
बेमेतरा: Swami Atmanand School: छत्तीसगढ़ के स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट अंग्रेजी माध्यम स्कूलों में कार्यरत कई प्री-प्राइमरी शिक्षिकाओं और आयाओं को दिवाली के बाद बड़ा झटका लगा है। जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) ने फंड के अभाव के कारण इन नियुक्त कर्मचारियों की सेवा समाप्त करने का आदेश जारी कर दिया है, जिससे ये कर्मचारी एक झटके में बेरोजगार हो गए हैं।
फंड के अभाव में सेवा समाप्ति का फैसला
स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट अंग्रेजी माध्यम स्कूल में 2022-2023 में प्री-प्राइमरी शिक्षिकाओं और आयाओं की नियुक्ति की गई थी। इन कर्मचारियों के वेतन का भुगतान मुख्य रूप से खनिज न्यास (DMFT) के फंड से किया जाता था। लेकिन अब फंड की कमी के चलते वेतन का भुगतान संभव नहीं हो पा रहा है। इसी कारण जिला शिक्षा अधिकारी ने बाध्य होकर इन नियुक्त कर्मचारियों की सेवा समाप्त करने का फैसला किया है।
एक साल से अधिक समय से रुका वेतन
बताया जा रहा है कि कई शिक्षिकाओं को एक वर्ष से अधिक समय से उनका वेतन नहीं मिला है। इसके लिए उन्होंने बार-बार आवेदन भी दिए, लेकिन कोई समाधान नहीं निकल सका। सैलरी नहीं मिलने की शिकायत के बीच, उन्हें रविवार को छुट्टी के दिन डीईओ कार्यालय बुलाकर सेवा समाप्ति का आदेश थमा दिया गया। आदेश में स्पष्ट कहा गया है कि खनिज न्यास और अन्य स्रोतों से भुगतान संभव न होने के कारण यह कदम उठाया गया है।
डीईओ का दावा: बच्चों की पढ़ाई नहीं होगी प्रभावित
जिला शिक्षा अधिकारी ने इस संबंध में कहा है कि ये कर्मचारी नियमित नहीं थे। उन्होंने यह भी दावा किया कि इनके जाने से बच्चों की पढ़ाई प्रभावित नहीं होगी। डीईओ ने आश्वासन दिया कि बच्चों के लिए शिक्षकों की वैकल्पिक व्यवस्था जल्द की जाएगी और कर्मचारियों का रुका हुआ वेतन भी जल्द ही भुगतान किया जाएगा।
शिक्षकों की कमी और बच्चों के भविष्य पर सवाल
यह फैसला ऐसे समय में आया है जब बेमेतरा जिले में शिक्षकों की संख्या पहले से ही कम है। शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि शिक्षकों को इस तरह हटाने से बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ हो सकता है। बिना पर्याप्त शिक्षकों के आत्मानंद स्कूलों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा कैसे सुनिश्चित की जाएगी, यह एक बड़ा सवाल बना हुआ है।
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