
CG Local Body Election Result: छत्तीसगढ़ में हाल ही में संपन्न हुए पंचायत और नगरीय निकायों के आम व उपचुनाव के नतीजे आज घोषित किए जाएंगे. राज्य निर्वाचन आयोग की ओर से मतगणना को लेकर अपनी सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं. सुबह से ही मतों की गिनती शुरू हो जाएगी, जिसके साथ ही 5 नगरीय निकाय अध्यक्ष, 71 पार्षद, 10 जनपद पंचायत सदस्य, 34 सरपंच और 107 पंच पदों के लिए मैदान में उतरे उम्मीदवारों के भाग्य का फैसला हो जाएगा. इस चुनाव को ग्रामीण और शहरी दोनों ही क्षेत्रों में स्थानीय विकास की नई दिशा तय करने के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है.
प्रदेश के 13 केंद्रों पर होगी वोटों की गिनती, करीब 400 कर्मचारी संभालेंगे मोर्चा
मतों की पारदर्शिता और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए राज्य निर्वाचन आयोग ने प्रदेशभर में 13 निर्धारित मतगणना केंद्र बनाए हैं. इन केंद्रों पर सुबह से ही कड़ी सुरक्षा के बीच मतपेटियों और ईवीएम को खोला जाएगा. वोटों की गिनती के इस पूरे काम को सुचारू रूप से संपन्न कराने के लिए कुल 395 अनुभवी अधिकारियों और कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई है. मतगणना केंद्रों के बाहर प्रत्याशियों और उनके समर्थकों का हुजूम जुटना शुरू हो गया है, जिससे राजनीतिक सरगर्मी काफी बढ़ गई है.
मई में हुआ था चुनावी बिगुल का ऐलान, एक जून को जनता ने ईवीएम में बंद की थी किस्मत
राज्य निर्वाचन आयोग ने मई महीने में इन नगरीय निकाय और पंचायत उपचुनावों के विस्तृत कार्यक्रम की घोषणा की थी. अधिसूचना जारी होने के बाद नामांकन दाखिल करने, उनकी जांच और नाम वापसी की तमाम वैधानिक प्रक्रियाएं समय पर पूरी की गईं. इसके बाद 1 जून को मतदाताओं ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया था. आयोग के अनुसार, पूरे चुनावी चक्र को निष्पक्ष और शांतिपूर्ण तरीके से कराने के लिए संवेदनशील मतदान केंद्रों पर अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात किए गए थे.
नवगठित नगर पंचायतों के नतीजों पर टिकी सबकी नजरें, घुमका और बम्हनीडीह में कड़ा मुकाबला
इस बार के नगरीय निकाय चुनाव में कुल 5 अध्यक्ष और 71 पार्षद पदों के लिए वोट डाले गए थे. इनमें कई ऐसी नगर पंचायतें भी शामिल हैं जिनका गठन हाल ही में हुआ है और वहां पहली बार स्थानीय सरकार चुनी जा रही है. यही कारण है कि राजनांदगांव जिले की घुमका, जांजगीर-चांपा जिले की बम्हनीडीह, सूरजपुर जिले की शिवानंदनपुर और बालोद जिले की पलारी नगर पंचायत के चुनावी नतीजों पर हर किसी की खास नजर टिकी हुई है. इन क्षेत्रों में पहली बार वोट देने को लेकर जनता में अलग ही उत्साह था.
ग्रामीणों ने भी दिखाया भारी उत्साह, पंचायत चुनाव में रिकॉर्ड तोड़ मतदान से बदले समीकरण
त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के तहत 10 जनपद पंचायत सदस्य, 34 सरपंच और 107 पंच पदों के लिए ग्रामीण मतदाताओं ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया था. 1 जून को हुए मतदान के आंकड़ों पर गौर करें तो नगरीय निकायों में 31,928 मतदाताओं में से 27,006 लोगों ने वोट डाले, जिससे वहां 84.58 प्रतिशत का बंपर मतदान दर्ज हुआ. वहीं ग्रामीण क्षेत्रों में भी 1,02,797 मतदाताओं में से 79,968 लोगों ने अपने अधिकार का उपयोग किया, जिसके चलते वहां 78.61 प्रतिशत मतदान रिकॉर्ड किया गया. मतदान के लिए शहरों में 96 और गांवों में 274 केंद्र बनाए गए थे.
गैर-दलीय होने के बावजूद दांव पर राजनीतिक साख, प्रमुख दलों की धड़कनें तेज
जैसे-जैसे मतगणना का समय आगे बढ़ रहा है, प्रत्याशियों और राजनीतिक दलों की धड़कनें तेज होती जा रही हैं. वैसे तो स्थानीय निकाय और पंचायत के चुनाव तकनीकी रूप से गैर-दलीय आधार पर लड़े जाते हैं, लेकिन जमीनी हकीकत यह है कि इन नतीजों से ही मुख्य राजनीतिक दलों की ग्रामीण इलाकों में पकड़ और संगठनात्मक मजबूती का पता चलता है. यही वजह है कि राज्य के दोनों प्रमुख सियासी दल इन परिणामों को बेहद गंभीरता से ले रहे हैं और अंदरूनी तौर पर जीत-हार के समीकरणों का जोड़-घटाव किया जा रहा है.



