Ration Card Verification: ढाई एकड़ से ज्यादा जमीन वालों पर गिरेगी गाज: सरकार अब ऐसे कार्डधारियों का राशन कार्ड करेगी निरस्त

Ration Card Verification: प्रदेश में बीपीएल राशन कार्डों की व्यापक जांच शुरू हो गई है। केंद्र सरकार से मिली सूची में हजारों ऐसे लोगों के नाम सामने आए हैं, जिनकी आय और संपत्ति पात्रता सीमा से अधिक है। अब इन कार्डधारियों के नाम सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) से हटाने की तैयारी चल रही है।

जिले में ढाई लाख संदिग्ध राशन कार्ड, 5 हजार सदस्यों के नाम कटने की संभावना

अभी जांजगीर जिले में बीपीएल कार्डधारियों का सत्यापन तेज़ी से जारी है। खाद्य विभाग की जांच में पता चला है कि कई कार्डधारकों की वार्षिक आय 6 लाख रुपये से अधिक है, जबकि कुछ के पास 5 एकड़ से ज्यादा जमीन दर्ज है। इसी तरह मृत, पलायन कर चुके या लंबे समय से राशन नहीं उठाने वाले हितग्राहियों के कार्ड भी संदिग्ध पाए गए हैं। अधिकारियों का अनुमान है कि करीब 5 हजार से अधिक ऐसे लोगों के नाम सूची से हटाए जा सकते हैं।

2.47 एकड़ से ज्यादा जमीन वालों के कार्ड होंगे निरस्त

केंद्र सरकार की ओर से आई सूची में उन लोगों के नाम शामिल हैं जिनके पास 2.47 एकड़ (ढाई एकड़) से अधिक भूमि है। पलारी नगर समेत पूरे जिले में ऐसी लगभग 1.31 लाख प्रविष्टियाँ चिन्हित की गई हैं। इन लोगों के राशन कार्ड निरस्त करने की प्रक्रिया जल्द शुरू होने की संभावना है। सूची जारी होते ही सैकड़ों लोग अपने कार्ड और भूमि रिकॉर्ड की जांच कराने नगर पंचायत कार्यालय पहुंच रहे हैं।

हितग्राहियों में बढ़ी चिंता, पंचायतों में लगी भीड़

जैसे ही संदिग्ध सूची की मुनादी हुई, लोग बड़ी संख्या में नगर पंचायत और ग्राम पंचायत कार्यालयों में पहुंच गए। कई लाभार्थियों ने अधिकारियों के सामने अपनी आर्थिक स्थिति का प्रमाण देने की कोशिश की। लोगों में यह डर है कि यदि कार्ड रद्द हुआ तो परिवार के सामने रोजमर्रा की जरूरतें पूरी करना मुश्किल हो जाएगा।

गरियाबंद पलारी में नगर पंचायत में चस्पा की गई संदिग्धों की सूची

जमीन और आय का होगा भौतिक सत्यापन

खाद्य विभाग के अनुसार, राशन कार्ड में दर्ज सभी सदस्यों की आय और जमीन का भौतिक सत्यापन किया जा रहा है। इसके लिए पटवारियों को भूमि रिकॉर्ड की जांच के निर्देश दिए गए हैं। संदिग्ध हितग्राहियों की सूची को पारदर्शी बनाने के लिए ग्राम पंचायत, नगर पंचायत और राशन दुकानों पर भी सार्वजनिक किया गया है, ताकि लोग स्वयं अपना ब्यौरा देख सकें।

असली हकदारों तक पहुंचे लाभ

विभागीय अधिकारियों का कहना है कि इस अभियान का मकसद गरीब और वास्तविक हितग्राहियों तक खाद्य सुरक्षा का लाभ पहुंचाना है। सत्यापन प्रक्रिया पूरी होने के बाद जिनका नाम गलत पाया जाएगा, उनके कार्ड निरस्त कर दिए जाएंगे। वहीं पात्र लोगों के कार्ड बरकरार रहेंगे। फिलहाल, जांच जारी है और अंतिम निर्णय से पहले सभी को अपना पक्ष रखने का अवसर दिया जाएगा।

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Ravi Pratap Pandey

रवि पिछले 7 वर्षों से छत्तीसगढ़ में सक्रिय पत्रकार हैं। उन्होंने राज्य के सामाजिक, राजनीतिक और सांस्कृतिक पहलुओं पर गहराई से रिपोर्टिंग की है। जमीनी हकीकत को उजागर करने और आम जनता की आवाज़ को मंच देने के लिए वे लगातार लेखन और रिपोर्टिंग करते रहे हैं।

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