CG Congress Protest: छत्तीसगढ़ में कांग्रेस का चक्काजाम: पूरे राज्य में आर्थिक नाकेबंदी, इन मार्गों पर दिखेगा चक्काजाम का असर

CG Congress Protest: छत्तीसगढ़ कांग्रेस ने प्रवर्तन निदेशालय (ED) की कार्रवाई के विरोध में 22 जुलाई 2025 को राज्यभर में चक्काजाम और आर्थिक नाकेबंदी की घोषणा की है। यह विरोध प्रदर्शन पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य बघेल की गिरफ्तारी के खिलाफ किया जा रहा है। इस आंदोलन का असर प्रदेश के सभी 33 जिलों में दिखाई देगा।

क्यों हो रहा है चक्काजाम?

18 जुलाई को ईडी ने भिलाई से चैतन्य बघेल को गिरफ्तार किया था। ईडी का आरोप है कि उन्हें शराब घोटाले की रकम से 16.70 करोड़ रुपये मिले, जिसे उन्होंने रियल एस्टेट प्रोजेक्ट्स में निवेश किया। चैतन्य को रायपुर की विशेष अदालत ने 5 दिन की रिमांड पर भेजा है। कांग्रेस इस गिरफ्तारी को राजनीतिक बदले की कार्रवाई बता रही है और इसके विरोध में सड़कों पर उतर रही है।

इन रास्तों पर दिखेगा चक्काजाम का असर

क्रमांकस्थान / शहरचक्काजाम स्थलविशेष जानकारी
1रायपुरVIP चौक तेलीबांधा, मैग्नेटो मॉल के सामने, आरंग, अभनपुर, तिल्दा, खरोरा, धरसींवाकुल 6 मुख्य स्थानों पर जाम, जिला कांग्रेस अध्यक्ष गिरीश दुबे के नेतृत्व में
2बिलासपुरसकरी-पेंड्रीडीह फ्लाईओवर के नीचेदोपहर 12 से 2 बजे तक जाम, रायपुर-बिलासपुर हाईवे पर असर
3अंबिकापुरबनारस रोड, BTI के पासवैकल्पिक मार्ग: नवापारा रोड, इंडस्ट्रियल एरिया रोड
4जगदलपुरआमागुड़ा चौकसुबह 11 बजे से प्रदर्शन, विधायक लखेश्वर बघेल के नेतृत्व में
5रायगढ़कोतरा रोड ओवरब्रिज के पासखरसिया, लैलूंगा, धरमजयगढ़ के विधायक होंगे शामिल
6गौरेला-पेंड्रा-मरवाहीदुर्गावती चौक और दत्तात्रेय के पासकांग्रेस अध्यक्ष उत्तम वासुदेव के अनुसार, ईडी कार्रवाई के विरोध में

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कांग्रेस ने सौंपी जिम्मेदारी, 12 प्रभारी नियुक्त

कांग्रेस ने प्रदेश के अलग-अलग संभागों और जिलों में आंदोलन को सफल बनाने के लिए वरिष्ठ नेताओं को जिम्मेदारी सौंपी है। रायपुर, धमतरी, दुर्ग, सरगुजा, रायगढ़, बस्तर सहित अन्य जिलों में 12 प्रभारी नेताओं की नियुक्ति की गई है।

स्कूल बस और एम्बुलेंस को रहेगी छूट

चक्काजाम के दौरान आम नागरिकों को परेशानी से बचाने के लिए स्कूली बच्चों की बसों और एम्बुलेंस को नाकेबंदी से छूट दी गई है। हालांकि निजी और वाणिज्यिक वाहनों की आवाजाही पर असर पड़ सकता है।

क्या है छत्तीसगढ़ शराब घोटाला?

छत्तीसगढ़ में ईडी द्वारा जांच किए जा रहे शराब घोटाले में करीब 2,174 करोड़ रुपये की हेराफेरी का आरोप है। आरोप है कि भूपेश बघेल सरकार के कार्यकाल में इस घोटाले को अंजाम दिया गया। ईडी की जांच में आईएएस अधिकारी अनिल टुटेजा, आबकारी विभाग के एमडी एपी त्रिपाठी और कारोबारी अनवर ढेबर के एक सिंडिकेट के जरिए इस घोटाले की पुष्टि हुई है।

घोटाले से किसे कितना लाभ मिला?

क्रमांकलाभार्थीप्राप्त राशि (₹ करोड़ में)
1नेता और मंत्री1,392
2शराब डिस्टलर्स358
3अनवर ढेबर और अनिल टुटेजा181
4आबकारी विभाग90
5जिला आबकारी अधिकारी एवं कर्मचारी90
6विकास अग्रवाल और अरविंद सिंह60

(स्रोत: EOW की चार्जशीट)

चैतन्य बघेल की गिरफ्तारी और बचाव पक्ष की दलील

ईडी का आरोप है कि चैतन्य बघेल ने ब्लैक मनी को रियल एस्टेट में निवेश कर सफेद करने की कोशिश की। उन्होंने 1000 करोड़ रुपये की हैंडलिंग में अहम भूमिका निभाई। पप्पू बंसल ने बयान दिया कि चैतन्य को 100 करोड़ रुपये नकद में दिए गए थे। वहीं बचाव पक्ष के वकील फैजल रिजवी का कहना है कि चैतन्य को बिना समन दिए गिरफ्तार किया गया है। उन्होंने ईडी की जांच में पूरा सहयोग दिया था, फिर भी उनकी गिरफ्तारी की गई। उनका आरोप है कि गिरफ्तारी का उद्देश्य केवल यह है कि चैतन्य पूर्व मुख्यमंत्री का बेटा है।

22 जुलाई को छत्तीसगढ़ में कांग्रेस द्वारा आयोजित प्रदेशव्यापी चक्काजाम से यातायात पर व्यापक असर पड़ सकता है। यात्रियों से अनुरोध है कि आवश्यक यात्रा से पहले मार्गों की जानकारी लेकर ही सफर करें। स्कूली बच्चों और मरीजों को राहत दी गई है, लेकिन बाकी नागरिकों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।

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Ravi Pratap Pandey

रवि पिछले 7 वर्षों से छत्तीसगढ़ में सक्रिय पत्रकार हैं। उन्होंने राज्य के सामाजिक, राजनीतिक और सांस्कृतिक पहलुओं पर गहराई से रिपोर्टिंग की है। जमीनी हकीकत को उजागर करने और आम जनता की आवाज़ को मंच देने के लिए वे लगातार लेखन और रिपोर्टिंग करते रहे हैं।

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