
गरियाबंद: Gariaband News: छत्तीसगढ़ के गरियाबंद जिले में सुरक्षाबलों ने नक्सलियों की एक बड़ी साजिश को नाकाम कर दिया है। पुलिस और सीआरपीएफ की संयुक्त टीम ने रक्शापथरा जंगल में तलाशी अभियान के दौरान भारी मात्रा में विस्फोटक सामग्री, कुकर बम, इलेक्ट्रिक स्विच और मेडिकल किट बरामद की है। सुरक्षाबलों का मानना है कि नक्सली किसी बड़े हमले की योजना बना रहे थे, जिसे समय रहते विफल कर दिया गया।
रक्शापथरा जंगल से बरामद हुआ बारूद का जखीरा
CG Naxalites News: गरियाबंद पुलिस ने बताया कि थाना शोभा के अंतर्गत आने वाले रक्शापथरा जंगल में ऑपरेशन ई-30, सीआरपीएफ 65 बटालियन और बम डिफ्यूजल स्क्वाड (BDS) की संयुक्त टीम ने सर्च ऑपरेशन चलाया। इस दौरान जंगल के बीच एक पुराने पेड़ के पास पत्थरों के नीचे दबे बैगों में विस्फोटक और अन्य सामग्रियां मिलीं। प्रारंभिक जांच में पता चला है कि यह ठिकाना उदंती एरिया कमेटी के माओवादियों का था, जो इलाके में बड़े हमले की तैयारी में थे।

मेडिकल किट और कुकर बम से उजागर हुआ माओवादी प्लान
Gariaband Naxali: पुलिस को मौके से कुकर बम, आईईडी बनाने के उपकरण, इंजेक्शन, टैबलेट, बैंडेज, और अन्य मेडिकल सामग्री मिली। अधिकारियों का कहना है कि नक्सली इस जगह का इस्तेमाल इलाज और हमले की तैयारी, दोनों के लिए कर रहे थे। बरामद सामान से यह स्पष्ट है कि यह ठिकाना जंगल में उनके घायल साथियों की देखरेख और विस्फोट की साजिश का केंद्र था।
एसपी ने दी जानकारी, कहा– बड़ा हमला टल गया
गरियाबंद के एसपी निखिल राखेचा ने बताया कि बरामद सामग्री किसी बड़े हमले की साजिश का हिस्सा थी। उन्होंने कहा, “संयुक्त बलों की सतर्कता से एक बड़ा हादसा टल गया है। बरामद विस्फोटक सामग्री को नष्ट कर दिया गया है और पूरे इलाके को घेरकर सर्च ऑपरेशन जारी है।”
नक्सलवाद मुक्त भारत की दिशा में अहम सफलता
केंद्र सरकार जहां 31 मार्च 2026 तक देश को नक्सलवाद मुक्त करने के लक्ष्य पर काम कर रही है, वहीं इस तरह की बरामदगी सुरक्षा एजेंसियों के लिए बड़ी सफलता मानी जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि यह कार्रवाई नक्सलियों के नेटवर्क को कमजोर करने और जंगलों में उनके ठिकानों को खत्म करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
गरियाबंद के रक्शापथरा जंगल से बरामद यह विस्फोटक सामग्री न केवल एक बड़ी साजिश को विफल करती है, बल्कि यह भी साबित करती है कि नक्सलियों की गतिविधियां अब भी सक्रिय हैं। हालांकि, सुरक्षाबलों की सतर्कता से उनका मंसूबा एक बार फिर नाकाम हो गया है। अब पूरे क्षेत्र में निगरानी बढ़ा दी गई है ताकि भविष्य में ऐसी किसी साजिश को दोहराने का मौका न मिले।



