Dhamtari PACS Drone Model National Award: छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले का कमाल: किसानों के लिए बनाया ड्रोन मॉडल, कोलकाता में मिला राष्ट्रीय सम्मान

Dhamtari PACS Drone Model National Award: छत्तीसगढ़ का धमतरी जिला एक बार फिर राष्ट्रीय पटल पर चमक उठा है। जिले में सहकारी समितियों के माध्यम से शुरू किए गए ड्रोन कृषि सेवा मॉडल को देश स्तर पर बड़ा सम्मान मिला है। कोलकाता में आयोजित कॉमन सर्विस सेंटर यानी सीएससी ई-गवर्नेंस सर्विसेज इंडिया लिमिटेड के 17वें स्थापना दिवस समारोह में धमतरी के इस अनूठे प्रयोग को राष्ट्रीय पुरस्कार से नवाजा गया। इस मॉडल को ग्रामीण इलाकों में आधुनिक तकनीक पहुंचाने की दिशा में एक बेहतरीन कदम माना गया है।

कोलकाता के राष्ट्रीय मंच पर गूंजा धमतरी का नाम

कोलकाता में आयोजित इस मुख्य समारोह के दौरान बेहतर कृषि सेवाओं की उपलब्धता को लेकर एक विशेष चर्चा आयोजित की गई थी। इस चर्चा में धमतरी जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी आईएएस जयंत नाहटा ने हिस्सा लिया। उन्होंने देश भर से आए कृषि विशेषज्ञों के सामने धमतरी जिले में चल रहे इस सफल प्रयोग और भविष्य के खाके को विस्तार से साझा किया। उनके इस प्रस्तुतीकरण को वहां मौजूद तमाम दिग्गजों ने बेहद ध्यान से सुना और सराहा।

वन स्टॉप एग्रीकल्चर सर्विस सेंटर के रूप में विकास

जिला प्रशासन की योजना के मुताबिक धमतरी में प्राथमिक कृषि साख सहकारी समितियों को केवल कर्ज बांटने वाली संस्था बनाकर नहीं रखा जाएगा। अब इन समितियों को ग्रामीण स्तर पर वन स्टॉप एग्रीकल्चर सर्विस सेंटर के रूप में बदला जा रहा है। इसका सीधा मतलब यह है कि किसानों को अपनी खेती से जुड़ी तमाम सुविधाएं जैसे ड्रोन सेवा, आधुनिक मशीनें, डिजिटल बैंकिंग, सरकारी योजनाओं का पंजीकरण और कृषि विशेषज्ञों की सलाह एक ही छत के नीचे मिल सकेगी।

जिले की 10 सहकारी समितियों में मिल रही है ड्रोन सेवा

धमतरी जिले में फिलहाल 10 प्रमुख प्राथमिक कृषि साख सहकारी समितियों के जरिए किसानों को खेती के लिए ड्रोन की सुविधा दी जा रही है। इन ड्रोन की मदद से खेतों में लिक्विड फर्टिलाइजर यानी तरल खाद का छिड़काव किया जा रहा है। इस आधुनिक तकनीक से किसानों की मेहनत और समय दोनों की भारी बचत हो रही है। इसके साथ ही खेतों में खाद का फैलाव भी एक समान और वैज्ञानिक तरीके से संभव हो पा रहा है।

कलेक्टर अबिनाश मिश्रा की पहल को मिली बड़ी सफलता

इस पूरे अभियान की शुरुआत पिछले महीने धमतरी के कलेक्टर अबिनाश मिश्रा की देखरेख में हुई थी। उनके प्रयासों से इन 10 समितियों में ड्रोन स्प्रेयर सेवा को जमीन पर उतारा गया। इस सेवा के शुरू होते ही धमतरी पूरे देश का ऐसा पहला जिला बन गया, जहां सहकारी समितियों के माध्यम से किसानों को सीधे ड्रोन की सुविधाएं मिलनी शुरू हुईं। लोहरसी गांव की समिति में हुए पहले प्रदर्शन में स्थानीय युवाओं ने ड्रोन उड़ाकर इसकी उपयोगिता साबित की थी।

इन 10 प्रमुख ग्रामीण क्षेत्रों में शुरू हुई आधुनिक सुविधा

जिले के जिन चुनिंदा क्षेत्रों में यह सुविधा सबसे पहले पहुंचाई गई है, उनमें बोड़रा, लोहरसी, दोनर, अछोटा और खरेंगा जैसी प्रमुख समितियां शामिल हैं। इसके अलावा भोथीडीह, कुंदेल, गड़ाडीह, जुगदेही और करेली सहकारी समितियों के माध्यम से भी स्थानीय किसानों को उनकी जरूरत के हिसाब से ड्रोन उपलब्ध कराए जा रहे हैं। इन केंद्रों पर प्रशिक्षित पायलट तैनात किए गए हैं जो पूरी प्रक्रिया को संभालते हैं।

कृषि विशेषज्ञों ने माना टिकाऊ खेती के लिए जरूरी

कोलकाता में हुई इस उच्च स्तरीय बैठक में शामिल सहकारिता और कृषि क्षेत्र के विशेषज्ञों ने माना कि आज के समय में तकनीक का इस्तेमाल बेहद जरूरी हो गया है। विशेषज्ञों के अनुसार ड्रोन तकनीक की मदद से पानी, खाद और मजदूरी की लागत को काफी हद तक कम किया जा सकता है। यह तकनीक पारंपरिक खेती को आधुनिक बनाने के साथ-साथ पर्यावरण के अनुकूल और किसानों के लिए अधिक मुनाफे वाली साबित हो रही है।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की मंशा के अनुरूप हो रहा काम

राज्य सरकार का पूरा ध्यान इस समय छत्तीसगढ़ में खेती-किसानी को आधुनिक रंग देने पर है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के दिशा-निर्देशों के तहत सरकार सभी सहकारी समितियों को बहुउद्देशीय केंद्रों में बदलने की तैयारी कर चुकी है। इसका अंतिम लक्ष्य यही है कि गांव के स्तर पर ही किसानों को हर आधुनिक साधन मिल सके, जिससे उनकी आय में बढ़ोतरी हो। धमतरी का यह सफल प्रयोग अब पूरे देश के लिए ग्रामीण विकास की एक नई मिसाल बन चुका है।

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Ravi Pratap Pandey

रवि पिछले 7 वर्षों से छत्तीसगढ़ में सक्रिय पत्रकार हैं। उन्होंने राज्य के सामाजिक, राजनीतिक और सांस्कृतिक पहलुओं पर गहराई से रिपोर्टिंग की है। जमीनी हकीकत को उजागर करने और आम जनता की आवाज़ को मंच देने के लिए वे लगातार लेखन और रिपोर्टिंग करते रहे हैं।

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