CG Top 10 News Today: छत्तीसगढ़ की 10 बड़ी खबरें राहुल-भूपेश की हिरासत पर रायपुर में बवाल, 10 करोड़ की टैक्स चोरी में स्टील कारोबारी गिरफ्तार, नए विधानसभा भवन की सीलिंग गिरी, ACB-EOW में 10 नए अफसर तैनात, सहारा फ्रॉड का ब्रांच मैनेजर अरेस्ट, हैदराबाद में छत्तीसगढ़ की 3 बच्चियां लापता, 4 साल के B.Ed और फार्मेसी एडमिशन पर ब्रेक, ओमान में पकड़ा गया महादेव ऐप का सौरव चंद्राकर और छत्तीसगढ़ में RTI के 1 लाख से अधिक आवेदन पेंडिंग समेत पढ़ें छत्तीसगढ़ की बड़ी खबरें…

CG Top 10 News Today: छत्तीसगढ़ की सभी बड़ी और छोटी खबरें रोजाना हमारी नजर में रहती हैं। दक्षिण कोसल के विशेष सेगमेंट ‘CG की 10 बड़ी खबरें’ में हम आपको समाचार जगत की हर गतिविधि का अपडेट सरल और सहज भाषा में प्रदान करेंगे। तो आइए, पत्रकारिता की इस दुनिया में बने रहें और छत्तीसगढ़ की हर ताजातरीन खबर से अपनी जानकारी को और विस्तृत करे
राहुल और भूपेश की हिरासत पर रायपुर में घमासान, पुलिस से धक्का-मुक्की
दिल्ली में कांग्रेस नेताओं को हिरासत में लिए जाने की खबर फैलते ही राजधानी रायपुर में सियासी पारा चढ़ गया। दिल्ली पुलिस की कार्रवाई से नाराज कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने मंगलवार को सड़क पर उतरकर जोरदार प्रदर्शन किया। अंबेडकर चौक पर इकट्ठा हुए कार्यकर्ताओं ने लोकभवन का घेराव करने के लिए मार्च निकाला। पुलिस ने बीच रास्ते में ही बैरिकेड्स लगाकर प्रदर्शनकारियों को रोक दिया। इस दौरान पुलिस और कार्यकर्ताओं के बीच काफी देर तक धक्का-मुक्की होती रही। जब आगे जाने का रास्ता नहीं मिला, तो कांग्रेस नेता सड़क पर ही धरना देकर बैठ गए और केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। कांग्रेस नेता नीट परीक्षा से जुड़ी गड़बड़ियों पर संसद में चर्चा कराने, केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे और प्रदर्शनकारी छात्रों पर दर्ज मुकदमे वापस लेने की मांग कर रहे थे। दरअसल, दिल्ली में संसद भवन के पास विरोध प्रदर्शन कर रहे नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, प्रियंका गांधी और पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को दिल्ली पुलिस ने हिरासत में ले लिया था। इसके बाद छत्तीसगढ़ में विरोध की आग तेजी से फैली।
10 करोड़ की जीएसटी चोरी में स्टील कारोबारी गिरफ्तार, उतई से रायपुर लाया गया
राज्य जीएसटी (State GST) विभाग की टीम ने कर चोरी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए दुर्ग जिले से एक नामचीन स्टील कारोबारी को हिरासत में लिया है। कारोबारी पर करीब 10 करोड़ रुपये की जीएसटी चोरी का गंभीर आरोप है। पकड़ा गया कारोबारी विजय यादव आयरन और स्टील स्क्रैप के बड़े कारोबार से जुड़ा हुआ है। उसका नेटवर्क रायपुर और दुर्ग समेत प्रदेश के कई जिलों में फैला है। विभागीय सूत्रों के अनुसार, जीएसटी विभाग लंबे समय से विजय यादव के लेन-देन पर नजर रख रहा था। रिटर्न भरने और