
CGBSE 10th 12th Second Chance Exam Time Table: छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल (माशिमं) ने कक्षा 10वीं और 12वीं के छात्रों के लिए द्वितीय अवसर परीक्षा की समय-सारिणी आधिकारिक तौर पर घोषित कर दी है. यह परीक्षा उन छात्र-छात्राओं के लिए एक बड़ा मौका है जो मुख्य बोर्ड परीक्षा में किसी वजह से सफल नहीं हो पाए थे. इसके अलावा जो छात्र अपने मिले हुए अंकों या डिवीजन से संतुष्ट नहीं हैं और उसमें सुधार करना चाहते हैं, वे भी इस परीक्षा में बैठ सकते हैं. मंडल ने साफ किया है कि परीक्षा में पास होने के लिए हर विषय में कम से कम 33 प्रतिशत अंक लाना अनिवार्य होगा.
8 से 22 जुलाई तक चलेंगी बोर्ड की परीक्षाएं, जुलाई के पहले हफ्ते में मिलेंगे एडमिट कार्ड
माशिमं द्वारा जारी किए गए आधिकारिक कार्यक्रम के अनुसार, कक्षा 12वीं की द्वितीय अवसर परीक्षा 8 जुलाई से शुरू होने जा रही है. वहीं कक्षा 10वीं के छात्र-छात्राओं के लिए परीक्षाएं 9 जुलाई से प्रारंभ होंगी. दोनों ही कक्षाओं की ये महत्वपूर्ण परीक्षाएं 22 जुलाई तक संचालित की जाएंगी. परीक्षा के सुचारू संचालन के लिए जिले में 12 विशेष परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं. छात्रों की सहूलियत के लिए बोर्ड जुलाई के पहले सप्ताह में ही प्रवेश पत्र जारी कर देगा, जिसे छात्र वेबसाइट से डाउनलोड कर सकेंगे.
कक्षा 10वीं और 12वीं की प्रमुख परीक्षा तिथियां
माध्यमिक शिक्षा मंडल: मुख्य विषयों की समय-सारणी
सत्र 2026 के लिए कक्षा 10वीं और 12वीं की मुख्य बोर्ड परीक्षाओं की तिथियां घोषित कर दी गई हैं। विद्यार्थियों की सुविधा के लिए परीक्षा कार्यक्रम को अत्यंत स्पष्ट और आसान प्रारूप में तैयार किया गया है, जिससे छात्र अपनी तैयारी की योजना बेहतर ढंग से बना सकें। आपके द्वारा उपलब्ध कराए गए आंकड़ों के आधार पर दोनों कक्षाओं की समय-सारणी नीचे अलग-अलग तालिकाओं में प्रस्तुत की गई है:
कक्षा 12वीं की प्रमुख परीक्षा तिथियां
| परीक्षा की तिथि | विषय (Subjects) |
| 8 जुलाई | हिंदी |
| 10 जुलाई | अंग्रेजी |
| 11 जुलाई | संस्कृत |
| 13 जुलाई | इतिहास, व्यवसाय अध्ययन, कृषि विज्ञान, गणित, ड्राइंग |
| 15 जुलाई | भूगोल, भौतिकशास्त्र |
| 16 जुलाई | समाजशास्त्र |
| 17 जुलाई | राजनीति विज्ञान, रसायनशास्त्र, लेखाशास्त्र (अकाउंटेंसी) |
| 20 जुलाई | रिटेल मार्केटिंग, आईटी (IT), बैंकिंग एवं वित्त |
| 21 जुलाई | गणित, कंप्यूटर एप्लीकेशन, भारतीय संगीत, स्टेनो टाइपिंग |
| 22 जुलाई | जीव विज्ञान, अर्थशास्त्र |
कक्षा 10वीं की प्रमुख परीक्षा तिथियां
| परीक्षा की तिथि | विषय (Subjects) |
| 9 जुलाई | गणित |
| 11 जुलाई | हिंदी |
| 14 जुलाई | अंग्रेजी |
| 15 जुलाई | व्यावसायिक पाठ्यक्रम (Vocational Courses) |
| 16 जुलाई | विज्ञान |
| 18 जुलाई | सामाजिक विज्ञान |
| 20 जुलाई | संस्कृत |
चार हजार से ज्यादा छात्र आजमाने वाले हैं अपनी किस्मत, फेल हुए छात्रों को मिलेगा संजीवनी बूस्टर
इस बार जिले में आयोजित होने वाली इस परीक्षा में करीब चार हजार विद्यार्थियों के शामिल होने का अनुमान लगाया गया है. मुख्य बोर्ड परीक्षा के आंकड़ों को देखें तो इस साल जिले से कक्षा 10वीं में 16,745 छात्र परीक्षा में बैठे थे, जिनमें से 1,778 विद्यार्थी अनुत्तीर्ण हो गए थे. इसी तरह कक्षा 12वीं के कुल 13,498 परीक्षार्थियों में से 546 छात्र सफल नहीं हो सके थे. इन सभी बच्चों के पास अब इस परीक्षा के जरिए अपने शैक्षणिक प्रदर्शन को सुधारने का एक बेहतरीन मौका उपलब्ध है.
