
छत्तीसगढ़ में धान खरीदी की समय सीमा खत्म होते ही सियासत गरमा गई है। आम आदमी पार्टी (AAP) ने सरकार के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए 10 फरवरी को रायपुर में मुख्यमंत्री निवास के घेराव का ऐलान किया है। पार्टी के कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष अभिषेक मिश्रा का कहना है कि प्रदेश के लाखों किसान अब भी अपना धान बेचने से वंचित हैं। 6 फरवरी को खरीदी बंद होने से छोटे और सीमांत किसानों के सामने बड़ा आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। ‘आप’ की मांग है कि किसानों के हितों को देखते हुए खरीदी की तारीख को कम से कम 28 फरवरी तक बढ़ाया जाए।
“अन्नदाता को अपराधी मान रही सरकार”
आम आदमी पार्टी के किसान विंग के अध्यक्ष तारेंद्र चंद्राकर ने सरकार की कार्यप्रणाली पर तीखे सवाल उठाए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि धान खरीदी के दौरान पटवारी और तहसीलदार किसानों के घरों पर जाकर इस तरह भौतिक सत्यापन कर रहे थे जैसे किसान कोई अपराधी हों। इसके अलावा सहकारी बैंकों से एक बार में केवल 25 हजार रुपये निकालने की पाबंदी ने किसानों की मुसीबत और बढ़ा दी है। पार्टी का कहना है कि अपनी ही उपज का पैसा पाने के लिए किसानों को दर-दर भटकना पड़ रहा है, जो सरासर गलत है।
विदेशी ट्रेड डील से बढ़ेगी बर्बादी
पार्टी के कर्मचारी विंग के अध्यक्ष विजय कुमार झा ने केंद्र सरकार की नीतियों को भी आड़े हाथों लिया। उन्होंने अमेरिका के साथ हालिया ट्रेड डील की आलोचना करते हुए कहा कि विदेशी कृषि उत्पादों पर टैरिफ खत्म करने से भारतीय बाजार विदेशी अनाज से भर जाएगा। इसका सबसे बुरा असर छत्तीसगढ़ के किसानों पर पड़ेगा क्योंकि स्थानीय उपज की मांग कम हो जाएगी। ‘आप’ नेताओं का मानना है कि एक तरफ राज्य सरकार खरीदी बंद कर रही है और दूसरी तरफ केंद्र की नीतियां किसानों की कमर तोड़ने का काम कर रही हैं।
‘आप’ की प्रमुख मांगें और विरोध का एजेंडा
आम आदमी पार्टी ने सरकार के सामने अपनी मांगों की सूची साफ कर दी है। पार्टी का कहना है कि लगभग 3 लाख किसान अब भी टोकन और खरीदी का इंतजार कर रहे हैं। उनकी मुख्य मांगें इस प्रकार हैं:
| मुख्य बिंदु | विवरण और मांग |
| खरीदी की समय सीमा | तारीख को 6 फरवरी से बढ़ाकर 28 फरवरी किया जाए |
| रकबा समर्पण | जबरन रकबा समर्पण की प्रक्रिया पर सरकार माफी मांगे |
| बैंक भुगतान | सहकारी बैंकों से निकासी की सीमा खत्म कर भुगतान सरल हो |
| आंदोलन की तिथि | 10 फरवरी 2026 को मुख्यमंत्री निवास का घेराव |
रायपुर में सुरक्षा के कड़े इंतजाम की तैयारी
10 फरवरी को होने वाले प्रदर्शन को देखते हुए राजधानी पुलिस अलर्ट मोड पर है। मुख्यमंत्री निवास और उसके आसपास के रास्तों पर सुरक्षा घेरा बढ़ाने की तैयारी की जा रही है। आम आदमी पार्टी ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि सरकार ने उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दिया और किसानों का एक-एक दाना धान नहीं खरीदा गया, तो इस आंदोलन को प्रदेश के हर तहसील और गांव तक ले जाया जाएगा। फिलहाल इस घेराव कार्यक्रम को लेकर प्रदेश भर के कार्यकर्ताओं को रायपुर पहुंचने का निर्देश दिया गया है।
तहसील स्तर तक आंदोलन ले जाने की चेतावनी
पार्टी नेताओं का कहना है कि यह केवल एक दिन का प्रदर्शन नहीं है, बल्कि किसानों के अस्तित्व की लड़ाई है। अगर 10 फरवरी के घेराव के बाद भी सरकार नहीं जागी, तो आने वाले दिनों में चक्का जाम और जेल भरो आंदोलन जैसे कड़े कदम उठाए जा सकते हैं। ‘आप’ ने सरकार पर वादाखिलाफी का आरोप लगाते हुए कहा है कि चुनाव के समय बड़े-बड़े दावे करने वाले अब किसानों की सुध लेने को तैयार नहीं हैं।



