छत्तीसगढ़ के इस कैबिनेट मंत्री के खिलाफ व्हाट्सएप ग्रुप में आपत्तिजनक पोस्ट, हाईकोर्ट से आरोपी को मिली अग्रिम जमानत

छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने कैबिनेट मंत्री और सतनामी समाज के धर्मगुरु खुशवंत साहेब के खिलाफ व्हाट्सएप पर विवादित टिप्पणी करने के आरोपी जीवन देवांगन की अग्रिम जमानत मंजूर कर दी है। आरोपी पर आरोप था कि उसने एक व्हाट्सएप ग्रुप में मंत्री के लिए अभद्र शब्दों का इस्तेमाल किया था, जिसके बाद समाज में काफी आक्रोश देखा गया था। चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा की सिंगल बेंच ने मामले की गंभीरता और तथ्यों को देखते हुए आरोपी को गिरफ्तारी से राहत देते हुए शर्तों के साथ जमानत दे दी है।

व्हाट्सएप ग्रुप में ‘गुरु घंटाल’ शब्द का इस्तेमाल बना विवाद की वजह

घटना 13 नवंबर 2025 की बताई जा रही है। खैरागढ़ जिले के “भाजपा मंडल ठेलकाडीह” नामक व्हाट्सएप ग्रुप में जीवन देवांगन ने दो आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के बीच हुए विवाद के संदर्भ में एक मैसेज भेजा था। इस मैसेज में उसने कैबिनेट मंत्री गुरु खुशवंत साहेब के लिए “गुरु घंटाल” जैसे शब्द लिखे थे। सतनामी समाज ने इसे अपने धार्मिक नेता का अपमान और सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने वाली कोशिश बताया। समाज की लिखित शिकायत पर पुलिस ने आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 299 के तहत एफआईआर दर्ज की थी।

बचाव पक्ष का तर्क: प्रशासनिक विवाद में निजी टिप्पणी, कोई धार्मिक उद्देश्य नहीं

आरोपी के वकील ने हाईकोर्ट में तर्क दिया कि उनके मुवक्किल को राजनीतिक द्वेष के कारण झूठा फंसाया गया है। उन्होंने अदालत को बताया कि यह मैसेज एक प्रशासनिक और व्यक्तिगत झगड़े के दौरान भेजा गया था और इसका किसी भी धर्म, प्रथा या देवता के अपमान से कोई लेना-देना नहीं है। वकील ने यह भी स्पष्ट किया कि आरोपी पर पहले के दो मामले खत्म हो चुके हैं और जांच में लंबा वक्त लग सकता है, इसलिए उसे जमानत दी जानी चाहिए।

हाईकोर्ट ने दी जमानत, समाज ने की थी सख्त कार्रवाई की मांग

हाईकोर्ट ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद माना कि ट्रायल पूरा होने में काफी समय लग सकता है। अदालत ने आरोपी की अग्रिम जमानत याचिका मंजूर करते हुए कहा कि रिकॉर्ड पर मौजूद तथ्यों के आधार पर राहत दी जा सकती है। हालांकि, सतनामी समाज ने शुरुआत से ही इस टिप्पणी को पूरे समुदाय की बेइज्जती बताते हुए कड़ी सजा की मांग की थी। आरोपी ने विवाद बढ़ने के बाद ग्रुप से मैसेज हटा दिया था, लेकिन तब तक यह स्क्रीनशॉट के जरिए वायरल हो चुका था।

जमानत के साथ कोर्ट ने रखी हर तारीख पर हाजिर होने की शर्त

अग्रिम जमानत देने के साथ ही हाईकोर्ट ने सख्त हिदायत भी दी है। आरोपी जीवन देवांगन को निर्देश दिया गया है कि उसे ट्रायल कोर्ट द्वारा दी गई प्रत्येक तारीख पर अनिवार्य रूप से उपस्थित होना होगा। यदि वह सुनवाई के दौरान अनुपस्थित रहता है तो अदालत उसकी जमानत रद्द भी कर सकती है। यह फैसला सोशल मीडिया पर नेताओं और धार्मिक गुरुओं के खिलाफ टिप्पणी करने के कानूनी परिणामों को लेकर एक बड़ा उदाहरण माना जा रहा है।

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Ravi Pratap Pandey

रवि पिछले 7 वर्षों से छत्तीसगढ़ में सक्रिय पत्रकार हैं। उन्होंने राज्य के सामाजिक, राजनीतिक और सांस्कृतिक पहलुओं पर गहराई से रिपोर्टिंग की है। जमीनी हकीकत को उजागर करने और आम जनता की आवाज़ को मंच देने के लिए वे लगातार लेखन और रिपोर्टिंग करते रहे हैं।

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