Non-Veg Ban: छत्तीसगढ़ में 5 दिन मांस-मटन की बिक्री रहेगी बंद, आदेश जारी

रायपुर: Non-Veg Ban: अगस्त 2025 में पड़ने वाले धार्मिक पर्वों को देखते हुए रायपुर नगर निगम क्षेत्र में 5 दिनों तक मांस और मटन की बिक्री पर पूरी तरह से रोक लगाई गई है। निगम प्रशासन ने इन तिथियों पर शहर में मांस बेचने और खरीदने दोनों पर प्रतिबंध लगाने का फैसला किया है। यह निर्णय छत्तीसगढ़ शासन के निर्देश पर महापौर मीनल चौबे के आदेश के बाद लिया गया है। बकरी

किन-किन तारीखों पर रहेगा प्रतिबंध?

Raipur Municipal Corporation: रायपुर में जिन 5 दिनों पर यह पाबंदी लागू होगी, वे इस प्रकार हैं:

  • 15 अगस्त – स्वतंत्रता दिवस
  • 16 अगस्त – श्रीकृष्ण जन्माष्टमी
  • 19 अगस्त – पर्युषण पर्व का पहला दिन
  • 26 अगस्त – गणेश चतुर्थी
  • 27 अगस्त – पर्युषण पर्व का अंतिम दिन

इन सभी तिथियों पर रायपुर नगर निगम क्षेत्र में मांस और मटन की बिक्री पूरी तरह से बंद रहेगी।

धमतरी में भी जारी हुआ आदेश

Dhamtari Municipal Corporation: धमतरी नगर निगम ने भी इसी तरह का आदेश जारी किया है। महापौर रामू रोहरा के निर्देश पर 15, 16, 20 और 27 अगस्त को शहर के सभी मांस-मटन विक्रेताओं और पशु वधगृहों को बंद रखने का निर्देश दिया गया है।

धमतरी में जिन तारीखों पर बिक्री बंद रहेगी:

  • 15 अगस्त – स्वतंत्रता दिवस
  • 16 अगस्त – श्रीकृष्ण जन्माष्टमी
  • 20 अगस्त – पर्युषण पर्व का पहला दिन
  • 27 अगस्त – पर्युषण पर्व का अंतिम दिन

नियम तोड़ने पर सख्त कार्रवाई

नगर निगम स्वास्थ्य विभाग ने साफ कर दिया है कि प्रतिबंधित दिनों में किसी भी होटल, रेस्टोरेंट या दुकान में मांस या मटन बिकता पाया गया, तो उस पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उल्लंघन करने वालों के खिलाफ जब्ती की कार्रवाई की जाएगी और दुकान को सील भी किया जा सकता है।

प्रशासन ने निगरानी के लिए जोनवार टीमें बनाई हैं जो इन तारीखों पर बाजारों और प्रतिष्ठानों की जांच करेंगी। नगर निगम ने सभी दुकानदारों और होटल संचालकों से अपील की है कि आदेश का पालन करें, ताकि किसी तरह की कानूनी कार्रवाई से बचा जा सके।

Also Read: केंद्रीय गृह मंत्रालय ने किया पदकों का ऐलान, छत्तीसगढ़ के 25 पुलिसकर्मी होंगे सम्मानित, इन्हें मिलेगा राष्ट्रपति पदक

दक्षिण कोसल का Whatsapp Group ज्वाइन करे

Ravi Pratap Pandey

रवि पिछले 7 वर्षों से छत्तीसगढ़ में सक्रिय पत्रकार हैं। उन्होंने राज्य के सामाजिक, राजनीतिक और सांस्कृतिक पहलुओं पर गहराई से रिपोर्टिंग की है। जमीनी हकीकत को उजागर करने और आम जनता की आवाज़ को मंच देने के लिए वे लगातार लेखन और रिपोर्टिंग करते रहे हैं।

Related Articles

Back to top button