CG Teacher Recruitment DEd Candidates Protest: छत्तीसगढ़ में 2300 शिक्षक पदों पर बहाली के लिए प्रदर्शन: इस पार्टी के नेता ने सीएम साय को दी आमरण अनशन की चेतावनी

CG Teacher Recruitment DEd Candidates Protest: छत्तीसगढ़ में डी.एड. प्रशिक्षित युवाओं के हक की लड़ाई अब बेहद संवेदनशील मोड़ पर पहुंच चुकी है। रायपुर के तूता धरना स्थल पर अपनी नियुक्ति की मांग को लेकर पिछले 153 दिनों से शांतिपूर्ण आंदोलन कर रहे अभ्यर्थियों के समर्थन में अब राजनीतिक दल भी खुलकर सामने आ गए हैं। आम आदमी पार्टी के वरिष्ठ नेता उत्तम जायसवाल ने इस विषय को लेकर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय को एक औपचारिक पत्र भेजा है। इस पत्र के माध्यम से उन्होंने राज्य सरकार को सीधी चेतावनी दी है कि यदि तय समय सीमा के भीतर पात्र बेरोजगारों को सरकारी स्कूलों में सहायक शिक्षक के पदों पर जॉइनिंग नहीं दी गई, तो वे खुद मोर्चा संभालते हुए आमरण अनशन पर बैठने को मजबूर होंगे।

153 दिनों से तूता मैदान में डटे हैं बेरोजगार, मानसिक और आर्थिक मोर्चे पर टूट रहे परिवार

राजधानी रायपुर के बूढ़ातालाब और तूता धरना स्थल पर अपनी जायज मांगों को लेकर महीनों से डटे इन अभ्यर्थियों की सुध लेने वाला कोई नजर नहीं आ रहा है। लंबे समय से रोजगार की आस में भटक रहे इन युवाओं के परिवारों की आर्थिक स्थिति पूरी तरह चरमरा चुकी है। लगातार उपेक्षा झेलने के कारण कई अभ्यर्थी गंभीर मानसिक तनाव और अवसाद का शिकार हो रहे हैं। इस आंदोलन में शामिल युवाओं में एक बहुत बड़ी तादाद दूरस्थ वनांचल क्षेत्रों से आए आदिवासी वर्ग के महिला और पुरुष अभ्यर्थियों की है, जो भीषण गर्मी और विपरीत परिस्थितियों के बावजूद खुले आसमान के नीचे रातें काटने को मजबूर हैं।

2300 रिक्त पदों में से 1600 पद आदिवासियों के, कोर्ट के आदेश के बाद भी अटकी है फाइल

आम आदमी पार्टी के नेता उत्तम जायसवाल ने शिक्षा विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने बताया कि प्रदेश के शासकीय प्राथमिक स्कूलों में सहायक शिक्षक के लगभग 2300 पद इस समय खाली पड़े हैं, जिनमें से करीब 1600 पद सीधे तौर पर अनुसूचित जनजाति (आदिवासी) वर्ग के आरक्षित अभ्यर्थियों के हैं। आम आदमी पार्टी का आरोप है कि इस पूरी भर्ती प्रक्रिया को लेकर माननीय उच्च न्यायालय और सर्वोच्च न्यायालय द्वारा स्पष्ट दिशा-निर्देश और आदेश जारी किए जा चुके हैं। इसके बावजूद प्रशासनिक हीलाहवाली और अफसरों की लापरवाही के कारण पात्र युवाओं को नियुक्ति पत्र जारी नहीं किए जा रहे हैं।

लोकतांत्रिक तरीके से आवाज उठाने पर बेरोजगारों को मिली जेल, सरकार पर दमनकारी नीति का आरोप

उत्तम जायसवाल ने अपने पत्र में राज्य शासन और पुलिस प्रशासन के रवैये पर भी गहरी नाराजगी जाहिर की है। उन्होंने आरोप लगाया कि अपनी जायज मांगों को लेकर पूरी तरह लोकतांत्रिक और शांतिपूर्ण ढंग से आवाज उठा रहे इन पढ़े-लिखे बेरोजगार युवाओं की बात सुनने के बजाय सरकार दमनकारी नीतियां अपना रही है। आंदोलन के दौरान पिछले पांच महीनों में इन युवाओं की आवाज को दबाने के लिए प्रशासन द्वारा तीन बार पुलिसिया बल का प्रयोग किया गया, इन्हें जेल भेजा गया और कई दिनों तक अवैध तरीके से पुलिस हिरासत में रखा गया।

10 जून तक जॉइनिंग लेटर न मिलने पर तेज होगी जंग, आप नेता ने तय की आखिरी समय सीमा

आम आदमी पार्टी के प्रदेश मीडिया प्रभारी मिहिर कुर्मी द्वारा जारी एक आधिकारिक विज्ञप्ति के माध्यम से यह साफ कर दिया गया है कि अब यह लड़ाई निर्णायक दौर में पहुंच चुकी है। पार्टी का कहना है कि सरकार को इस सामाजिक और मानवीय संकट को गंभीरता से समझना होगा क्योंकि युवाओं का धैर्य अब जवाब दे रहा है। यदि आगामी 10 जून 2026 तक सभी 1600 पात्र डी.एड. अभ्यर्थियों के पक्ष में जॉइनिंग लेटर जारी नहीं किए गए, तो 11 जून 2026 से रायपुर में आमरण अनशन शुरू कर दिया जाएगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी शासन की होगी।

अब मुख्यमंत्री सचिवालय के पाले में है गेंद, साय सरकार के रुख पर टिकी सबकी नजरें

आम आदमी पार्टी और बेरोजगार युवाओं के इस कड़े रुख के बाद अब पूरा मामला मुख्यमंत्री सचिवालय और स्कूल शिक्षा विभाग के टेबल पर पहुंच चुका है। रिक्त पदों को भरने की इस मांग को लेकर अब प्रशासनिक गलियारों में भी सुगबुगाहट तेज हो गई है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यदि समय रहते शिक्षा विभाग ने कोई बीच का रास्ता नहीं निकाला, तो जून के दूसरे सप्ताह में प्रदेश की राजधानी में एक बड़ा सियासी और सामाजिक उबाल देखने को मिल सकता है। अब देखना होगा कि साय सरकार इस मामले में क्या संवेदनशील कदम उठाती है।

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Ravi Pratap Pandey

रवि पिछले 7 वर्षों से छत्तीसगढ़ में सक्रिय पत्रकार हैं। उन्होंने राज्य के सामाजिक, राजनीतिक और सांस्कृतिक पहलुओं पर गहराई से रिपोर्टिंग की है। जमीनी हकीकत को उजागर करने और आम जनता की आवाज़ को मंच देने के लिए वे लगातार लेखन और रिपोर्टिंग करते रहे हैं।

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