
छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर से एक संवेदनशील मामला सामने आया है। खमतराई थाना क्षेत्र में एक नवजात शिशु कचरा गाड़ी में लावारिस हालत में मिला। हैरानी की बात यह रही कि बच्चे के पास एक हाथ से लिखा हुआ पत्र भी था, जिसमें लिखा गया था,
पत्र में बताई लाचारी
“कृपया इस बच्चे को पाल लें, हमारे पास ना घर है, ना साधन।”
इस एक वाक्य ने उस परिवार की मजबूरी बयां कर दी जिसने यह कड़ा कदम उठाया।
महिलाओं की सतर्कता से बची जान
Baby found in garbage Raipur: स्थानीय महिलाओं ने जब कचरे की गाड़ी से बच्चे के रोने की आवाज सुनी तो वे तुरंत दौड़ पड़ीं। बच्चे की हालत देखकर सभी स्तब्ध रह गईं। किसी ने तुरंत उसे गोद में उठाया और पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर बच्चे को अपने संरक्षण में लिया और तुरंत अस्पताल में भर्ती कराया। डॉक्टरों के मुताबिक फिलहाल बच्चा सुरक्षित है।
चाइल्ड वेलफेयर कमेटी को सौंपा जाएगा बच्चा
Raipur child abandonment case: पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। बच्चा किसने छोड़ा, इसका पता लगाने के लिए आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं। साथ ही, शिशु को चाइल्ड वेलफेयर कमेटी (CWC) को सौंपने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है।
यह सिर्फ एक घटना नहीं, सामाजिक सच्चाई भी है
यह घटना केवल एक लावारिस बच्चे के मिलने की खबर नहीं है, बल्कि उस सामाजिक और आर्थिक तंगी का संकेत है जिससे जूझ रहे कई परिवार ऐसे फैसले लेने को मजबूर हो जाते हैं। यह घटना इस बात का भी उदाहरण है कि आम लोग समय पर कदम उठाएं तो किसी मासूम की जिंदगी बच सकती है।
बच्चों के लिए 1098 हेल्पलाइन है सक्रिय
अगर आपको भी कहीं कोई बच्चा लावारिस या संकट में दिखे तो बिना देर किए चाइल्ड हेल्पलाइन नंबर 1098 पर संपर्क करें। यह एक 24×7 फ्री सेवा है जिसे चाइल्डलाइन इंडिया फाउंडेशन संचालित करता है। आपकी एक कॉल किसी बच्चे को नया जीवन दे सकती है।



