
Indian Family Stuck in Iran: मिडिल ईस्ट में इजरायल और ईरान के बीच जारी युद्ध की चपेट में अब भारत के परिवार भी आने लगे हैं। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर के मोमिनपारा इलाके में रहने वाले कासिम अली की बेटी, दामाद और दो मासूम पोते इस वक्त ईरान के संकटग्रस्त इलाके में फंसे हुए हैं।
कई दिनों से न कोई कॉल, न कोई मैसेज — परिवार परेशान है, और अब उन्होंने भारत सरकार से सीधी मदद की अपील की है।

सांसें लेने में हो रही हैं मुश्किल, ऑक्सीजन का किया इंतज़ाम
Iran Israel War: कासिम अली ने बताया कि उनकी बेटी एमन जैदी (उम्र 29 साल) और दामाद एजाज ईरान के कुंद शहर में रहते हैं। एजाज 2017 में धार्मिक शिक्षा के लिए ईरान गया था। बाद में एमन से शादी हुई और वह भी पति के साथ ईरान चली गई। अब उनके दो बेटे हैं — एक की उम्र 5 साल और दूसरा सिर्फ 3 साल का है।
बीते दिनों जब बमबारी तेज़ हुई, तो एमन की तबीयत अचानक बिगड़ गई। सांस लेने में तकलीफ हुई और उसे ऑक्सीजन सपोर्ट की ज़रूरत पड़ी। एजाज ने किसी तरह ऑक्सीजन का इंतज़ाम किया, लेकिन अब बुधवार से उनका परिवार संपर्क से बाहर है। कोई कॉल उठाया नहीं जा रहा, कोई मैसेज का जवाब नहीं आ रहा।
रायपुर में पसरा सन्नाटा, घर में डर और बीमारी
कासिम अली और उनकी पत्नी रोज़ वीडियो कॉल पर अपने बच्चों और नातियों से बात किया करते थे। अब कई दिन बीत चुके हैं — फोन खामोश हैं और दिलों में डर है।
परिवार की चिंता अब शरीर पर असर कर रही है। कासिम की पत्नी जो पहले से माइग्रेन और हाई ब्लड प्रेशर से जूझ रही थीं, अब उनकी तबीयत और भी बिगड़ती जा रही है। डर, तनाव और बेबसी का माहौल है।
“बस मेरी बेटी और उसके बच्चों को वापस ला दीजिए…”
कासिम अली ने भारत सरकार और छत्तीसगढ़ सरकार दोनों से गुहार लगाई है। उनका कहना है —
“हम कुछ नहीं मांगते, बस मेरी बेटी, दामाद और दोनों मासूम पोते सुरक्षित भारत लौट आएं। हम रोज़ रात नींद में भी बम गिरने की आवाज़ें सुनते हैं।”
एजाज मूल रूप से मध्यप्रदेश के दमोह का रहने वाला है। वो ईरान में मौलवियत की पढ़ाई कर रहा है, लेकिन अब हालत ये है कि उसका पूरा परिवार एक युद्ध के साए में जीने को मजबूर है।
भारत सरकार से अपील: बात सिर्फ विदेश नीति की नहीं, इंसानियत की है
Family Seeks Government Help: अब सवाल भारत सरकार से है — क्या रायपुर के इस परिवार को सुरक्षित घर वापस लाया जा सकेगा?
क्या विदेश मंत्रालय इस युद्ध में फंसे भारतीय नागरिकों को सुरक्षित निकालने की योजना बनाएगा?
कासिम अली जैसे न जाने कितने माता-पिता हर दिन अपने बच्चों की सलामती की दुआ कर रहे हैं।
यह सिर्फ एक खबर नहीं, एक पिता की पुकार है।



