तेलंगाना में नक्सलवाद पर प्रहार: 124 माओवादियों का ऐतिहासिक सामूहिक आत्मसमर्पण

तेलंगाना में नक्सलवाद के खात्मे की दिशा में शनिवार, 07 मार्च 2026 का दिन एक मील का पत्थर साबित हुआ है। राज्य के सुरक्षा इतिहास में अब तक की सबसे बड़ी सफलताओं में से एक दर्ज करते हुए, 124 माओवादियों ने हिंसा का रास्ता छोड़कर मुख्यधारा में लौटने का फैसला किया। हैदराबाद स्थित ‘इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर’ में आयोजित एक विशेष गरिमामय कार्यक्रम में इन कैडर्स ने आधिकारिक रूप से अपने हथियार डाले। इस मौके पर मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी स्वयं उपस्थित रहे, जिन्होंने सरेंडर करने वाले पूर्व नक्सलियों का स्वागत किया और उन्हें समाज की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई।

सरगना देवजी और PLGA की टीम ने तोड़ा ‘लाल आतंक’ का साथ

इस सामूहिक आत्मसमर्पण की सबसे बड़ी विशेषता पीएलजीए (PLGA) टीम के सक्रिय सदस्यों और कुख्यात सरगना देवजी की यूनिट का शामिल होना है। लंबे समय से जंगलों में सक्रिय इन नक्सलियों ने सरकार की पुनर्वास नीति और विकास कार्यों से प्रभावित होकर बंदूक छोड़ने का निर्णय लिया। मुख्यमंत्री ने समर्पण करने वाले प्रत्येक सदस्य से व्यक्तिगत रूप से मुलाकात की और उनके लिए बेहतर शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार सुनिश्चित करने वाली व्यापक पुनर्वास योजनाओं की घोषणा की, ताकि वे एक सम्मानजनक जीवन जी सकें।

बड़े नेतृत्व का पतन: स्टेट और डिवीजनल कमेटी के सदस्य शामिल

आत्मसमर्पण करने वाले 124 सदस्यों में केवल जमीनी स्तर के कैडर ही नहीं, बल्कि माओवादी संगठन की रीढ़ माने जाने वाले उच्च पदस्थ नेता भी शामिल हैं। पुलिस विभाग द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, संगठन के ढांचे को इस सरेंडर से गहरा झटका लगा है। समर्पण करने वाले नेतृत्व का विवरण इस प्रकार है:

  • स्टेट कमेटी सदस्य: 03
  • रीजनल कमेटी सदस्य: 01
  • डिवीजनल कमेटी सदस्य: 10
  • क्षेत्रीय (Area) कमेटी सदस्य: 46
  • सक्रिय पार्टी सदस्य: 70

हथियारों का बड़ा जखीरा बरामद: AK-47 और LMG भी सौंपी

नक्सलियों ने केवल आत्मसमर्पण ही नहीं किया, बल्कि अपने साथ भारी मात्रा में आधुनिक युद्धक हथियार भी पुलिस के सुपुर्द किए। इन हथियारों की बरामदगी से आने वाले समय में नक्सली हिंसा की संभावनाओं में बड़ी कमी आएगी। सौंपे गए हथियारों के जखीरे में 31 AK-47 राइफलें, 21 इंसास (INSAS) राइफलें, 38 एसएलआर (SLR) व .303 राइफलें और एक घातक इंसास एलएमजी (Light Machine Gun) शामिल है। इतने उच्च क्षमता वाले हथियारों का समर्पण माओवादी सैन्य शक्ति के क्षरण को साफ दर्शाता है।

शांति और विकास की नई सुबह: पुनर्वास के लिए सरकार के कदम

मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने इस अवसर पर कहा कि राज्य में शांति स्थापित करना उनकी सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने सरेंडर करने वाले कैडर्स को आश्वस्त किया कि उन पर लगे मामलों में कानूनी प्रक्रिया का पालन करते हुए उन्हें जल्द से जल्द सामान्य जीवन जीने में मदद की जाएगी। सरकार द्वारा घोषित पुनर्वास पैकेज में वित्तीय सहायता के साथ-साथ उनके बच्चों की पढ़ाई और कौशल विकास के लिए विशेष प्रावधान किए गए हैं। प्रशासन का मानना है कि इस बड़ी सफलता के बाद अन्य सक्रिय नक्सली भी हिंसा का मार्ग त्यागने के लिए प्रेरित होंगे।

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Ravi Pratap Pandey

रवि पिछले 7 वर्षों से छत्तीसगढ़ में सक्रिय पत्रकार हैं। उन्होंने राज्य के सामाजिक, राजनीतिक और सांस्कृतिक पहलुओं पर गहराई से रिपोर्टिंग की है। जमीनी हकीकत को उजागर करने और आम जनता की आवाज़ को मंच देने के लिए वे लगातार लेखन और रिपोर्टिंग करते रहे हैं।

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