
IPL Raipur Stadium Overcharging: रायपुर के शहीद वीर नारायण सिंह अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम में आयोजित आईपीएल मैच के दौरान दर्शकों की जेब पर डाका डालने का गंभीर मामला सामने आया है। छत्तीसगढ़ सिविल सोसायटी (CSS) ने आरोप लगाया है कि मैच देखने पहुंचे हजारों फैंस से खान-पान की चीजों के नाम पर अवैध वसूली की गई। संस्था ने इस संबंध में प्रदेश के वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी को एक पत्र सौंपकर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। शिकायत में सीधे तौर पर रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) और भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) के वेंडरों को इस ‘खुली लूट’ का जिम्मेदार ठहराया गया है।
भीषण गर्मी में मजबूरी का फायदा, 500% तक वसूले ज्यादा दाम
मैच के दौरान नवा रायपुर का तापमान 42 से 43 डिग्री के आसपास था। सुरक्षा नियमों के कारण दर्शकों को बाहर से पानी या खाना ले जाने की अनुमति नहीं थी। संस्था के संयोजक डॉ. कुलदीप सोलंकी का आरोप है कि वेंडरों ने इसी मजबूरी का फायदा उठाया। जो पानी की बोतल बाजार में 20 रुपये की मिलती है, उसे स्टेडियम के अंदर 100 रुपये में बेचा गया। इसी तरह 20 रुपये का समोसा और 15 रुपये की कोल्ड ड्रिंक भी 100-100 रुपये में दी गई। सिविल सोसायटी ने इसे खेल के नाम पर मुनाफाखोरी और आम जनता का शोषण करार दिया है।
बिल देने से इनकार, कैश लेनदेन के जरिए GST चोरी का शक
शिकायत पत्र में एक और चौंकाने वाला दावा किया गया है। डॉ. सोलंकी के अनुसार, स्टेडियम के अंदर खाने-पीने के स्टालों पर डिजिटल पेमेंट के बजाय केवल नकद (कैश) में लेनदेन किया गया। किसी भी दर्शक को आधिकारिक बिल या पक्की रसीद नहीं दी गई। संस्था का कहना है कि यह सीधे तौर पर जीएसटी चोरी का मामला है। बिना बिल के करोड़ों रुपये का लेनदेन करके सरकार को राजस्व का चूना लगाया गया है। इस संदिग्ध वित्तीय हेराफेरी की जांच के लिए जीएसटी कमिश्नर से हस्तक्षेप करने का आग्रह किया गया है।
एक ही मैच में करोड़ों की अवैध वसूली का अनुमान
सिविल सोसायटी ने आंकड़ों के साथ बताया कि स्टेडियम की क्षमता करीब 60 हजार दर्शकों की है। अनुमान है कि एक ही मुकाबले में लगभग 10 से 11 करोड़ रुपये का खान-पान का कारोबार हुआ। संस्था का दावा है कि इसमें से करीब 8 से 9 करोड़ रुपये केवल अवैध वसूली के रूप में वसूले गए हैं। सिर्फ पानी की बिक्री से ही वेंडरों ने दर्शकों की जेब से 60 लाख रुपये से ज्यादा निकाल लिए। पत्र में मांग की गई है कि इस भारी-भरकम राशि का हिसाब सार्वजनिक किया जाए।
RCB और BCCI के वेंडरों पर सख्त एक्शन की मांग
छत्तीसगढ़ सिविल सोसायटी ने वित्त मंत्री से मांग की है कि इस पूरे मामले की सूक्ष्म जांच कराई जाए। संस्था का सुझाव है कि वेंडरों द्वारा वसूली गई अतिरिक्त राशि को भारी जुर्माने के साथ वापस लिया जाना चाहिए और इस पैसे को मुख्यमंत्री सहायता कोष में जमा करना चाहिए। संस्था ने यह भी स्पष्ट किया है कि आयोजन की जिम्मेदारी RCB और BCCI की थी, इसलिए उन्हें जवाबदेह ठहराया जाना चाहिए। राज्य सरकार से अपील की गई है कि भविष्य में होने वाले मैचों के लिए खाने-पीने की दरों का पहले से निर्धारण किया जाए।
आगामी 13 मई के मैच को लेकर प्रशासन को चेतावनी
रायपुर में अगला आईपीएल मुकाबला 13 मई को होना है। सिविल सोसायटी ने सरकार को चेतावनी दी है कि यदि पिछले मैच जैसी स्थिति दोबारा बनी, तो यह दर्शकों के साथ बड़ा अन्याय होगा। मांग की गई है कि अगले मैच से पहले स्टेडियम के अंदर खाद्य सामग्रियों की दर सूची (Rate List) चस्पा की जाए और पक्का बिल देना अनिवार्य किया जाए। प्रशासन को यह सुनिश्चित करना होगा कि भीषण गर्मी में दर्शकों को वाजिब दाम पर ठंडा पानी और नाश्ता उपलब्ध हो सके।
जनता के हितों की रक्षा के लिए सरकार से बड़ी उम्मीद
अंत में संस्था ने प्रदेश सरकार से दर्शकों के हितों की रक्षा करने की अपील की है। डॉ. कुलदीप सोलंकी ने उम्मीद जताई है कि वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी मामले की गंभीरता को देखते हुए इस ‘सिस्टमैटिक लूट’ को रोकने के लिए कड़े कदम उठाएंगे। खेल प्रेमियों का कहना है कि वे दूर-दूर से अपनी पसंदीदा टीम का उत्साह बढ़ाने आते हैं, लेकिन स्टेडियम के अंदर की अव्यवस्था और मुनाफाखोरी उनके अनुभव को कड़वा बना देती है। अब सबकी नजरें सरकार की अगली कार्रवाई पर टिकी हैं।



