Raigarh Matrimonial Fraud: रायगढ़ में ‘फर्जी दुल्हन’ बनकर ठगी करने वाले गिरोह का पर्दाफाश, 7 हजार से ज्यादा लोगों को लगाया चूना

Raigarh Matrimonial Fraud: छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में पुलिस ने एक ऐसे गिरोह को दबोचा है जो शादी का झांसा देकर देश भर के लोगों से करोड़ों की ठगी कर रहा था। शहर के दरोगा पारा इलाके में संचालित इस केंद्र के बाहर ‘लोक सेवा केंद्र’ का बोर्ड लगा था ताकि किसी को शक न हो। लेकिन इस बोर्ड के पीछे एक संगठित कॉल सेंटर चल रहा था। पुलिस की छापेमारी में पता चला कि अंदर दर्जनों युवतियां हेडफोन लगाकर दिन भर लोगों को प्रेम जाल में फंसाने का काम करती थीं। इस मामले में पुलिस ने मुख्य सरगना समेत 25 युवतियों और कुल 26 आरोपियों को गिरफ्तार किया है।

खूबसूरत आवाज और तय स्क्रिप्ट का जाल

Raigarh News: इस रैकेट में शामिल युवतियों को बाकायदा ट्रेनिंग दी गई थी कि उन्हें संभावित दुल्हनों की तरह कैसे बात करनी है। जांच में सामने आया कि ये लड़कियां कॉल पर लोगों से बेहद भावनात्मक और मीठी बातें करती थीं ताकि सामने वाले का भरोसा जीता जा सके। इसके लिए उनके पास एक लिखित स्क्रिप्ट होती थी जिसमें बातचीत के तरीके और बहाने पहले से तय थे। जब पीड़ित इनके झांसे में आकर शादी का सपना देखने लगता, तब असली खेल शुरू होता था। प्रोफाइल रजिस्ट्रेशन, फैमिली मीटिंग और अन्य औपचारिकताओं के नाम पर धीरे-धीरे पैसे वसूलने का सिलसिला शुरू कर दिया जाता था।

यूट्यूब और सोशल मीडिया से फंसाते थे शिकार

यह सिंडिकेट बेहद शातिर तरीके से काम करता था। गिरोह के सदस्य सोशल मीडिया और यूट्यूब पर आकर्षक विज्ञापन और सुंदर लड़कियों की फोटो वाली फर्जी प्रोफाइल अपलोड करते थे। इन वीडियो के साथ एक मोबाइल नंबर दिया जाता था जिस पर संपर्क करते ही कॉल सेंटर की लड़कियां सक्रिय हो जाती थीं। एक बार संपर्क होने के बाद पीड़ित को भावनात्मक रूप से इतना उलझा दिया जाता था कि वह बिना सोचे-समझे इनके बताए बैंक खातों में किस्तों में पैसे जमा करने लगता था। जैसे ही मोटी रकम हाथ लगती, गिरोह उस नंबर को बंद कर पीड़ित से नाता तोड़ लेता था।

1.11 करोड़ की ठगी और 7693 पीड़ित

पुलिस की शुरुआती जांच और जब्त किए गए दस्तावेजों से खुलासा हुआ है कि इस गिरोह ने अब तक करीब 7693 लोगों को अपना निशाना बनाया है। इन लोगों से कुल 1 करोड़ 11 लाख रुपये से ज्यादा की ठगी की गई है। गिरोह का मुख्य आरोपी कपिल गर्ग पहले वास्तव में लोक सेवा केंद्र चलाता था लेकिन आईडी निरस्त होने के बाद उसने कम समय में ज्यादा पैसा कमाने के लिए यह आपराधिक रास्ता चुना। पुलिस ने आरोपियों के पास से दर्जनों मोबाइल फोन, कंप्यूटर सिस्टम और फर्जी दस्तावेजों का पुलिंदा बरामद किया है।

पुलिस की कड़ी कार्रवाई और वैधानिक चेतावनी

रायगढ़ पुलिस ने इस पूरे ‘मैट्रिमोनियल सिंडिकेट’ के खिलाफ धोखाधड़ी, संगठित अपराध और आईटी एक्ट की गंभीर धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि यह एक बड़ा नेटवर्क है जिसकी कड़ी अन्य राज्यों से भी जुड़ी हो सकती है। प्रशासन ने आम जनता को आगाह किया है कि मैट्रिमोनियल साइट्स या सोशल मीडिया पर शादी के प्रस्तावों को लेकर बेहद सतर्क रहें। किसी भी अनजान व्यक्ति को बिना पूरी जांच-पड़ताल किए और बिना व्यक्तिगत रूप से मिले बैंक खातों में पैसे ट्रांसफर न करें। फिलहाल सभी आरोपी न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिए गए हैं।

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Ravi Pratap Pandey

रवि पिछले 7 वर्षों से छत्तीसगढ़ में सक्रिय पत्रकार हैं। उन्होंने राज्य के सामाजिक, राजनीतिक और सांस्कृतिक पहलुओं पर गहराई से रिपोर्टिंग की है। जमीनी हकीकत को उजागर करने और आम जनता की आवाज़ को मंच देने के लिए वे लगातार लेखन और रिपोर्टिंग करते रहे हैं।

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