकें और सरकार की तरफ से मिलने वाला मुफ्त गणवेश (य्यूनिफॉर्म) उपलब्ध करा दिया जाएगा। अमूमन हर साल यह शिकायत सामने आती थी कि स्कूल शुरू होने के कई महीनों बाद तक बच्चों को कोर्स की किताबें नहीं मिल पाती थीं। इस पुरानी ढर्रे की व्यवस्था को बदलने के लिए जिला प्रशासन ने पहले से ही सभी संकुल केंद्रों में पर्याप्त मात्रा में किताबों का स्टॉक भेज दिया है।
स्कूल पहुंचते ही बच्चों के हाथ में होगी नई ड्रेस, बिना किसी रुकावट के पहले दिन से ही शुरू हो सकेगी नियमित पढ़ाई
शिक्षा विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के अनुसार, इस बार पूरी कोशिश यही है कि 15 जून को जैसे ही बच्चे स्कूल की दहलीज पर कदम रखें, उनके हाथों में उनकी नई कक्षा की किताबें और यूनिफॉर्म सौंप दी जाए। इस त्वरित व्यवस्था से शिक्षकों को भी काफी आसानी होगी और वे बिना किसी समय की बर्बादी या रुकावट के पहले दिन से ही बच्चों का नियमित अध्यापन कार्य शुरू करा सकेंगे। इसके लिए सभी प्राचार्यों और संकुल समन्वयकों को जिम्मेदारी तय करते हुए स्टॉक का मिलान करने को कहा गया है।
बंद पड़े परिसरों में झाड़ियों की कटाई और सैनिटाइजेशन का काम शुरू, प्राचार्यों को स्वच्छता बनाए रखने के सख्त निर्देश
लंबे समय से बंद पड़े रहने के कारण स्कूल परिसरों और मैदानों में उगी अनावश्यक झाड़ियों तथा घास-फूस की कटाई के लिए सभी स्कूलों के प्राचार्यों को स्पष्ट गाइडलाइन जारी कर दी गई है। क्लासरूम की डस्टिंग और सैनिटाइजेशन के काम को अनिवार्य किया गया है। इसके साथ ही पानी की टंकियों की अच्छी तरह से ब्लीचिंग पाउडर डालकर सफाई कराई जा रही है ताकि बच्चों को पीने के लिए पूरी तरह सुरक्षित और स्वच्छ पानी मिल सके और मौसमी बीमारियों का खतरा न रहे।
स्थानीय जनप्रतिनिधियों और पालकों की मौजूदगी में मनेगा उत्सव, बच्चों का मुंह मीठा कराकर बढ़ाया जाएगा भरोसा
इस बार शाला प्रवेश उत्सव को केवल एक सरकारी औपचारिकता या कागजी कार्यक्रम तक सीमित नहीं रखा जाएगा। स्कूल प्रबंधन समितियों की बैठकों के जरिए इसमें स्थानीय जनप्रतिनिधियों, गांव के पंच-सरपंच, बच्चों के माता-पिता (पालकों) और समाजसेवियों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की जा रही है। पहले दिन स्कूलों में बच्चों का मुंह मीठा कराने के लिए विशेष भोज या मिठाई की व्यवस्था होगी। ग्रामीणों और अभिभावकों की उपस्थिति में होने वाले इन स्वागत कार्यक्रमों से सरकारी स्कूल प्रणाली के प्रति आम जनता का भरोसा और अधिक मजबूत होगा।
जिला शिक्षा अधिकारी विजय तांडे ने कहा- व्यवस्था की हो रही है लगातार मॉनिटरिंग, नौनिहालों को मिलेगा बेहतरीन माहौल
बिलासपुर के जिला शिक्षा अधिकारी विजय तांडे ने बताया कि 15 जून से शुरू हो रहा नया शैक्षणिक सत्र बेहद खास होने जा रहा है। हमारा प्राथमिक लक्ष्य यही है कि पहले ही दिन जिले के हर एक सरकारी स्कूल में अंतिम छोर पर बैठे बच्चे तक नई किताबें और यूनिफॉर्म पहुंच जाए। उन्होंने कहा कि स्कूलों में चल रही स्वच्छता और स्वागत की तैयारियों की जिला स्तर की टीमों द्वारा लगातार मॉनिटरिंग की जा रही है ताकि प्रदेश के नौनिहालों को पढ़ाई के लिए एक सुरक्षित और बेहतरीन माहौल मिल सके।



