
Dhamtari Belargaon Leopard Attack: छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले के वनांचल क्षेत्र से वन्यजीव के हमले में एक ग्रामीण की दर्दनाक मौत की खबर सामने आई है। बेलरगांव इलाके में स्थित दुधावा जलाशय के पास कोरमुड़ गांव के एक 55 वर्षीय ग्रामीण चौथराम मंडावी का पहाड़ी पर क्षत-विक्षत शव बरामद हुआ है। मृतक पिछले मंगलवार की शाम से अचानक लापता हो गए थे। शव की अत्यंत खराब हालत और जमीन पर घसीटे जाने के गहरे निशानों को देखकर यह साफ हो गया है कि उन पर तेंदुए ने जानलेवा हमला किया है। इस घटना के बाद से पूरे क्षेत्र में सनसनी फैल गई है और वन विभाग ने जंगल से सटे तमाम गांवों में हाई अलर्ट जारी कर दिया है।
शौच के लिए निकले थे चौथराम, दो दिन बाद जलाशय के पास मिली लाश
परिजनों से मिली जानकारी के मुताबिक कोड़मुड़ निवासी चौथराम मंडावी मंगलवार को घर से शौच के लिए निकले थे। जब वे देर रात तक वापस नहीं लौटे, तो परिवार वालों की चिंता बढ़ी। इसके बाद ग्रामीणों और परिजनों ने मिलकर आसपास के जंगलों और संभावित जगहों पर उनकी खोजबीन शुरू की। काफी तलाश करने के बाद गुरुवार की सुबह दुधावा जलाशय के किनारे पहाड़ी इलाके में उनका क्षत-विक्षत शव दिखाई दिया। तेंदुए ने शव को बुरी तरह से अपना निवाला बनाया था, जिसके चलते मृतक का एक हाथ और एक पैर मौके से पूरी तरह गायब पाया गया।

घटनास्थल पर मिले घसीटने के निशान, कोटाभर्री गांव में भी बछड़े को तेंदुए ने बनाया शिकार
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और वन विभाग के आला अधिकारी दलबल के साथ मौके पर पहुंच गए। मौका मुआयना करने के दौरान अधिकारियों को घटनास्थल पर शव को दूर तक घसीटकर ले जाने के स्पष्ट साक्ष्य मिले हैं, जो वन्यप्राणी के हमले की पुष्टि करते हैं। इस घटना के बाद से पूरे इलाके में भारी डर का माहौल है और लोग शाम होते ही अपने घरों में कैद होने को मजबूर हैं। वहीं तेंदुए का मूवमेंट केवल इसी इलाके तक सीमित नहीं है, बल्कि धमतरी से लगे ग्राम कोटाभर्री में भी एक तेंदुए ने गाय के बछड़े पर हमला कर उसे अपना शिकार बनाया है।
गर्मी में पानी और भोजन की तलाश में बस्तियों की तरफ रुख कर रहे हैं हिंसक वन्यजीव
धमतरी वन मंडल के डीएफओ श्रीकृष्ण जाधव ने बताया कि यह घटना बिड़गुड़ी वन परिक्षेत्र के कोड़मुड़ गांव की है और शव की स्थिति को देखकर मामला दो-तीन दिन पुराना लग रहा है। वन विभाग के मैदानी स्टाफ ने जांच के लिए मौके से फुटप्रिंट और अन्य सैंपल एकत्र किए हैं। डीएफओ ने बताया कि धमतरी और गरियाबंद जिले के जंगलों में तेंदुओं की तादाद काफी ज्यादा है। कड़ाके की गर्मी के इन दिनों में जंगलों के भीतर पानी के स्रोत सूख जाते हैं, जिसके कारण भोजन और पानी की खोज में ये हिंसक वन्यजीव आबादी वाले ग्रामीण इलाकों का रुख करने लगते हैं।
2 साल पहले घर के आंगन से तीन साल की बच्ची को उठा ले गया था तेंदुआ
इस वनांचल क्षेत्र में तेंदुए के आतंक का यह कोई पहला मामला नहीं है। स्थानीय लोगों के अनुसार करीब 2 साल पहले भी इसी बिड़गुड़ी और बेलरगांव क्षेत्र में एक बेहद हृदयविदारक वाकया सामने आया था। उस दौरान अपने घर के आंगन में खेल रही महज तीन साल की एक मासूम बच्ची को तेंदुआ दबे पांव आकर उठा ले गया था। अब दो साल बाद फिर से एक अधेड़ ग्रामीण को तेंदुए द्वारा अपना शिकार बनाए जाने के बाद से ग्रामीणों में वन विभाग के प्रति भारी नाराजगी है।

पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार, वन विभाग ने ग्रामीणों से अकेले जंगल न जाने की अपील की
प्रशासन ने शव को पंचनामा कार्रवाई के बाद पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। वन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि मौत के सटीक कारणों का अधिकारिक खुलासा पोस्टमार्टम की विस्तृत रिपोर्ट आने के बाद ही हो सकेगा, लेकिन मौके के हालात पूरी तरह तेंदुए के हमले की ओर इशारा कर रहे हैं। वन विभाग ने एहतियात के तौर पर मुनादी कराकर ग्रामीणों को हिदायत दी है कि वे सुबह और शाम के वक्त अकेले जंगल की तरफ बिल्कुल न जाएं। मवेशियों को चराने के लिए भी सुरक्षित स्थानों का ही चयन करें ताकि किसी भी अन्य अनहोनी से बचा जा सके।



