मूर्तिकारों को पेमेंट का इंतजार: 51 फीट की भगवान राम की प्रतिमा चंदखुरी धाम नहीं भेजी गई

रायपुर: छत्तीसगढ़ में प्रभु श्रीराम के ननिहाल चंदखुरी स्थित कौशल्या माता धाम के लिए बनी भगवान राम की 51 फीट की नई प्रतिमा बनकर पूरी तरह तैयार है, लेकिन पेमेंट पूरा न होने के कारण इसे अब तक चंदखुरी में स्थापित नहीं किया जा सका है। यह प्रतिमा मध्यप्रदेश के ग्वालियर के मूर्तिकार दीपक विश्वकर्मा ने बनाई है।

50 लाख से अधिक है मूर्ति की कीमत, पेमेंट अटका

मूर्तिकार दीपक विश्वकर्मा ने बताया कि सैंड स्टोन से बनी भगवान राम की यह विशाल प्रतिमा पिछले 5-6 महीने से बनकर तैयार है, लेकिन पेमेंट पूरा न होने की वजह से वे इसे छत्तीसगढ़ नहीं भेज रहे हैं।

  • लागत और भुगतान: मूर्तिकार के अनुसार, इस प्रतिमा की कीमत 50 लाख रुपये से ऊपर है, जिसमें से अब तक केवल 14 से 15 लाख रुपये का ही भुगतान हुआ है। उन्होंने बताया कि पिछले हफ्ते ही 2 लाख रुपये का पेमेंट आया है, लेकिन बाकी राशि लंबित है।
  • निरीक्षण के बाद भी देरी: मूर्तिकार दीपक ने बताया कि 13-14 जून को पर्यटन मंडल की टीम निरीक्षण के लिए आई थी और मूर्ति देखकर चली गई, लेकिन उसके बाद भी प्रतिमा को मंगवाने की प्रक्रिया शुरू नहीं हुई।

एक अन्य मूर्तिकार मनोज सिंह ने कहा कि अगर छत्तीसगढ़ में प्रतिमा नहीं मंगवाई जाती है, तो वह इसे मध्यप्रदेश में बन रहे शनिधाम के लिए भेज देंगे, जहाँ उन्हें 25 फीट की मूर्ति बनानी है।

पर्यटन मंडल अध्यक्ष बोले: जल्द लगेगी प्रभु राम की नई मूर्ति

इस मामले में छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल के अध्यक्ष नीलू शर्मा ने पुष्टि की है कि चंदखुरी में भगवान राम की नई मूर्ति लगनी है और प्रतिमा बनकर तैयार है।

  • चर्चा जारी: नीलू शर्मा ने कहा कि मूर्तिकार से उनकी चर्चा हुई है और प्रतिमा बहुत खूबसूरत बनी है। उन्होंने बताया कि आने वाले समय में प्रतिमा चंदखुरी धाम में किस स्थान पर लगेगी, इस विषय पर चर्चा करके जल्द ही जानकारी दी जाएगी। उन्होंने आश्वासन दिया कि बहुत जल्द ही प्रभु राम की मूर्ति चंदखुरी में स्थापित हो जाएगी।

रामलला दर्शन योजना पर सीएम साय ने निभाया वादा

नीलू शर्मा ने रामलला दर्शन योजना की जानकारी देते हुए बताया कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने जो वादा किया था, उसे निभाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि आज यह रायपुर संभाग की चौथी और इस सत्र की 13वीं ट्रेन अयोध्या के लिए रवाना हुई है। पिछले सत्र और इस सत्र को मिलाकर अब तक कुल 39 ट्रेनें अयोध्या रवाना हो चुकी हैं, और हर वर्ष 25 हजार यात्री राम भगवान और काशी विश्वनाथ के दर्शन के लिए जा रहे हैं।

Also Read: मंत्री बंगलों में ‘फुलवारी’ की रखवाली में 6 करोड़ एक्स्ट्रा-खर्च: नए-पुराने दोनों बंगलों पर कब्जा, 200 की जगह 350 कर्मचारी, विभाग बोला-सैलरी देने पैसे नहीं

दक्षिण कोसल का Whatsapp Group ज्वाइन करे

Ravi Pratap Pandey

रवि पिछले 7 वर्षों से छत्तीसगढ़ में सक्रिय पत्रकार हैं। उन्होंने राज्य के सामाजिक, राजनीतिक और सांस्कृतिक पहलुओं पर गहराई से रिपोर्टिंग की है। जमीनी हकीकत को उजागर करने और आम जनता की आवाज़ को मंच देने के लिए वे लगातार लेखन और रिपोर्टिंग करते रहे हैं।

Related Articles

Back to top button