
मगरलोड: Rikshin Mata Mandir Kareli: मगरलोड विकासखंड मुख्यालय से महज 3 किलोमीटर दूर स्थित ग्राम करेली छोटी में इस बार भी दशहरा के पावन अवसर पर रिच्छिन माता अपने भक्तों को दर्शन देंगी। यह माता वर्ष में केवल एक बार दशहरा के दिन ही अदृश्य रूप में दर्शन देती हैं, जिसे देखने के लिए भक्तों की भारी भीड़ उमड़ती है।

लाल डांग में प्रवेश कर देती हैं दर्शन
करेली छोटी में पदमन दाऊ के निवास पर विराजित रिच्छिन माता का दर्शन कल 1 अक्टूबर, बुधवार को होगा। दशहरा के दिन, पुजारी और माता के भक्त गाजे-बाजे के साथ विशेष पूजा-अर्चना करते हैं। निवेदन के पश्चात, माता लाल रंग की डांग (छड़ी) में प्रवेश होकर भक्तों को दर्शन देती हैं। रिच्छिन माता को भक्त नारियल और अगरबत्ती चढ़ाते हैं। माता को मनोकामना पूर्ण करने वाली माना जाता है, इसीलिए लाल रंग की डांग में विराजित माता के दर्शन करने के लिए हजारों भक्तों की भीड़ जुटती है।

अखाड़ा प्रदर्शन और भव्य स्वागत
माता के इस अलौकिक दर्शन के दौरान भक्तों द्वारा भव्य स्वागत किया जाता है। भक्त माता की अगवानी में अखाड़ा प्रदर्शन करते हैं और तलवार चालन जैसे पारंपरिक खेल खेलते हुए माता को गांव की शीतला माता से भेंट मुलाकात कराने ले जाते हैं। जिन भक्तों की मनोकामनाएँ पूर्ण होती हैं, वे माता को मानवांछित सामग्री भेंट स्वरूप चढ़ाते हैं।
दूर-दूर से आते हैं भक्त
ग्रामीण अध्यक्ष लिखन साहू और सरपंच डॉ. परमेश्वर साहू सहित स्थानीय पदाधिकारियों ने बताया कि रिच्छिन माता की महिमा अपार है। उनके दर्शन के लिए मगरलोड ब्लॉक के अलावा धमतरी, रायपुर, गरियाबंद, महासमुंद, बालोद, कांकेर, राजनांदगांव, दुर्ग और भिलाई सहित दर्जनों बड़े शहरों से भक्त आते हैं। भक्तों की इस भारी भीड़ को व्यवस्थित करने के लिए पुलिस बल की तगड़ी व्यवस्था की जाती है। अदृश्य रूप में माता अपने भक्तों की हर मनोकामना पूरी करती हैं।