टैक्स भुगतान के आंकड़ों का जब गहन मिलान किया गया, तो करोड़ों रुपये की गड़बड़ी के पुख्ता सबूत हाथ लगे। जीएसटी की विशेष टीम ने दुर्ग के उतई इलाके में घेराबंदी कर कारोबारी को पकड़ा और सीधे रायपुर स्थित मुख्यालय ले आई। यहाँ अधिकारियों की टीम उससे पूछताछ कर रही है। विभाग अब कारोबारी के बैंक खातों, ई-वे बिल, फर्जी बिलिंग (ITC) और नेटवर्क से जुड़े अन्य व्यापारियों के रिकॉर्ड खंगाल रहा है।
नए विधानसभा भवन की फॉल सीलिंग गिरी, आरटीआई से खुली पोल
छत्तीसगढ़ के नए विधानसभा भवन में निर्माण की गुणवत्ता को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। हाल ही में मुख्य हॉल से लगे एक अधिकारी के कमरे की फॉल सीलिंग अचानक नीचे आ गिरी। गनीमत रही कि हादसे के समय कमरे में कोई मौजूद नहीं था, वरना बड़ी अनहोनी हो सकती थी।इस हादसे के बाद एक आरटीआई (RTI) खुलासे ने मामले को और गर्मा दिया है। लोक निर्माण विभाग (PWD) ने आरटीआई के तहत मांगी गई जानकारी के जवाब में बताया कि नए विधानसभा भवन का आधिकारिक ‘उपयोगिता प्रमाण पत्र’ (Completion/Occupancy Certificate) और सुरक्षा से जुड़े कई जरूरी दस्तावेज रिकॉर्ड में उपलब्ध ही नहीं हैं। 300 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से बनी इस नई इमारत को लेकर विपक्ष भी हमलावर हो गया है। नेता प्रतिपक्ष चरणदास महंत ने आरोप लगाया कि पहली ही बारिश में पूरी बिल्डिंग में जगह-जगह सीपेज आ गया है। विधानसभा सत्र शुरू होने से ठीक पहले जल्दबाजी में मरम्मत का काम कराया गया था।
भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त रुख, ACB और EOW में 10 नए अफसरों की तैनाती
प्रदेश में आर्थिक अपराधों और रिश्वतखोरी के मामलों पर नकेल कसने के लिए विष्णुदेव साय सरकार ने जांच एजेंसियों को मजबूत करना शुरू कर दिया है। सरकार ने एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) और इकोनॉमिक ऑफेंस विंग (EOW) में 10 अनुभवी पुलिस अधिकारियों को प्रतिनियुक्ति पर तैनात किया है। सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा जारी आदेश के मुताबिक, मुख्यमंत्री की मंजूरी के बाद इन अफसरों की सेवाएं गृह विभाग से ली गई हैं। इनमें एक अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, दो एसडीओपी तथा सात डीएसपी व निरीक्षक स्तर के अधिकारी शामिल हैं। इन अधिकारियों को खैरागढ़, रायगढ़, बस्तर और सुकमा जैसे अलग-अलग जिलों से चुना गया है, जिन्हें फील्ड में जांच का अच्छा खासा अनुभव है। एजेंसियों में लंबे समय से कर्मचारियों की कमी के कारण दर्जनों हाई-प्रोफाइल मामले पेंडिंग पड़े थे। नए अफसरों के आने से लंबित जांचों में तेजी आने की उम्मीद है।
सहारा इंडिया फ्रॉड: 40 करोड़ से ज्यादा डकारने वाला ब्रांच मैनेजर गिरफ्तार
