
रायपुर, जून 2025: CG Teacher Re-Appointment: छत्तीसगढ़ के स्कूलों में अब रिटायरमेंट के बाद भी शिक्षकों की सेवा खत्म नहीं होगी। शिक्षा विभाग ने बड़ा फैसला लेते हुए आदेश जारी किया है कि सेवानिवृत्त शिक्षक शिक्षा सत्र के अंत यानी 30 अप्रैल 2026 तक पुनर्नियुक्त रहेंगे। यह कदम खासतौर पर शिक्षा की निरंतरता बनाए रखने और अनुभवी शिक्षकों का लाभ उठाने के लिए उठाया गया है।
शिक्षा सचिव का आदेश, DPI को पत्र जारी पुनर्नियुक्ति
छत्तीसगढ़ शासन के स्कूल शिक्षा विभाग ने इस संबंध में औपचारिक आदेश जारी किया है। शिक्षा सचिव ने संचालक, लोक शिक्षण (DPI) को पत्र भेजकर यह स्पष्ट किया है कि जो शिक्षक मौजूदा शैक्षणिक सत्र में रिटायर हो रहे हैं, वे सत्र के अंत तक कार्यरत रहेंगे।
यह नियम शासकीय स्कूलों के साथ-साथ 100% अनुदान प्राप्त स्कूलों में भी लागू होगा। सहायक शिक्षक से लेकर प्राचार्य तक सभी पद इस आदेश के दायरे में आएंगे।
शिक्षक कांग्रेस की मांग पर सरकार का ऐक्शन
यह फैसला छत्तीसगढ़ शिक्षक कांग्रेस की मांग पर लिया गया है। शिक्षक संगठन के प्रांताध्यक्ष अनिल शुक्ला ने 30 जून 2025 को रिटायर होने वाले शिक्षकों के लिए सेवा विस्तार की मांग की थी। उन्होंने इसे लेकर शिक्षा सचिव को स्मरण पत्र सौंपा था।
सरकार ने इस पर सकारात्मक रुख अपनाते हुए न सिर्फ मांग मानी, बल्कि त्वरित आदेश भी जारी कर दिया।
छात्रों और स्कूलों के लिए भी फायदेमंद
इस निर्णय का असर केवल शिक्षकों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि छात्रों और स्कूलों को भी इसका सीधा लाभ मिलेगा। सत्र के बीच शिक्षक की कमी से पढ़ाई पर जो असर पड़ता है, उसे यह व्यवस्था रोकने में मदद करेगी।
वरिष्ठ शिक्षकों का अनुभव खासकर बोर्ड परीक्षाओं की तैयारी में छात्रों को दिशा देने में सहायक होगा। साथ ही, शिक्षकों को मानसिक और आर्थिक स्थिरता भी मिलेगी।

पुनर्नियुक्ति से इनकार करना होगा तो लिखित में दें जानकारी
शासन द्वारा जारी आदेश के अनुसार, यदि कोई शिक्षक पुनर्नियुक्त नहीं लेना चाहता, तो उसे लिखित में मना करना होगा। अन्यथा, उसे स्वचालित रूप से 30 अप्रैल 2026 तक सेवा में बनाए रखा जाएगा।
यह प्रावधान यह सुनिश्चित करता है कि सिर्फ वही शिक्षक सेवा में रहें, जो वास्तव में रहना चाहते हैं और शिक्षण कार्य में योगदान देना चाहते हैं।
अनुभव का लाभ, स्कूलों को मिलेगी मजबूती
इस फैसले से स्कूलों की शैक्षणिक व्यवस्था को मजबूती मिलेगी। अचानक से अनुभवशील शिक्षक के रिटायर हो जाने से जो खालीपन आता है, वो नहीं रहेगा।
शिक्षकों की उपलब्धता बनी रहेगी और विद्यार्थियों की पढ़ाई बाधित नहीं होगी। यह एक ऐसा फैसला है जो न सिर्फ मानव संसाधन का बेहतर उपयोग करेगा, बल्कि स्कूलों के माहौल को भी स्थिर रखेगा।



