
रायपुर : CG Dhan Kharidi 2025: छत्तीसगढ़ सरकार ने धान खरीदी 2025-26 की तारीखों और नियमों की घोषणा कर दी है। कैबिनेट की बैठक में शुक्रवार को लिए गए महत्वपूर्ण फैसलों के अनुसार, इस साल राज्य में धान खरीदी 15 नवंबर 2025 से शुरू होगी और 31 जनवरी 2026 तक चलेगी। किसानों से पिछले वर्ष की तरह ही प्रति एकड़ 21 क्विंटल की दर से धान खरीदा जाएगा।

1. कितना होगा धान का समर्थन मूल्य और भुगतान कब?
राज्य सरकार ने इस बार भी किसानों को ₹3100 प्रति क्विंटल का समर्थन मूल्य देने का फैसला किया है। यह किसानों को दिया जाने वाला बड़ा आर्थिक सहारा है।
- भुगतान की समय सीमा: उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने जानकारी दी कि किसानों को खरीदे गए धान का भुगतान बेचने के 7 सप्ताह (49 दिन) के भीतर सीधे उनके बैंक खातों में ट्रांसफर कर दिया जाएगा। हालांकि, यह भुगतान एकमुश्त होगा या दो चरणों में, इस पर सरकार जल्द ही अंतिम फैसला लेगी।
2. ई-केवाईसी और पंजीयन की अंतिम तिथि
धान खरीदी में पूरी तरह से पारदर्शिता लाने और फर्जीवाड़े को रोकने के लिए इस बार ई-केवाईसी (e-KYC) अनिवार्य कर दिया गया है।
- पंजीयन की अंतिम तिथि: सभी किसानों को 31 अक्टूबर 2025 तक अपना पंजीकरण कराना अनिवार्य है। यह प्रक्रिया केंद्रीय कृषि मंत्रालय के एग्रीस्टेक पोर्टल के माध्यम से होगी, जिससे दोहराव वाले या फर्जी पंजीयन पर रोक लगेगी।
3. किसान खुद तय करेंगे बेचने की तारीख
किसानों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए, राज्य सरकार ने ‘टोकन तुहर हाथ’ मोबाइल ऐप की शुरुआत की है।
- इस ऐप के जरिए किसान अपनी सुविधा और फसल की कटाई के अनुसार धान बेचने की तारीख खुद चुन सकेंगे।
- साथ ही, खरीदी प्रक्रिया को और अधिक सुरक्षित बनाने के लिए खरीदी केंद्रों पर बायोमैट्रिक सत्यापन प्रणाली भी लागू की जाएगी।

4. 2739 केंद्रों पर होगी खरीदी
इस साल राज्य भर में धान खरीदी के लिए 2739 केंद्र स्थापित किए जाएंगे। समितियों को इन केंद्रों पर उचित व्यवस्था, जैसे बारदाने और अन्य सुविधाएं, सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। खरीदी के लिए जरूरत के अनुसार नए और पुराने जूट बारदाने की आपूर्ति की जाएगी ताकि खरीदी सुचारू रूप से चलती रहे।
5. अवैध धान पर रहेगी कड़ी निगरानी
कैबिनेट ने यह भी स्पष्ट किया है कि पड़ोसी राज्यों से अवैध धान की आवक को पूरी तरह रोकने के लिए सख्त कदम उठाए जाएंगे।
- विशेष निगरानी दल (Monitoring Team) का गठन किया जाएगा।
- मार्कफेड कार्यालय में एकीकृत कमांड एंड कंट्रोल सेंटर बनाया जाएगा।
- हर जिले में एक कंट्रोल रूम स्थापित होगा, जिससे धान के पुनर्चक्रण (Re-cycling) और अवैध परिवहन पर कड़ी नजर रखी जा सकेगी।



