
कुरूद (धमतरी)। Kurud Child Death Case: डांडेसरा गांव के एक 12 वर्षीय बच्चे की झोलाछाप डॉक्टर द्वारा इंजेक्शन लगाने के बाद मौत हो गई। मृतक के परिजनों ने इलाज में लापरवाही और गलत दवा देने का आरोप लगाते हुए स्थानीय मेडिकल स्टोर संचालक पर गंभीर आरोप लगाए हैं। घटना के बाद इलाके में आक्रोश है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और आरोपी फरार है।
इंजेक्शन लगते ही हालत बिगड़ी, मुंह से झाग निकलने लगा
Kurud Wrong injection Case: मृतक नीरज कुमार साहू को रविवार सुबह वायरल फीवर और खांसी की शिकायत पर उसके पिता रेवाराम साहू ने कुरूद के मुख्य मार्ग स्थित अशोक मेडिकल स्टोर में इलाज के लिए ले जाया था। वहां मेडिकल स्टोर संचालक अशोक शर्मा ने बिना किसी जांच के सीधे इंजेक्शन लगा दिया। परिजनों के मुताबिक, इंजेक्शन लगने के कुछ मिनटों के भीतर ही नीरज की हालत बिगड़ गई, उसके मुंह और नाक से झाग निकलने लगा और वह बेहोश होकर गिर पड़ा।

बाइक पर ही अस्पताल पहुंचाया, डॉक्टरों ने मृत घोषित किया
Kurud News: नीरज की बिगड़ती हालत को देखकर अशोक शर्मा खुद ही उसे अपनी बाइक पर बैठाकर पास के सरकारी अस्पताल ले गया, जो क्लिनिक से महज 200 मीटर की दूरी पर था। लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। अस्पताल पहुंचने पर डॉक्टरों ने नीरज को मृत घोषित कर दिया।
परिजनों का आरोप- गलत इलाज ने ली जान, आरोपी फरार
नीरज के पिता रेवाराम साहू ने पुलिस को दिए बयान में कहा कि उनके बेटे की मौत गलत इलाज की वजह से हुई। उन्होंने बताया कि अशोक शर्मा के पास किसी भी तरह की चिकित्सकीय डिग्री नहीं है और वह लंबे समय से दवा बेचने के साथ इलाज भी कर रहा था। घटना के बाद आरोपी दुकान बंद कर फरार हो गया। परिजनों ने बताया कि आरोपी के कुछ परिचितों ने थाने के बाहर समझौते का दबाव भी बनाया, लेकिन एसडीओपी रागिनी मिश्रा के हस्तक्षेप के बाद पुलिस ने मामले को गंभीरता से लिया।
पुलिस ने पंचनामा और पोस्टमार्टम कराया
Illegal Treatment: एसडीओपी रागिनी मिश्रा ने बताया कि शुरुआत में परिजन पोस्टमार्टम कराने को तैयार नहीं थे, लेकिन समझाने पर वे मान गए। इसके बाद शव का पंचनामा और पोस्टमार्टम करवाया गया। शव परिजनों को सौंप दिया गया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और विसरा जांच के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
स्वास्थ्य विभाग करेगा जांच, मेडिकल स्टोर पर सवाल
Police investigation: धमतरी जिले के CMHO डॉ. यूएल कौशिक ने बताया कि घटना की जानकारी उन्हें पुलिस के माध्यम से मिली है। परिजनों ने दावा किया है कि अशोक शर्मा के गलत इंजेक्शन के कारण बच्चे की मौत हुई। विभाग इस पूरे मामले की जांच करेगा और संबंधित मेडिकल स्टोर व संचालक की योग्यता की भी जांच की जाएगी।
झोलाछाप डॉक्टरों पर नहीं हो रही कार्रवाई, बढ़ रहा खतरा
यह कोई पहला मामला नहीं है। जिलेभर में झोलाछाप डॉक्टरों की भरमार है, जो बिना किसी डिग्री के इलाज कर रहे हैं। कई गांवों में ऐसे लोग खुद को डॉक्टर बताकर दवाएं दे रहे हैं और छोटी-मोटी सर्जरी तक कर रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग की अनदेखी और राजनीतिक हस्तक्षेप के चलते इन पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हो पा रही है, जिससे ग्रामीणों की जान खतरे में पड़ती जा रही है।