सहारा इंडिया में आम जनता के करोड़ों रुपये डुबाने के मामले में रायगढ़ पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी है। पुलिस की टीम ने पिछले तीन सालों से फरार चल रहे तत्कालीन शाखा प्रबंधक विजय कुमार शराफ को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी मैनेजर पर 3,848 से अधिक गरीब और मध्यमवर्गीय निवेशकों के लगभग 40.78 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी करने का आरोप है। परिपक्वता (माच्योरिटी) की अवधि पूरी होने के बाद भी जब निवेशकों को उनके पैसे वापस नहीं मिले, तो उन्होंने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी। मामला दर्ज होने के बाद से ही आरोपी अपनी पहचान छिपाकर लगातार ठिकाने बदल रहा था। कोतवाली पुलिस को गुप्त सूचना मिली कि आरोपी रायगढ़ के कोतरारोड़ इलाके में छिपा हुआ है। पुलिस ने तुरंत दबिश देकर उसे गिरफ्तार कर लिया। अदालत ने आरोपी को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है।
काम की तलाश में हैदराबाद गईं छत्तीसगढ़ की तीन नाबालिग लड़कियां लापता
छत्तीसगढ़ के एक मजदूर परिवार की तीन नाबालिग लड़कियां हैदराबाद के दोमलगुड़ा इलाके से अचानक गायब हो गई हैं। लापता लड़कियों में 17 साल की शिल्पा के अलावा दो सगी बहनें 14 साल की लता और स्नेहा शामिल हैं। पीड़ित परिवार करीब एक महीना पहले ही छत्तीसगढ़ से मजदूरी करने हैदराबाद गया था और फरीद बस्ती में रह रहा था। परिजनों के मुताबिक, लड़कियां हैदराबाद के माहौल में ढल नहीं पा रही थीं और लगातार अपने गाँव लौटने की जिद कर रही थीं। रविवार की रात जब घर वाले सो रहे थे, तब तीनों लड़कियां चुपचाप अपना कुछ सामान लेकर निकल गईं। सीसीटीवी फुटेज की जांच में पता चला है कि तीनों लड़कियों ने देर रात हिमायतनगर से एक ऑटो पकड़ा था, जो सिकंदराबाद रेलवे स्टेशन की ओर गया था। हैदराबाद पुलिस ने केस दर्ज कर लिया है और छत्तीसगढ़ पुलिस के साथ तालमेल बिठाकर स्टेशन व आसपास के इलाकों में तलाशी अभियान चला रही है।
बिना योग्य प्रोफेसरों के कैसे चलेगा 4 साल का B.Ed.? टॉस्क फोर्स के भरोसे व्यवस्था
छत्तीसगढ़ में नई शिक्षा नीति के तहत दो साल के बीएड की जगह चार साल का एकीकृत पाठ्यक्रम (ITEP) शुरू करने की तैयारियां ढाक के तीन पात साबित हो रही हैं। राज्य में एक भी ऐसा कॉलेज नहीं है जिसके पास राष्ट्रीय मूल्यांकन एवं प्रत्यायन परिषद (NAAC) का B++ ग्रेड हो, जो इस नए कोर्स को शुरू करने के लिए अनिवार्य है। उच्च शिक्षा व्यवस्था का अंदाजा बस्तर के शहीद महेंद्र कर्मा विश्वविद्यालय से लगाया जा सकता है। यहाँ प्राध्यापकों के स्वीकृत 265 पदों में से 236 पद पूरी तरह खाली पड़े हैं। विश्वविद्यालय में महज 29 नियमित शिक्षक ही पूरी व्यवस्था संभाल रहे हैं। जब विधानसभा में इस बदहाली पर सवाल उठा, तो सरकार की ओर से जवाब मिला कि व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए ‘टास्क फोर्स’ का गठन कर दिया गया है। लेकिन भर्ती कब पूरी होगी और नए सत्र का क्या रोडमैप होगा, इस पर अब भी स्थिति साफ नहीं है।
103 फार्मेसी कॉलेजों की मान्यता पर संशय, 11 हजार छात्रों के एडमिशन अटके
