
छत्तीसगढ़ के प्रयागराज कहे जाने वाले राजिम में आयोजित होने वाले ‘राजिम कल्प कुंभ’ में शामिल होने वाले श्रद्धालुओं के लिए रेलवे ने बड़ी सुविधा दी है। 1 फरवरी से 15 फरवरी तक रायपुर और राजिम के बीच दो स्पेशल मेमू ट्रेनें चलाई जाएंगी। यह फैसला मेले के दौरान उमड़ने वाली भारी भीड़ को देखते हुए लिया गया है ताकि लोगों को सड़क मार्ग के ट्रैफिक से राहत मिल सके और वे कम समय में त्रिवेणी संगम पहुंच सकें।
इन स्टेशनों पर होगा कमर्शियल स्टॉपेज
रेलवे प्रशासन के अनुसार इन कुंभ स्पेशल ट्रेनों का ठहराव प्रमुख स्टेशनों पर दिया गया है जिससे ग्रामीण क्षेत्रों के यात्रियों को भी सीधा लाभ मिलेगा। ट्रेनें मंदिर हसौद, सीबीडी, केंद्री, अभनपुर और मानिकचोरी स्टेशनों पर रुकते हुए राजिम पहुंचेंगी। बेहतर रेल कनेक्टिविटी की वजह से यह यात्रा न केवल श्रद्धालुओं के लिए तेज होगी बल्कि बसों के मुकाबले काफी किफायती भी साबित होगी।
दोपहर की पहली ट्रेन का समय (08755/08756)
रायपुर से राजिम की ओर जाने वाली पहली स्पेशल मेमू ट्रेन दोपहर के समय संचालित होगी। यह ट्रेन उन लोगों के लिए बेहतरीन विकल्प है जो दिन में दर्शन कर शाम तक वापस लौटना चाहते हैं। इस गाड़ी का शेड्यूल इस प्रकार तैयार किया गया है कि यात्रियों को राजिम पहुंचने और वहां से वापस आने के लिए पर्याप्त समय मिल सके।
| स्टेशन | रायपुर से राजिम (08755) | राजिम से रायपुर (08756) |
| रायपुर | प्रस्थान: 11:55 AM | आगमन: 03:30 PM |
| मंदिर हसौद | 12:15 PM | 02:43 PM |
| अभनपुर | 12:49 PM | 02:14 PM |
| राजिम | आगमन: 01:20 PM | प्रस्थान: 02:00 PM |
शाम की दूसरी ट्रेन का शेड्यूल (08757/08758)
श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए रेलवे ने एक दूसरी सेवा भी शुरू की है जो दोपहर बाद रायपुर से रवाना होगी। यह ट्रेन मुख्य रूप से उन यात्रियों के लिए फायदेमंद है जो शाम की आरती में शामिल होना चाहते हैं। वापसी में यह गाड़ी रात के वक्त राजिम से छूटेगी जिससे श्रद्धालु कुंभ मेले के सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आनंद लेकर घर लौट सकेंगे।
| स्टेशन | रायपुर से राजिम (08757) | राजिम से रायपुर (08758) |
| रायपुर | प्रस्थान: 02:30 PM | आगमन: 10:00 PM |
| मंदिर हसौद | 02:48 PM | 09:12 PM |
| अभनपुर | 03:23 PM | 08:44 PM |
| राजिम | आगमन: 04:00 PM | प्रस्थान: 08:30 PM |
यात्रा को सुगम और सस्ता बनाने की कोशिश
इन ट्रेनों के संचालन से रायपुर और आसपास के जिलों से आने वाले हजारों श्रद्धालुओं को सीधा फायदा होगा। रेलवे अधिकारियों का कहना है कि सड़क मार्ग पर मेले के दौरान काफी दबाव रहता है जिसे कम करने के लिए इन मेमू ट्रेनों का चलना जरूरी था। ट्रेनों में कोचों की संख्या और सुरक्षा व्यवस्था के भी पुख्ता इंतजाम किए गए हैं ताकि महिलाओं और बुजुर्ग यात्रियों को किसी भी तरह की परेशानी न हो।
कुंभ मेला प्रशासन और रेलवे का तालमेल
राजिम कल्प कुंभ के सफल आयोजन के लिए स्थानीय प्रशासन और रेलवे के बीच बेहतर समन्वय बनाया गया है। रेलवे स्टेशनों पर यात्रियों की जानकारी के लिए विशेष काउंटर और दिशा-निर्देश बोर्ड लगाए जा रहे हैं। 15 दिनों तक चलने वाली इस विशेष सेवा से राजिम के पर्यटन और स्थानीय व्यापार को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। श्रद्धालु अब बिना किसी भागदौड़ के अपनी सुविधा अनुसार इन ट्रेनों का उपयोग कर पुण्य लाभ ले सकते हैं।



