
रायपुर। CG Vidhan Sabha Session 2025: छत्तीसगढ़ विधानसभा का बजट सत्र 24 फरवरी से शुरू हो रहा है और यह 21 मार्च तक चलेगा। इस सत्र के दौरान अब तक सत्तापक्ष और विपक्ष के विधायकों द्वारा कुल 1,862 सवाल उठाए गए हैं, जिनमें 943 तारांकित और 871 अतारांकित सवाल शामिल हैं। इनमें से अधिकांश सवाल ऑनलाइन माध्यम से प्रस्तुत किए गए हैं और सत्र के दौरान भी सवाल पूछने की प्रक्रिया जारी रहेगी। विधानसभा में कुल 17 बैठकें आयोजित की जाएंगी। सत्र की शुरुआत राज्यपाल रमेन डेका के अभिभाषण से होगी।
बजट प्रस्तावों पर मंत्री स्तरीय बैठक
बजट सत्र से पहले राज्य सरकार ने 2025 के बजट प्रस्तावों को लेकर एक मंत्री स्तरीय बैठक आयोजित की। इस बैठक में वित्त मंत्री ओपी चौधरी और मंत्री केदार कश्यप सहित कई प्रमुख मंत्री मौजूद थे। बजट सत्र के दौरान इन प्रस्तावों पर गहरी चर्चा की जाएगी।
कांग्रेस का सरकार पर हमला: लखमा की गिरफ्तारी और चुनाव में सत्ता का दुरुपयोग
वहीं, छत्तीसगढ़ में विपक्षी दल कांग्रेस ने बजट सत्र में सरकार को घेरने की तैयारी पूरी कर ली है। कांग्रेस का मुख्य ध्यान कानून व्यवस्था, महतारी वंदन योजना, कवासी लखमा की गिरफ्तारी, चुनावों में सत्ता का दुरुपयोग जैसे मुद्दों पर रहेगा। कांग्रेस इन मुद्दों को दस्तावेजी सबूतों के साथ सदन में उठाने की योजना बना रही है।
कांग्रेस विधायकों के लिए विशेष रणनीति
इस संबंध में कांग्रेस विधायक दल की बैठक सोमवार को नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत के बंगले में आयोजित की जाएगी। बैठक में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज और पूर्व मंत्री भी विशेष रूप से उपस्थित रहेंगे। इस बैठक में कांग्रेस विधायकों को मुद्दों के आधार पर जिम्मेदारियां सौंपी जाएंगी।
कांग्रेस की योजना है कि वह सरकार को महतारी वंदन योजना में अनियमितताओं, जहरीली शराब से हुई मौतों, सरकारी नियुक्तियों में गड़बड़ी, और चुनावों में सत्ता के दुरुपयोग जैसे मुद्दों पर पुख्ता दस्तावेजों के साथ घेरने की कोशिश करेगी।
सत्ताधारी भाजपा का पलटवार
वहीं, सत्ताधारी भाजपा ने कांग्रेस पर पलटवार करते हुए तंज कसा है। राज्य सरकार के मंत्री टंकाराम वर्मा ने कहा कि पहले तो कांग्रेस के विधायक एकजुट हो जाएं, फिर सरकार को घेरने की बात करें। उन्होंने यह भी कहा कि “हारे हुए और जनता द्वारा नकारे गए नेता अब विपक्ष के विधायकों को ट्रेनिंग देंगे? विपक्ष के पास विधानसभा में उठाने के लिए ठोस मुद्दा नहीं है, वे केवल हंगामा करने और सदन की कार्यवाही को बाधित करने की कोशिश करेंगे।”
बजट सत्र में हंगामे की संभावना
कांग्रेस के आरोपों और भाजपा के पलटवार को देखते हुए यह साफ है कि छत्तीसगढ़ विधानसभा का बजट सत्र हंगामेदार रहने वाला है। विपक्ष जहां सरकार को घेरने की रणनीति पर काम कर रहा है, वहीं सरकार अपने बचाव की तैयारी में है। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि सरकार इन आरोपों का किस तरह से जवाब देती है और सत्र के दौरान अपनी स्थिति को किस तरह से मजबूत बनाए रखती है।
छत्तीसगढ़ विधानसभा का यह बजट सत्र राजनीतिक जुबानी जंग से भरा हुआ नजर आ रहा है। कांग्रेस ने जहां सरकार के खिलाफ मोर्चा खोलने की योजना बनाई है, वहीं सत्ताधारी भाजपा अपनी स्थिति मजबूत करने के लिए तैयार है। इस सत्र में क्या होगा, यह देखना बाकी है, लेकिन एक बात तो तय है कि यह सत्र हंगामे से भरपूर होगा।
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