CG Divyangjan Loan Scheme: छत्तीसगढ़ में दिव्यांगजनों के लिए बड़ी योजना: 50 हजार से 50 लाख तक सरकार दे रही लोन, ब्याज दर में मिलेगी भारी छूट, जानिए आवेदन और नियम

छत्तीसगढ़ सरकार ने राज्य के दिव्यांगजनों को आर्थिक रूप से स्वावलंबी बनाने के उद्देश्य से एक विशेष ऋण योजना की शुरुआत की है। दिव्यांगजन वित्त एवं विकास निगम की हालिया बैठक में इस योजना के प्रारूप और लाभों पर विस्तार से चर्चा की गई। योजना के अंतर्गत पात्र आवेदकों को अपना खुद का व्यवसाय शुरू करने के लिए 50 हजार रुपये से लेकर 50 लाख रुपये तक का लोन बहुत ही कम ब्याज दरों पर मुहैया कराया जाएगा। निगम का प्राथमिक लक्ष्य दिव्यांग वर्ग को समाज की मुख्यधारा से जोड़ना और उन्हें रोजगार मांगने वाले के बजाय रोजगार देने योग्य बनाना है।

50 हजार से 50 लाख तक का लोन और ब्याज दरों का गणित

निगम के अध्यक्ष लोकेश कावड़िया ने योजना का ब्योरा देते हुए बताया कि लोन की राशि के हिसाब से ब्याज की दरें तय की गई हैं। यदि कोई आवेदक 50 हजार रुपये तक का लोन लेता है, तो उस पर केवल 5 प्रतिशत वार्षिक ब्याज लगेगा। इसी तरह 5 लाख रुपये तक के लोन पर 6 प्रतिशत और 10 लाख रुपये तक की राशि पर 7 प्रतिशत का ब्याज देना होगा। बड़ी व्यावसायिक परियोजनाओं की जरूरत को देखते हुए अधिकतम 50 लाख रुपये तक का लोन मंजूर करने का प्रावधान भी रखा गया है।

नियमित किस्त चुकाने पर 25 फीसदी सब्सिडी और रोज का आसान विकल्प

ऋण अदायगी को आसान बनाने और लोगों को नियमित भुगतान के लिए प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से सरकार ने रियायतों का इंतजाम किया है। जो हितग्राही अपनी किस्तें समय पर जमा करेंगे, उन्हें लोन राशि पर 25 प्रतिशत तक की सब्सिडी का फायदा मिलेगा। छोटे व्यापारियों और दुकानदारों की सुविधा के लिए रोजाना 100 रुपये की दैनिक किस्त चुकाने की व्यवस्था भी लागू की गई है। इस डेली पेमेंट सिस्टम से दैनिक कमाई करने वालों पर एकमुश्त महीने के अंत में बड़ा बोझ नहीं पड़ेगा।

5 दिनों की व्यावसायिक ट्रेनिंग और मार्केटिंग में मदद

दिव्यांगजन वित्त एवं विकास निगम के प्रबंध संचालक पंकज वर्मा ने स्पष्ट किया कि योजना का मकसद केवल पैसे बांटना नहीं है, बल्कि आवेदक को एक सफल व्यापारी के रूप में स्थापित करना है। इसके लिए सभी लाभार्थियों को 5 दिनों का विशेष आवासीय प्रशिक्षण दिया जाएगा। इस ट्रेनिंग में डिजिटल माध्यमों से बिक्री करना, पैसों का हिसाब-किताब रखना और दैनिक व्यापार का प्रबंधन करना सिखाया जाएगा। इसके अलावा उनके सामान को बेचने में मदद के लिए विभिन्न व्यावसायिक संस्थाओं के साथ एमओयू भी किए गए हैं।

रायपुर में बनेंगे विशेष शोरूम और बिक्री केंद्र

निगम की बैठक के दौरान दिव्यांग बच्चों द्वारा तैयार किए गए हर्बल साबुन, मालाओं और अन्य हस्तनिर्मित सामानों की प्रदर्शनी भी लगाई गई। अधिकारियों ने बताया कि इन उत्पादों को बड़ा बाजार दिलाने के लिए रायपुर में विशेष शोरूम और आउटलेट तैयार किए जा रहे हैं। इन केंद्रों के जरिए दिव्यांगों द्वारा बनाई गई वस्तुओं को सीधे ग्राहकों तक पहुंचाया जाएगा, जिससे बिचौलियों की भूमिका खत्म होगी और उत्पादकों को उनकी मेहनत का पूरा दाम मिलेगा।

आवेदन प्रक्रिया और आगे की राह

इस योजना से जुड़ने के लिए इच्छुक दिव्यांग व्यक्ति अपने जिले के सामाजिक कल्याण विभाग या दिव्यांगजन वित्त एवं विकास निगम के कार्यालय में संपर्क कर सकते हैं। आवेदन के साथ दिव्यांगता प्रमाणपत्र, निवास प्रमाण पत्र और प्रस्तावित व्यवसाय की संक्षिप्त जानकारी जमा करनी होगी। कागजातों की जांच और परियोजना की समीक्षा के बाद निगम की ओर से ऋण स्वीकृति की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी।

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Ravi Pratap Pandey

रवि पिछले 7 वर्षों से छत्तीसगढ़ में सक्रिय पत्रकार हैं। उन्होंने राज्य के सामाजिक, राजनीतिक और सांस्कृतिक पहलुओं पर गहराई से रिपोर्टिंग की है। जमीनी हकीकत को उजागर करने और आम जनता की आवाज़ को मंच देने के लिए वे लगातार लेखन और रिपोर्टिंग करते रहे हैं।

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