किसान की खुदकुशी: टोकन कटने के बाद भी नहीं बिका धान, परेशान होकर खेत में लगा ली फांसी

राजनांदगांव जिले के अंबागढ़ थाना क्षेत्र से एक विचलित करने वाली खबर सामने आई है। यहां एक किसान ने धान की बिक्री न हो पाने से परेशान होकर अपने ही खेत में फांसी लगाकर जान दे दी। बताया जा रहा है कि किसान के पास धान बिक्री का वैध टोकन मौजूद था, लेकिन इसके बावजूद खरीदी केंद्र में उसका धान नहीं लिया गया। कई दिनों तक केंद्र के चक्कर काटने और व्यवस्था से हार जाने के बाद किसान ने यह आत्मघाती कदम उठाया। सुबह जब ग्रामीण खेत की ओर गए, तब उनका शव पेड़ से लटका मिला, जिसके बाद पूरे इलाके में मातम और आक्रोश फैल गया है।

अव्यवस्था पर सियासी उबाल और परिजनों का बुरा हाल

घटना की सूचना मिलते ही पूर्व विधायक छन्नी साहू मृतक किसान के घर पहुंचीं और शोक संतप्त परिवार को ढांढस बंधाया। इस दौरान उन्होंने राज्य सरकार की धान खरीदी व्यवस्था पर गंभीर आरोप लगाए। साहू ने कहा कि सरकार के बड़े दावों और जमीनी हकीकत में जमीन-आसमान का अंतर है। समय पर धान की तौल न होने और किसानों को दफ्तरों के चक्कर कटवाने की वजह से ही अन्नदाता आज मौत को गले लगाने को मजबूर है। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मामले की जांच शुरू कर दी है, लेकिन इस घटना ने प्रशासन की कार्यशैली पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं।

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Ravi Pratap Pandey

रवि पिछले 7 वर्षों से छत्तीसगढ़ में सक्रिय पत्रकार हैं। उन्होंने राज्य के सामाजिक, राजनीतिक और सांस्कृतिक पहलुओं पर गहराई से रिपोर्टिंग की है। जमीनी हकीकत को उजागर करने और आम जनता की आवाज़ को मंच देने के लिए वे लगातार लेखन और रिपोर्टिंग करते रहे हैं।

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