
मुंगेली जिले में समर्थन मूल्य पर धान खरीदी का अभियान अपने अंतिम पड़ाव पर है। प्रशासन ने किसानों की सुविधा को देखते हुए सभी 105 उपार्जन केंद्रों में प्रतिदिन की खरीदी सीमा और समितियों की लिमिट में बढ़ोतरी कर दी है। कलेक्टर के निर्देश पर किए गए इस बदलाव का मुख्य उद्देश्य किसानों को कतारों से बचाना और खरीदी प्रक्रिया को और अधिक तेज करना है। अब ज्यादा संख्या में किसान अपना धान केंद्रों पर ला पा रहे हैं जिससे केंद्रों में भीड़ का दबाव कम हुआ है।
90 हजार से अधिक किसानों ने बेचा धान
जिला खाद्य अधिकारी के मुताबिक मुंगेली की 66 समितियों में इस साल 1 लाख 10 हजार 900 से ज्यादा किसान पंजीकृत हैं। इनमें से अब तक 90 हजार से अधिक किसान अपनी उपज बेच चुके हैं। जिले में अब तक करीब 43 लाख क्विंटल धान की कुल खरीदी की जा चुकी है। साथ ही केंद्रों से धान का उठाव भी समांतर रूप से जारी है और अब तक 27 लाख 85 हजार क्विंटल से अधिक धान राइस मिलों के लिए भेजा जा चुका है।
करोड़ों का त्वरित भुगतान और बैंकिंग सुविधा
किसानों को उनकी मेहनत का दाम देने के मामले में प्रशासन मुस्तैदी दिखा रहा है। अब तक जिले के किसानों के खातों में 994 करोड़ रुपये से अधिक की राशि भेजी जा चुकी है। भुगतान की प्रक्रिया को आसान बनाने के लिए माइक्रो एटीएम और चेक की व्यवस्था की गई है। औसतन प्रतिदिन 3 हजार किसानों को लगभग 12 करोड़ रुपये का भुगतान किया जा रहा है जिससे किसानों को आर्थिक तंगी का सामना नहीं करना पड़ रहा है।
बिचौलियों पर हाईटेक सिस्टम से नजर
अवैध धान की आवक को रोकने के लिए जिले की सीमाओं और चेक पोस्ट पर चौकसी बढ़ा दी गई है। कोचियों और बिचौलियों पर लगाम कसने के लिए ‘इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर’ के जरिए रीयल टाइम मॉनिटरिंग की जा रही है। संदिग्ध वाहनों की जांच के साथ-साथ धान के भंडारण और परिवहन की हर गतिविधि पर सीसीटीवी और डिजिटल माध्यमों से नजर रखी जा रही है ताकि केवल वास्तविक किसानों को ही सरकारी योजना का लाभ मिले।
31 जनवरी की डेडलाइन और आगे की उम्मीद
छत्तीसगढ़ की विष्णुदेव साय सरकार ने फिलहाल धान खरीदी की अंतिम तारीख 31 जनवरी तय की है। हालांकि प्रदेश स्तर पर अभी भी कई किसान अपनी उपज बेचने से बचे हुए हैं और सरकार का निर्धारित लक्ष्य भी पूरा होना शेष है। इसे देखते हुए गलियारों में चर्चा है कि धान खरीदी की समय सीमा को आगे बढ़ाया जा सकता है। हालांकि शासन की ओर से इस पर अभी तक कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है जिससे अंतिम दिनों में केंद्रों पर भीड़ बढ़ने के आसार हैं।



