
Gautam Adani Beats Mukesh Ambani Net Worth: भारतीय शेयर बाजार की हलचल के बीच व्यापार जगत से एक चौंकाने वाली खबर आई है। एशिया के सबसे अमीर शख्स का ताज अब बदल गया है। अडानी ग्रुप के चेयरमैन गौतम अडानी ने रिलायंस इंडस्ट्रीज के मुखिया मुकेश अंबानी को पछाड़कर एशिया के सबसे रईस व्यक्ति का खिताब दोबारा हासिल कर लिया है। ब्लूमबर्ग बिलियनेयर्स इंडेक्स की ताजा रिपोर्ट के अनुसार अडानी की संपत्ति में आई जबरदस्त तेजी ने उन्हें वैश्विक स्तर पर भी लंबी छलांग लगाने में मदद की है। निवेशकों के बीच इस बदलाव को लेकर काफी चर्चा हो रही है।
24 घंटे में बदली किस्मत, अंबानी से निकले आगे
पिछले 24 घंटों के भीतर गौतम अडानी की नेटवर्थ में लगभग 3.56 बिलियन डॉलर (करीब 29,000 करोड़ रुपये) का भारी उछाल दर्ज किया गया है। इस तूफानी बढ़त के साथ अडानी अब दुनिया के टॉप रईसों की सूची में 19वें स्थान पर पहुंच गए हैं। वहीं दूसरी ओर रिलायंस के शेयरों में आई सुस्ती की वजह से मुकेश अंबानी अब खिसककर 20वें पायदान पर आ गए हैं। दिलचस्प बात यह है कि इस साल जहां अडानी ने अपनी संपत्ति में 8.1 बिलियन डॉलर जोड़े हैं, वहीं अंबानी की कुल वेल्थ में अब तक करीब 16.9 बिलियन डॉलर की गिरावट देखी गई है।
अडानी ग्रुप के शेयरों में आई तेजी ने बदला खेल
बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि इंफ्रास्ट्रक्चर और एनर्जी सेक्टर में अडानी ग्रुप की मजबूत पकड़ ने उन्हें यह मुकाम दिलाने में मदद की है। हाल के दिनों में अडानी पोर्ट्स और अडानी ग्रीन जैसे शेयरों में निवेशकों का भरोसा बढ़ा है। इसके विपरीत वैश्विक स्तर पर तेल और रिफाइनरी सेक्टर में उतार-चढ़ाव की वजह से रिलायंस इंडस्ट्रीज के शेयरों पर दबाव बना हुआ है। इसी अंतर ने दोनों दिग्गजों के बीच की रैंकिंग में बड़ा उलटफेर कर दिया है।
एलन मस्क अब भी दुनिया के नंबर 1 रईस
भले ही भारत में रैंकिंग बदल गई हो लेकिन वैश्विक स्तर पर एलन मस्क का दबदबा बरकरार है। टेस्ला और स्पेसएक्स के मालिक एलन मस्क 656 बिलियन डॉलर की कुल संपत्ति के साथ दुनिया के सबसे अमीर इंसान बने हुए हैं। उनके बाद लैरी पेज और जेफ बेजोस का स्थान आता है। साल 2026 की शुरुआत से ही वैश्विक बाजारों में अस्थिरता रही है जिसकी वजह से वारेन बफेट और बर्नार्ड अर्नाल्ट जैसे दिग्गजों की संपत्ति में भी काफी उतार-चढ़ाव देखने को मिला है।
सामाजिक कार्यों में भी अडानी का बढ़ता योगदान
कारोबार में विस्तार के साथ-साथ गौतम अडानी परोपकारी कार्यों में भी सक्रिय नजर आ रहे हैं। रिपोर्ट के मुताबिक वे ग्रामीण भारत में स्वास्थ्य और शिक्षा की बुनियादी सुविधाओं को सुधारने के लिए 7 बिलियन डॉलर का भारी-भरकम योगदान दे रहे हैं। बाजार के जानकारों का कहना है कि अडानी ग्रुप जिस तरह से पोर्ट्स से लेकर पावर सेक्टर तक अपना साम्राज्य फैला रहा है, उससे आने वाले समय में अंबानी और अडानी के बीच यह मुकाबला और भी रोचक होने वाला है।
भारतीय अर्थव्यवस्था पर क्या होगा इसका असर?
दो भारतीय उद्योगपतियों का दुनिया के टॉप-20 रईसों में शामिल होना देश की बढ़ती आर्थिक ताकत का संकेत है। अडानी और अंबानी के बीच की इस प्रतिस्पर्धा से देश में निवेश और रोजगार के नए अवसर पैदा होने की संभावना है। हालांकि विशेषज्ञों का यह भी कहना है कि आम निवेशकों को पोर्टफोलियो बनाते समय सावधानी बरतनी चाहिए क्योंकि शेयर बाजार की कीमतों में बदलाव के साथ इन दिग्गजों की नेटवर्थ हर दिन बदलती रहती है।



