CSVTU D Pharmacy Exam Mass Cheating: फार्मेसी परीक्षा में सामूहिक नकल का महाघोटाला: CSVTU ने रद्द की परीक्षा, 4 केंद्रों की मान्यता होगी खत्म, 7 कॉलेजों के छात्र दोबारा देंगे पेपर

CSVTU D Pharmacy Exam Mass Cheating: छत्तीसगढ़ स्वामी विवेकानंद तकनीकी विश्वविद्यालय (CSVTU) से संबंद्ध फार्मेसी कॉलेजों में परीक्षा प्रणाली को तार-तार करने वाला एक बड़ा मामला सामने आया है. विश्वविद्यालय प्रशासन ने 7 मई को आयोजित हुई डी.फार्मेसी (D.Pharmacy) द्वितीय सेमेस्टर की परीक्षा को पूरी तरह से निरस्त कर दिया है. जांजगीर-चांपा और गौरेला-पेंड्रा-मरवाही (GPM) जिले के परीक्षा केंद्रों में पेपर लीक होने और संगठित तरीके से सामूहिक नकल कराने की पुष्टि हुई है. इस फैसले के बाद अब 7 अलग-अलग कॉलेजों के 526 छात्र-छात्राओं को दोबारा से परीक्षा देनी होगी, जिसके लिए विश्वविद्यालय द्वारा जल्द ही नई समय-सारणी जारी की जाएगी.

परीक्षा से पहले ही वाट्सऐप पर तैरने लगे थे पर्चे, एआई टूल और चैटजीपीटी से लिखे गए जवाब

विश्वविद्यालय की जांच समिति द्वारा की गई शुरुआती छानबीन में यह चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि परीक्षा शुरू होने के ठीक आधा घंटा पहले ही प्रश्नपत्र और उनके सटीक उत्तर वाट्सऐप ग्रुप्स के जरिए छात्रों के मोबाइल तक पहुंच चुके थे. उड़नदस्ता (फ्लाइंग स्क्वाड) की टीम ने जब केंद्रों का औचक निरीक्षण किया, तो कई परीक्षार्थियों की उत्तर पुस्तिकाओं में हूबहू एक जैसे जवाब लिखे मिले. जांच में यह भी सामने आया कि छात्रों ने परीक्षा हॉल के भीतर मोबाइल का धड़ल्ले से इस्तेमाल किया और कठिन सवालों के जवाब ढूंढने के लिए चैटजीपीटी (ChatGPT) और जेमिनी (Gemini) जैसे आधुनिक एआई प्लेटफॉर्म की मदद ली.

जानबूझकर बंद किए गए सीसीटीवी कैमरे, वीक्षक की टेबल से ही बरामद हुईं पन्नों की चिटें

नकल के इस पूरे खेल को सुरक्षित तरीके से अंजाम देने के लिए परीक्षा केंद्रों के प्रबंधन ने नियमों की जमकर धज्जियां उड़ाईं. जांच दल को पता चला कि सामूहिक नकल के दौरान सबूत मिटाने के लिए कई केंद्रों में लगे सीसीटीवी कैमरे जानबूझकर बंद कर दिए गए थे. केसरी कॉलेज ऑफ फार्मेसी में जब निरीक्षण टीम पहुंची, तो कॉलेज प्रबंधन ने कैमरों का डीवीआर (DVR) देने से ही साफ मना कर दिया. वहीं ज्ञान रौशनी फार्मेसी कॉलेज में जांच दल तब दंग रह गया, जब ड्यूटी पर तैनात वीक्षक (इनविजिलेटर) की खुद की टेबल से 20 पन्नों की लिखी हुई चिटें बरामद हुईं. इसके अलावा नियमों के विपरीत वहां दो की जगह सिर्फ एक ही प्रेक्षक तैनात मिला.

कमरों में नहीं थे पर्याप्त गार्ड, ड्यूटी पर तैनात प्रेक्षक के मोबाइल में ही मिल गए उत्तर

पामगढ़ स्थित संस्कृति इंस्टीट्यूट ऑफ फार्मेसी में अव्यवस्था का आलम यह था कि परीक्षा के लिए तय 8 कमरों की निगरानी के लिए पर्याप्त संख्या में वीक्षक ही मौजूद नहीं थे. सबसे गंभीर बात तब सामने आई जब परीक्षा की शुचिता बनाए रखने के लिए तैनात किए गए मुख्य प्रेक्षक कमल कुमार की ही भूमिका संदिग्ध पाई गई. उड़नदस्ते ने जब शक के आधार पर कमल कुमार के मोबाइल फोन को चेक किया, तो उसमें वस्तुनिष्ठ प्रश्नों (MCQ) के हल किए हुए उत्तर पहले से मौजूद थे. टीम ने तत्काल मोबाइल को जब्त कर लिया और अपनी रिपोर्ट में साफ तौर पर लिखा कि केंद्र प्रबंधन की मिलीभगत से यहां संगठित रूप से सामूहिक नकल कराई जा रही थी.

कस रहा है कानूनी शिकंजा: 4 दागी केंद्रों की मान्यता होगी रद्द, संस्थान प्रबंधन भी जांच के घेरे में

इस पूरे परीक्षा घोटाले में करीब 500 से अधिक छात्रों के शामिल होने और तीन छात्रों पर मौके पर ही नकल का केस दर्ज होने के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन बेहद सख्त रुख अपना रहा है. CSVTU ने बड़ी कार्रवाई करते हुए आयुष कॉलेज ऑफ फार्मेसी मेदुका, केसरी कॉलेज ऑफ फार्मेसी, ज्ञान रौशनी कॉलेज ऑफ फार्मेसी और संस्कृति इंस्टीट्यूट ऑफ फार्मेसी की स्थायी मान्यता को समाप्त करने की कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी है. उड़नदस्ता दल की रिपोर्ट में इन शिक्षण संस्थानों के ऊंचे पदों पर बैठे प्रबंधकों की संलिप्तता पर भी गंभीर सवाल उठाए गए हैं, जिसके कारण आने वाले दिनों में कुछ और कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई देखने को मिल सकती है.

Also Read: चप्पल में छिपाया था मोबाइल, दुर्ग में JEE Main परीक्षा के दौरान नकल का अनोखा तरीका फेल

दक्षिण कोसल का Whatsapp Group ज्वाइन करे

Ravi Pratap Pandey

रवि पिछले 7 वर्षों से छत्तीसगढ़ में सक्रिय पत्रकार हैं। उन्होंने राज्य के सामाजिक, राजनीतिक और सांस्कृतिक पहलुओं पर गहराई से रिपोर्टिंग की है। जमीनी हकीकत को उजागर करने और आम जनता की आवाज़ को मंच देने के लिए वे लगातार लेखन और रिपोर्टिंग करते रहे हैं।

Related Articles

Back to top button