छत्तीसगढ़ में फार्मेसी की पढ़ाई करने का सपना देख रहे हजारों छात्रों का भविष्य अधर में लटक गया है। फार्मेसी काउंसिल ऑफ इंडिया (PCI) से राज्य के 103 कॉलेजों को अब तक सत्र की आधिकारिक मंजूरी नहीं मिल सकी है। मान्यता मिलने की अंतिम तारीख 30 जून रखी गई थी, जो बीत चुकी है। मंजूरी से जुड़ा मामला कोर्ट में लंबित होने के कारण तकनीकी शिक्षा संचालनालय (CG DTE) काउंसलिंग का शेड्यूल जारी नहीं कर पा रहा है। बिना पीसीआई की हरी झंडी के छत्तीसगढ़ स्वामी विवेकानंद तकनीकी विश्वविद्यालय (CSVTU) भी कॉलेजों को संबद्धता देने से पीछे हट रहा है। इस गतिरोध के कारण राज्य की डिप्लोमा, बैचलर और मास्टर ऑफ फार्मेसी की कुल 11,580 सीटों पर दाखिला रुक गया है। एक्सपर्ट्स ने छात्रों को सलाह दी है कि बिना पीसीआई से मान्यता प्राप्त कॉलेजों में भूलकर भी प्रवेश न लें, क्योंकि ऐसी डिग्री पूरी तरह अमान्य मानी जाएगी।
क्रिकेटर ‘अजंता मेंडिस’ के नाम वाले फर्जी पासपोर्ट से ओमान में घूम रहा था सौरभ चंद्राकर
महादेव सट्टेबाजी ऐप का मुख्य प्रमोटर सौरभ चंद्राकर विदेश में पकड़ा गया है। चौंकाने वाली बात यह है कि वह ओमान में फर्जी इंडोनेशियाई पासपोर्ट के जरिए रह रहा था। बरामद फर्जी पासपोर्ट में तस्वीर तो सौरभ चंद्राकर की ही लगी है, लेकिन उस पर नाम श्रीलंका के मशहूर पूर्व स्पिनर ‘अजंता मेंडिस’ लिखा हुआ है। पासपोर्ट में उसकी जन्मतिथि 11 मार्च 1998 दर्ज की गई थी। इससे पहले भारतीय एजेंसियों से बचने के लिए सौरभ और उसके साथी रवि उप्पल ने प्रशांत महासागरीय देश वानूआतू की नागरिकता भी हासिल की थी। सौरभ चंद्राकर के खिलाफ इंटरपोल का रेड कॉर्नर नोटिस जारी है। फिलहाल ओमान के कड़े कानूनों के तहत उस पर फर्जी दस्तावेज का मुकदमा चलाया जा रहा है। कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही भारतीय प्रवर्तन निदेशालय (ED) उसे प्रत्यर्पित कर भारत ला सकेगी।
आरटीआई का बुरा हाल, दो साल में पेंडिंग हुए 1 लाख से ज्यादा आवेदन
छत्तीसगढ़ में पारदर्शी शासन के दावों के बीच सूचना का अधिकार (RTI) कानून सुस्त पड़ता नजर आ रहा है। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, बीते दो वर्षों में विभिन्न सरकारी विभागों में आए आवेदनों में से 1 लाख से ज्यादा आरटीआई आवेदन धूल फांक रहे हैं। वर्ष 2024-25 में आए 69 हजार से अधिक आवेदनों में से 49 हजार से ज्यादा पेंडिंग रहे। वहीं वर्ष 2025-26 में यह आंकड़ा बढ़कर 84 हजार से ज्यादा आवेदनों तक पहुँच गया, जिनमें 51 हजार से अधिक फाइलों पर कोई जवाब नहीं दिया गया। जानकारी छिपाने में सबसे आगे पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग रहा, जहाँ कुल लंबित मामलों के आधे से अधिक आवेदन पेंडिंग हैं। इसके अलावा स्कूल शिक्षा, नगरीय प्रशासन और गृह विभाग का भी यही हाल है। नियम के मुताबिक 30 दिनों के भीतर आवेदक को जानकारी मिलना अनिवार्य है, लेकिन राज्य सूचना आयोग की लचर व्यवस्था के कारण आम जनता भटकने को मजबूर है।



