
PM Awas Yojana Gramin Installment: ग्रामीण क्षेत्रों के अंतिम व्यक्ति तक सरकारी योजनाओं का लाभ पारदर्शिता और तेजी से पहुंचाने के लिए सुकमा जिला प्रशासन ने पहल की है। ‘प्रशासन आपके द्वार’ अभियान के तहत जिले भर में विशेष डीबीटी लिंकिंग शिविर आयोजित किए जा रहे हैं। कलेक्टर अमित कुमार के नेतृत्व और जिला पंचायत सीईओ मुकुंद ठाकुर के मार्गदर्शन में शुरू की गई इस व्यवस्था का मुख्य उद्देश्य उन प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के लाभार्थियों की समस्या हल करना है, जिनकी किश्तें बैंक खाते में डीबीटी (डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर) लिंक न होने के कारण रुकी हुई थीं।
16 क्लस्टरों में लगाए जा रहे विशेष डीबीटी लिंकिंग शिविर
PM Awas Yojana Installment: दो दिवसीय अभियान को परिणामोन्मुखी बनाने के लिए जिले की तीनों जनपद पंचायतों के 16 चयनित क्लस्टरों में व्यापक तैयारियां की गई हैं। इन शिविरों की सबसे बड़ी खासियत यह है कि यहां बैंक प्रतिनिधि, जनपद अधिकारी, ग्राम पंचायत सचिव और रोजगार सहायकों की संयुक्त टीम एक ही जगह मौजूद रहेगी। इससे ग्रामीणों को अपने बैंक खाते में डीबीटी लिंक कराने और दस्तावेजों के सत्यापन के लिए सरकारी दफ्तरों के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे।
मौके पर ही दूर की जा रही हैं तकनीकी खामियां
विशेष शिविरों के माध्यम से ग्रामीणों की तकनीकी समस्याओं का समाधान एक ही छत के नीचे किया जा रहा है। बैंक खाता सक्रिय न होना, आधार से लिंक न होना या डीबीटी इनेबल न होने जैसी दिक्कतों का तुरंत निपटारा किया जा रहा है। इस सुव्यवस्थित कार्यप्रणाली से सुदूर ग्रामीण अंचलों में सरकारी तंत्र के प्रति आम नागरिकों का विश्वास और मजबूत हो रहा है।
जून और जुलाई में 31.87 करोड़ रुपये की राशि हस्तांतरित
सुकमा जिला प्रशासन पीएम आवास योजना के तहत समय पर वित्तीय सहायता पहुंचाने के लिए लगातार प्रयासरत है। बीते दो महीनों जून और जुलाई में रिकॉर्ड 7,320 लाभार्थियों के खातों में फंड ट्रांसफर ऑर्डर (एफटीओ) के जरिए लगभग 31.87 करोड़ रुपये की राशि सीधे भेजी जा चुकी है। अब शत-प्रतिशत डीबीटी लिंकिंग का लक्ष्य पूरा होने से शेष बचे परिवारों को भी जल्द भुगतान मिलेगा।
आवास निर्माण के कार्यों में आएगी तेजी
बैंक खातों में डीबीटी लिंक होने और रुकी हुई किश्तों का भुगतान होने से जिले में घरों के निर्माण कार्य को नई गति मिलेगी। जो लाभार्थी बजट की कमी के कारण अपना घर आगे नहीं बना पा रहे थे, उन्हें वित्तीय मदद मिलते ही निर्माण कार्य पूरा करने में आसानी होगी। जिला प्रशासन का प्रयास है कि मानसून के मौसम में भी कोई भी पात्र परिवार अपनी जायज किश्त से वंचित न रहे।



