
कोरबा: छत्तीसगढ़ राज्य की स्थापना की रजत जयंती के अवसर पर कोरबा के ओपन थिएटर में आयोजित राज्योत्सव कार्यक्रम स्थल पर एक अजीबोगरीब घटना के बाद हड़कंप मच गया है। मुख्यमंत्री, उपमुख्यमंत्री और श्रम मंत्री सहित अन्य नेताओं के कटआउट को कार्यक्रम स्थल पर ले जाने के लिए पशु ट्राली (काऊ कैचर वाहन) का इस्तेमाल किया गया, जिसके बाद निगम प्रशासन पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
दूसरी बार दोहराई गई लापरवाही
नगर निगम कोरबा में यह लापरवाही दूसरी बार सामने आई है। इससे पहले 11 सितंबर 2025 को भी नेताओं के कटआउट इसी तरह पशु ट्राली में ढोए गए थे, जिस पर चेतावनी दी गई थी। बावजूद इसके वही गलती दोबारा दोहराने पर निगम आयुक्त आशुतोष पांडेय ने इसे गंभीरता से लिया है। उन्होंने तीन संबंधित अधिकारियों को नोटिस जारी कर 48 घंटे के भीतर जवाब मांगा है। आयुक्त ने चेतावनी दी है कि संतोषजनक जवाब न मिलने पर उनके विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

इन तीन अधिकारियों को जारी हुआ नोटिस
निगम के अफसरों के अनुसार, कटआउट लगाने का दायित्व उप अभियंता अश्विनी दास को सौंपा गया था। वहीं, स्वच्छता निरीक्षक रविंद्र थवाईत पशुओं वाले काऊ कैचर वाहन के प्रभारी हैं, और उप अभियंता अभय मिंज निगम के वाहन शाखा में वाहनों की मॉनिटरिंग का जिम्मा संभालते हैं।
इन तीनों की जानकारी में नेताओं के कटआउट को पशु ट्राली में एक स्थान से दूसरे स्थान पर ले जाया गया। निगम आयुक्त ने इसे कर्तव्य के प्रति घोर लापरवाही माना है और छत्तीसगढ़ सिविल सेवा आचरण नियम 1965 के तहत उल्लंघन मानते हुए कार्रवाई की चेतावनी दी है।
महापौर ने दी कड़ी कार्रवाई की चेतावनी
महापौर श्रीमती संजू देवी राजपूत ने इस मामले को बेहद गंभीरता से लिया है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री सहित कैबिनेट मंत्रियों और अन्य जनप्रतिनिधियों के साथ इस तरह की घोर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। महापौर ने इसे घोर प्रशासनिक लापरवाही बताते हुए चेतावनी दी कि भविष्य में जनप्रतिनिधियों की भावनाओं और गरिमा को ठेस पहुंचाने वाला कोई भी कृत्य नहीं होना चाहिए, अन्यथा कठोर कार्रवाई की जाएगी।

यह मामला तब सामने आया जब युवा भाजपा नेता अमित टमकोरिया ने महापौर को पूरे घटनाक्रम से अवगत कराया और उचित कार्रवाई न होने पर प्रदर्शन की चेतावनी दी थी, जिसके बाद निगम अमला हरकत में आया।
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