
रायपुर। CG Cabinet Expansion: स्वतंत्रता दिवस से पहले छत्तीसगढ़ में मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर एक बार फिर हलचल तेज हो गई है। क्षेत्रीय संगठन महामंत्री अजय जामवाल की राज्यपाल रामेन डेका से मुलाकात के बाद राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि साय सरकार 15 अगस्त से पहले कैबिनेट का विस्तार कर सकती है।
राज्यपाल से मुलाकात के बाद बढ़ी अटकलें
Ajay Jamwal Governor Meeting: 12 अगस्त को अजय जामवाल ने राजभवन पहुंचकर राज्यपाल रामेन डेका से मुलाकात की। उन्होंने इस मुलाकात की तस्वीर भी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (पूर्व में ट्विटर) पर साझा की। इस राजनीतिक भेंट के बाद सियासी अटकलें और तेज हो गई हैं कि मंत्रिमंडल में जल्द फेरबदल या विस्तार हो सकता है।
हरियाणा फॉर्मूले पर हो सकता है विस्तार?
Chhattisgarh Politics News: माना जा रहा है कि छत्तीसगढ़ में कैबिनेट विस्तार के लिए हरियाणा मॉडल पर विचार किया जा रहा है। हरियाणा और छत्तीसगढ़ दोनों राज्यों में 90-90 विधानसभा सीटें हैं। हरियाणा में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के साथ कुल 13 मंत्रियों ने शपथ ली थी यानी 13+1 का फॉर्मूला लागू किया गया। छत्तीसगढ़ में वर्तमान में मुख्यमंत्री समेत 11 मंत्री हैं। ऐसे में यहां 12+1 या 13+1 फॉर्मूला लागू होने की संभावना जताई जा रही है।
कौन-कौन हैं मंत्री पद के संभावित चेहरे?
नए मंत्रियों की सूची में कुछ नामों को लेकर चर्चा जोरों पर है।
- गुरु खुशवंत साहेब (विधायक, आरंग):
Guru Khushwant Sahib Minister Candidate: माना जा रहा है कि अनुसूचित जाति वर्ग को प्रतिनिधित्व देने के लिए इन्हें कैबिनेट में जगह दी जा सकती है। - संपत अग्रवाल (विधायक, बसना):
जातीय संतुलन साधने के उद्देश्य से संपत अग्रवाल को भी मंत्री पद मिल सकता है। यह भी कयास लगाए जा रहे हैं कि बृजमोहन अग्रवाल के इस्तीफे के बाद उनकी भरपाई इसी तरीके से की जाएगी।
पहले से चर्चा में रहे ये नाम
CG Government New Minister List Update: इसके अलावा जिन नेताओं के नाम पहले से मंत्री पद की दौड़ में थे, उनमें अमर अग्रवाल, गजेंद्र यादव और पुरंदर मिश्रा शामिल हैं। इन तीनों को लेकर लंबे समय से अटकलें लगाई जाती रही हैं, लेकिन अब नए नामों के उभरने के बाद स्थिति बदलती दिख रही है।
क्यों ज़रूरी है यह विस्तार?
CG Cabinet Vistar: राजनीतिक जानकारों का मानना है कि सरकार अपने सामाजिक और क्षेत्रीय समीकरणों को संतुलित करने की कोशिश में है। स्वतंत्रता दिवस के पहले अगर कैबिनेट में फेरबदल होता है, तो यह न केवल सरकार की प्रशासनिक तैयारी को मजबूती देगा, बल्कि आगामी स्थानीय निकाय चुनावों और राजनीतिक रणनीति में भी असर डालेगा।
अब सभी की नजरें सीएम विष्णुदेव साय के अगले कदम पर टिकी हैं। अगर 15 अगस्त से पहले कोई शपथग्रहण होता है, तो सत्ताधारी दल का कैबिनेट संतुलन नई दिशा में आगे बढ़ेगा।



