
सूरजपुर। छत्तीसगढ़ के सूरजपुर जिले में आयोजित आबकारी आरक्षक भर्ती परीक्षा के दौरान धार्मिक प्रतीकों को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। परीक्षार्थियों के अनुसार, परीक्षा केंद्र में प्रवेश से पहले उनके हाथों में बंधे मौलीधागा (रक्षासूत्र) को जबरन काटकर जूते-चप्पलों के पास फेंक दिया गया।

इस घटना के विरोध में हिंदू संगठनों ने केंद्राध्यक्ष व स्टाफ पर धार्मिक भावनाएं आहत करने का आरोप लगाते हुए जोरदार प्रदर्शन किया।

क्या है मामला?
यह घटना 27 जुलाई को सूरजपुर के कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय परीक्षा केंद्र की है, जहां छत्तीसगढ़ व्यापम द्वारा आबकारी आरक्षक की भर्ती परीक्षा कराई जा रही थी। कई परीक्षार्थियों ने आरोप लगाया कि केंद्र में प्रवेश से पहले उनके कलावे काटे गए और उनका अपमान किया गया।
केंद्राध्यक्ष और स्टाफ पर गंभीर आरोप
प्रदर्शनकारियों ने परीक्षा केंद्राध्यक्ष अन्नू दुबे, आरक्षक घनश्याम सिंह और रामेश्वर देवांगन पर जानबूझकर हिंदू धार्मिक प्रतीकों का अपमान करने का आरोप लगाया है। संगठन ने इन अधिकारियों को तत्काल निलंबित करने की मांग की है।
प्रशासन ने दिए जांच के आदेश
विवाद बढ़ने के बाद सूरजपुर कलेक्टर ने मामले की जांच के लिए एसडीएम की अध्यक्षता में 4 सदस्यीय जांच समिति गठित कर दी है। समिति को प्रकरण की गहराई से जांच कर दोषियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की सिफारिश करने का निर्देश दिया गया है।



