
रायपुर जिले में आगामी 15 नवंबर से समर्थन मूल्य पर धान खरीदी शुरू होने जा रही है। इसकी तैयारियों को लेकर आज रेडक्रॉस सभाकक्ष कलेक्ट्रेट में अपर मुख्य सचिव और रायपुर जिले की प्रभारी सचिव ऋचा शर्मा ने एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक ली। उन्होंने निर्देश दिए कि धान उपार्जन केंद्रों में सभी आवश्यक व्यवस्थाएं समय पर पूरी कर ली जाएं, ताकि किसानों को धान विक्रय में किसी प्रकार की समस्या का सामना न करना पड़े। उनका जोर था कि किसानों को सुगमता से धान विक्रय की सुविधा मिले और उनका भुगतान जल्द से जल्द किया जाए।
अवैध खरीदी और परिवहन पर सख्त कार्रवाई के निर्देश
प्रभारी सचिव ऋचा शर्मा ने अधिकारियों को सख्त हिदायत दी कि कोचियों और अवैध धान विक्रय-परिवहन पर कड़ी निगरानी रखी जाए और सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। उन्होंने निर्देश दिए कि खरीदी में धान की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान दिया जाए और उपार्जन केंद्रों से धान का उठाव तेजी से सुनिश्चित किया जाए। साथ ही, उन्होंने कहा कि स्टेकिंग (भंडारण) धान की किस्म के अनुसार सही तरीके से की जानी चाहिए ताकि गुणवत्ता बनी रहे।
उपार्जन केंद्रों पर डिस्प्ले होंगे कॉल सेंटर के नंबर
किसानों की सुविधा और उनकी समस्याओं के समयबद्ध निराकरण के लिए प्रभारी सचिव ने एक महत्वपूर्ण निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि सभी उपार्जन केंद्रों में कॉल सेंटर के नंबर अनिवार्य रूप से चस्पा (डिस्प्ले) किए जाएं। इससे कृषक अपनी किसी भी समस्या की जानकारी तत्काल दे सकेंगे और उसका समाधान तुरंत सुनिश्चित किया जा सकेगा। यह कदम खरीदी प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और किसान-हितैषी बनाने में सहायक होगा।
रायपुर जिले में 139 केंद्र, 1.34 लाख किसान पंजीकृत
बैठक में रायपुर जिले में धान खरीदी से जुड़ी विस्तृत जानकारी दी गई। खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 के लिए जिले में कुल 1,34,037 किसान पंजीकृत हैं, और 1,26,921 हेक्टेयर क्षेत्र में धान का रकबा दर्ज किया गया है। जिले में कुल 139 उपार्जन केंद्र बनाए गए हैं, जहां किसानों से धान खरीदा जाएगा। इन सभी केंद्रों पर सुचारु व्यवस्था बनाए रखने के निर्देश दिए गए हैं।
अवैध परिवहन रोकने को बने 5 चेक पोस्ट, उड़नदस्ता तैनात
अवैध धान परिवहन को रोकने और खरीदी की बेहतर मॉनिटरिंग के लिए रायपुर जिले में जिला स्तरीय कंट्रोल कमांड सेंटर स्थापित किया गया है। इसके अलावा, जिला एवं ब्लॉक स्तरीय दल तथा उड़नदस्ता का गठन किया गया है। जिले में अवैध धान परिवहन रोकने के लिए 5 चेक पोस्ट बनाए गए हैं और उड़नदस्ते में 43 कर्मियों की तैनाती की गई है। संवेदनशील और अतिसंवेदनशील केंद्रों का चिन्हांकन कर प्रशासनिक अधिकारियों की ड्यूटी लगाई गई है, साथ ही गुणवत्ता जांच दल का भी गठन किया गया है।



