
Pali Tanakhar MLA Cyber Fraud: छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले में साइबर ठगी की एक सनसनीखेज वारदात सामने आई है। साइबर अपराधियों ने पाली-तानाखार क्षेत्र के विधायक और गोंडवाना गणतंत्र पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष तुलेश्वर हीरा सिंह मरकाम का मोबाइल फोन हैक कर लिया है। हैकर्स अब विधायक के आधिकारिक व्हाट्सएप नंबर का इस्तेमाल कर उनके करीबियों, परिचितों और पार्टी कार्यकर्ताओं से पैसों की मांग कर रहे हैं। इस घटना के बाद से क्षेत्र के जन प्रतिनिधियों और स्थानीय पुलिस प्रशासन में हड़कंप मच गया है।
पार्सल के बहाने आया फोन कॉल और हैक हो गया नंबर
Gondwana Ganatantra Party Chief Phone Hacked: विधायक तुलेश्वर मरकाम ने बताया कि मंगलवार को उनके मोबाइल पर एक अनजान नंबर से कॉल आया था। फोन करने वाले व्यक्ति ने खुद को पार्सल डिलीवरी सेवा से जुड़ा हुआ बताया। बातचीत के कुछ ही देर बाद उनका मोबाइल फोन अचानक काम करना बंद कर दिया और हैक हो गया। इसके तुरंत बाद उनके व्हाट्सएप नंबर से परिचितों को मैसेज भेजे जाने लगे, जिनमें किसी आपात स्थिति का हवाला देकर 76 हजार रुपये तुरंत ट्रांसफर करने का अनुरोध किया जा रहा था।
विधायक ने पाली थाने में दर्ज कराई शिकायत
Korba Cyber Crime Alert: अज्ञात नंबर से मैसेज आने और पैसे मांगने की शिकायत जब कुछ परिचितों ने सीधे विधायक से की, तब जाकर उन्हें इस साइबर धोखाधड़ी की भनक लगी। मामले की गंभीरता को देखते हुए विधायक ने तुरंत पाली थाना प्रभारी को पूरे घटनाक्रम से अवगत कराया। पुलिस ने शिकायत दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। इसके साथ ही साइबर सेल की मदद से उस मोबाइल नंबर, आईपी एड्रेस और उस बैंक खाते की जानकारी जुटाई जा रही है, जिसका इस्तेमाल ठग पैसे ऐंठने के लिए कर रहे हैं।
विधायक ने समर्थकों और कार्यकर्ताओं को किया सतर्क
Chhattisgarh Cyber Fraud News: मोबाइल हैक होने की पुष्टि होते ही विधायक मरकाम ने अपनी पार्टी के पदाधिकारियों, समर्थकों और आम जनता से सावधान रहने की अपील जारी की है। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनके नंबर से अगर किसी भी तरह की आर्थिक मदद या ऑनलाइन पैसे भेजने का मैसेज आता है, तो उस पर बिल्कुल ध्यान न दें। किसी भी झांसे में आने से पहले लोग सीधे उनसे फोन पर बात करके सच्चाई की पुष्टि करें। उन्होंने किसी भी बैंक खाते में पैसे न भेजने की सख्त हिदायत दी है।
साइबर पुलिस कर रही है पूरे मामले की जांच
जनप्रतिनिधि का फोन हैक होने की खबर के बाद साइबर पुलिस एक्टिव हो गई है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि यह एक सोची-समझी साजिश के तहत किया गया फ्रॉड है। पुलिस अब उस अज्ञात कॉल की कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) खंगाल रही है और हैकर्स के लोकेशन का पता लगाने की कोशिश कर रही है। पुलिस ने आम नागरिकों से भी अपील की है कि वे किसी भी अज्ञात कॉल या पार्सल डिलीवरी के नाम पर आने वाले लिंक और ओटीपी को किसी के साथ साझा न करें।