श्रेणी और अंक सुधार के लिए 1900 छात्र दोबारा देंगे पेपर, अपनी मर्जी से चुन सकेंगे विषय
इस परीक्षा की खास बात यह है कि इसमें केवल फेल हुए बच्चे ही शामिल नहीं हो रहे हैं. जिले के लगभग 1,900 ऐसे छात्र भी इस परीक्षा फॉर्म को भर रहे हैं जो मुख्य परीक्षा में पास तो हो चुके हैं, लेकिन अपने अंकों से खुश नहीं हैं. बोर्ड ने छात्रों को यह बड़ी राहत दी है कि वे अपनी जरूरत और तैयारी के हिसाब से किसी एक विषय, एक से अधिक विषय या फिर सभी विषयों की परीक्षा दोबारा देने के लिए स्वतंत्र हैं.
अंक नहीं बढ़ने पर भी नहीं होगा कोई नुकसान, छात्रों की पुरानी मार्कशीट ही मानी जाएगी वैध
अंक सुधार की परीक्षा देने वाले छात्रों के मन में अक्सर यह डर रहता है कि यदि इस बार नंबर कम आ गए तो क्या होगा. इस पर छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल ने स्थिति पूरी तरह साफ कर दी है. बोर्ड के नियमों के मुताबिक, यदि द्वितीय अवसर परीक्षा में छात्र के नंबर पहले से कम आते हैं या उसमें कोई सुधार नहीं होता है, तो उनकी मुख्य परीक्षा वाली मूल मार्कशीट ही पूरी तरह मान्य रहेगी. इस नियम से छात्रों के सिर से परीक्षा का अतिरिक्त मानसिक दबाव कम हुआ है.
सप्लीमेंट्री परीक्षा की जगह आई यह नई व्यवस्था, साल बर्बाद होने से बचेगा बच्चों का भविष्य
उल्लेखनीय है कि छत्तीसगढ़ बोर्ड ने अब पुरानी पारंपरिक पूरक (सप्लीमेंट्री) परीक्षा की व्यवस्था को पूरी तरह से बंद कर दिया है. उसकी जगह पर ही इस नई द्वितीय अवसर परीक्षा प्रणाली को लागू किया गया है. इस व्यवस्था को शुरू करने के पीछे सरकार और शिक्षा मंडल का मुख्य उद्देश्य फेल होने वाले छात्रों की संख्या में कमी लाना है. इस प्रणाली के जरिए बच्चों को बिना समय गंवाए अपनी कमियों को सुधारने का एक और मौका मिल जाता है.
शिक्षा विशेषज्ञों ने बताया छात्र हित में बड़ा कदम, कम अंक लाने वालों को मिली बड़ी राहत
राज्य के वरिष्ठ शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि बोर्ड की यह नई पहल उन छात्र-छात्राओं के लिए एक बड़ी राहत बनकर आई है जो मुख्य परीक्षा के दौरान बीमार होने या किसी अन्य कारण से महज कुछ अंकों से पीछे छूट गए थे. इस व्यवस्था के लागू होने से न केवल छात्रों का एक कीमती साल बर्बाद होने से बच रहा है, बल्कि वे मानसिक तनाव से दूर रहकर दोबारा तैयारी में जुट पा रहे हैं.
परीक्षा केंद्रों पर सुरक्षा और पारदर्शिता के कड़े इंतजाम, उड़नदस्ता टीमें रखेंगी नजर
आगामी 8 जुलाई से शुरू होने वाली इन परीक्षाओं को लेकर जिला शिक्षा विभाग ने भी अपनी कमर कस ली है. चिन्हित किए गए सभी 12 परीक्षा केंद्रों पर बुनियादी सुविधाओं के साथ-साथ नकल रोकने के लिए कड़े सुरक्षा इंतजाम किए जा रहे हैं. परीक्षा के दौरान गोपनीयता और पारदर्शिता बनाए रखने के लिए विशेष उड़नदस्ता टीमों का गठन किया गया है जो केंद्रों का औचक निरीक्षण करेंगी. विभाग की कोशिश है कि मुख्य परीक्षा की तरह ही इस परीक्षा को भी पूरी तरह शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराया जा सके.



