Dhamtari Forest Fire: धमतरी के जंगलों में लगी भीषण आग: कई एकड़ वन क्षेत्र आया चपेट में, वन कर्मियों की मुस्तैदी से टला बड़ा हादसा

Dhamtari Forest Fire: छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले से पर्यावरण को नुकसान पहुंचाने वाली एक बड़ी खबर सामने आई है। यहां के बिरगुड़ी वन परिक्षेत्र के जंगलों में अचानक भीषण आग लग गई। देखते ही देखते जंगल की आग ने विकराल रूप धारण कर लिया और कई एकड़ में फैले वन क्षेत्र को अपनी चपेट में ले लिया। आग की लपटें इतनी तेज थीं कि दूर-दूर से आसमान में धुएं का गुबार साफ देखा जा सकता था। हालांकि, घटना की जानकारी मिलते ही वन विभाग का मैदानी अमला तुरंत हरकत में आया और कड़ी मशक्कत के बाद समय रहते आग पर काबू पा लिया गया, जिससे जंगल के एक बहुत बड़े हिस्से को स्वाहा होने से बचा लिया गया।

कंपार्टमेंट नंबर 435 में भड़की लपटें, ग्रामीणों ने धुआं देख अधिकारियों को दी सूचना

वन विभाग से मिली जानकारी के अनुसार, आगजनी की यह घटना बिरगुड़ी रेंज के अंतर्गत आने वाले करैहा और सारंगपुरी के जंगलों के कंपार्टमेंट नंबर 435 में हुई। सूखी घास और तेज हवाओं के कारण आग ने पल भर में भयानक रूप ले लिया। इस घटना को सबसे पहले जंगल के करीब रहने वाले स्थानीय ग्रामीणों ने देखा। जब जंगल के भीतर से धुएं की मोटी परत और आग की लपटें उठती दिखीं, तो ग्रामीणों ने बिना वक्त गंवाए इसकी सूचना वन परिक्षेत्राधिकारी और स्थानीय फॉरेस्ट गार्ड्स को दी।

फायर ब्लोअर और पारंपरिक तरीकों से बुझाई आग, पूरी रात चला रेस्क्यू ऑपरेशन

सूचना मिलते ही वन परिक्षेत्र के अधिकारियों के निर्देश पर फायर वाचर्स और वन कर्मियों की एक विशेष टीम जरूरी उपकरणों के साथ सीधे मौके के लिए रवाना हुई। आग वाले स्थान पर पहुंचकर टीम ने तुरंत मोर्चा संभाला। वन कर्मियों ने आधुनिक फायर ब्लोअर मशीनों का उपयोग करने के साथ-साथ हरी झाड़ियों और पारंपरिक तरीकों से आग की कड़ियों को आपस में काटने (फायर लाइन बनाने) का काम शुरू किया। घने जंगल और रात का समय होने के कारण टीम को अभियान चलाने में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा, लेकिन आखिरकार आग पर पूरी तरह नियंत्रण पा लिया गया।

गर्मी और सूखी पत्तियां बनीं आग फैलने की वजह, वन्यजीवों के आवास को पहुंचा नुकसान

शुरुआती जांच में वन विभाग के अधिकारियों का अनुमान है कि इन दिनों पड़ रही अत्यधिक गर्मी और पेड़ों से गिरने वाली सूखी पत्तियों के आपस में रगड़ने या किसी मानवीय लापरवाही के कारण यह आग भड़की होगी। इस आगजनी की वजह से जंगल के छोटे पेड़-पौधों, औषधीय जड़ी-बूटियों और सूखी लकड़ियों को भारी नुकसान पहुंचा है। इसके अलावा, जमीन पर रहने वाले छोटे वन्यजीवों, कीड़े-मकोड़ों और पक्षियों के घोंसलों को भी इस दावानल से क्षति पहुंचने की आशंका जताई जा रही है, जिसका आकलन विभाग द्वारा किया जा रहा है।

कारणों की तलाश में जुटा वन महकमा, शरारती तत्वों पर भी रखी जा रही है पैनी नजर

आग पर काबू पाने के बाद अब वन विभाग इस बात की गहनता से पड़ताल कर रहा है कि आखिर आग लगने की मुख्य वजह क्या थी। विभाग इस बात की भी जांच कर रहा है कि कहीं महुआ बीनने वाले ग्रामीणों या किसी शरारती तत्व ने तो जानबूझकर जंगल में आग नहीं लगाई थी। अधिकारियों का कहना है कि अगर जांच में किसी भी व्यक्ति की संलिप्तता पाई जाती है, तो उसके खिलाफ वन्यजीव संरक्षण और वन अधिनियम की कड़े नियमों के तहत कानूनी मामला दर्ज कर सख्त कार्रवाई की जाएगी।

गर्मी के सीजन को देखते हुए वन विभाग अलर्ट, संवेदनशील इलाकों में बढ़ाई गई गश्त

इस घटना के बाद बिरगुड़ी सहित धमतरी जिले के सभी वन परिक्षेत्रों में अलर्ट जारी कर दिया गया है। वन मंडलाधिकारी ने सभी बीट प्रभारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में चौबीसों घंटे निगरानी रखने के निर्देश दिए हैं। खासकर उन संवेदनशील जंगलों में गश्त बढ़ा दी गई है, जहां गर्मियों के दिनों में आग लगने की घटनाएं ज्यादा होती हैं। वन विभाग ने आम जनता और जंगल के रास्ते गुजरने वाले राहगीरों से भी अपील की है कि वे बीड़ी-सिगरेट के टुकड़े या कोई भी जलती हुई वस्तु लापरवाही से जंगल में न फेंकें।

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Ravi Pratap Pandey

रवि पिछले 7 वर्षों से छत्तीसगढ़ में सक्रिय पत्रकार हैं। उन्होंने राज्य के सामाजिक, राजनीतिक और सांस्कृतिक पहलुओं पर गहराई से रिपोर्टिंग की है। जमीनी हकीकत को उजागर करने और आम जनता की आवाज़ को मंच देने के लिए वे लगातार लेखन और रिपोर्टिंग करते रहे हैं।

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