Khan Sir Coaching Center Firing VIDEO: पटना फायरिंग केस: खान सर की बढ़ी मुश्किल! आर्म्स एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज, कभी भी थाने बुला सकती है पुलिस

Khan Sir Coaching Firing Case: बिहार की राजधानी पटना में दो नामचीन कोचिंग संस्थानों के बीच जारी आपसी रंजिश अब कानूनी पचड़े में बदल चुकी है. चर्चित शिक्षक फैजल खान उर्फ खान सर के कोचिंग संस्थान ‘खान ग्लोबल स्टडीज’ (KGS) में हुई तोड़फोड़ और हवाई फायरिंग के मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है. कदमकुआं थाना पुलिस ने इस पूरे घटनाक्रम को लेकर अब खुद खान सर के खिलाफ ही आर्म्स एक्ट के तहत प्राथमिकी दर्ज कर ली है. दो दिन पहले संस्थान परिसर में हुए पथराव और हंगामे के बाद शुरू हुई इस जांच की आंच अब सीधे खान सर तक पहुंच गई है.

Table of Contents

सिक्योरिटी गार्ड्स की बंदूक से चली गोली ने बढ़ाई मुसीबत, जांच के लिए विशेष पुलिस टीम तैयार

खान सर पर मुख्य आरोप यह है कि उनके संस्थान की सुरक्षा में तैनात निजी गार्ड्स ने आखिर सरेआम गोली कैसे चला दी. कानून के मुताबिक आपातकालीन स्थिति के बिना रिहायशी और शैक्षणिक इलाके में हथियार का इस तरह इस्तेमाल करना प्रतिबंधित है. आर्म्स एक्ट के तहत मुकदमा कायम होने के बाद पटना पुलिस की मुश्किलें बढ़ाने वाली एक विशेष टीम का गठन किया जा चुका है. यह टीम इस विवाद को लेकर खान सर से किसी भी वक्त आमने-सामने बिठाकर सघन पूछताछ कर सकती है.

देर रात 20 उपद्रवियों ने बोला था धावा, पथराव और मारपीट से दहल गया था कोचिंग परिसर

इस पूरे विवाद की शुरुआत मंगलवार की देर रात हुई जब 15 से 20 अज्ञात लोगों की हिंसक भीड़ ने कदमकुआं स्थित खान ग्लोबल स्टडीज संस्थान पर अचानक धावा बोल दिया. उपद्रवियों ने वहां मौजूद सुरक्षाकर्मियों के साथ जमकर मारपीट की, खिड़की-दरवाजों में तोड़फोड़ की और परिसर के भीतर ताबड़तोड़ पथराव शुरू कर दिया. इस अचानक हुए हमले के कारण पूरे कोचिंग हब इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया था और आसपास के लोग सहम गए थे.

शुरुआती दावे से पलटे खान सर, पहले कहा सामने चली गोली, फिर जांच पर छोड़ा फैसला

घटना के तुरंत बाद खान सर ने मीडिया के सामने आकर दावा किया था कि उनके ठीक सामने ही बगल के एक प्रतिद्वंद्वी कोचिंग संस्थान के लोगों ने आकर दहशत फैलाने के लिए फायरिंग की है. हालांकि, कुछ ही घंटों बाद वे अपने इस दिए बयान से पूरी तरह पलट गए. दोबारा बातचीत में उन्होंने कहा कि मौके पर वास्तव में किस तरफ से फायरिंग हुई थी और गोली किसने चलाई थी, इसकी पूरी सच्चाई केवल पुलिस की आधिकारिक जांच के बाद ही साफ हो पाएगी.

यूपी के रहने वाले दोनों सुरक्षाकर्मी गिरफ्तार, सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था हवाई फायरिंग का वीडियो

इस पूरे मामले में सबसे बड़ा मोड़ तब आया जब सोशल मीडिया पर एक कथित वीडियो तेजी से वायरल होने लगा. इस वीडियो में खान सर के संस्थान के ही दो सुरक्षाकर्मी अपनी राइफलों से ऊपर की तरफ हवा में गोलियां दागते हुए साफ नजर आ रहे थे. वीडियो के आधार पर पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए उत्तर प्रदेश के मैनपुरी निवासी प्रदीप कुमार और कासगंज निवासी कालेश्वर को गिरफ्तार कर लिया. पुलिस ने दोनों के पास से उनकी दो राइफलें भी अपने कब्जे में ले ली हैं.

आत्मरक्षा में गोली चलाने की बात कबूली, दहशत फैलाने के आरोप में दर्ज हुआ एक और केस

पुलिस अभिरक्षा में हुई शुरुआती पूछताछ के दौरान दोनों आरोपी गार्ड्स ने यह स्वीकार किया कि मंगलवार रात जब उपद्रवियों ने लाठी-डंडों से उनके साथ मारपीट शुरू की और पत्थरों की बरसात कर दी, तो वे बेहद डर गए थे. अपनी और संस्थान की आत्मरक्षा में उन्होंने डराने के उद्देश्य से हवाई फायरिंग की थी. हालांकि, सार्वजनिक स्थान पर गोली चलाकर दहशत फैलाने के आरोप में पुलिस ने दोनों के खिलाफ कदमकुआं थाने में एक और अलग से केस दर्ज कर लिया है.

फॉरेंसिक लैब भेजे गए दोनों संदिग्ध हथियार, रैकून राउंड्स की जांच से खुलेगा सच

पटना शहर पुलिस अधीक्षक कार्यालय की ओर से जारी आधिकारिक बयान के मुताबिक, केजीएस संस्थान से जब्त की गई दोनों राइफलों को बैलिस्टिक और फॉरेंसिक जांच के लिए सरकारी प्रयोगशाला भेज दिया गया है. विशेषज्ञ इस बात का पता लगा रहे हैं कि वायरल वीडियो के समय इन हथियारों से कुल कितने राउंड गोलियां चली थीं. फॉरेंसिक रिपोर्ट आने के बाद ही कोर्ट में इन दोनों सुरक्षाकर्मियों के खिलाफ साक्ष्य पेश किए जाएंगे.

रडार पर आए खान सर, ज्ञान बिंदु कोचिंग के डायरेक्टर सहित तीन लोग पहले ही जा चुके हैं जेल

इस मामले में पुलिस दोनों ही पक्षों के खिलाफ सख्त कानूनी रुख अपनाए हुए है. एक तरफ जहां खान सर पर आर्म्स एक्ट का शिकंजा कसा है, वहीं दूसरी तरफ हमले की साजिश रचने के आरोप में पुलिस ने प्रतिद्वंद्वी ‘ज्ञान बिंदु कोचिंग संस्थान’ के निदेशक समेत तीन लोगों को पहले ही गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है. पुलिस अधिकारियों का कहना है कि छात्रों के भविष्य से जुड़े इन संस्थानों के भीतर किसी भी प्रकार की गुंडागर्दी बर्दाश्त नहीं की जाएगी.

शहर पुलिस अधीक्षक का आधिकारिक बयान, वीडियो के सत्यापन के बाद ही हुई कानूनी कार्रवाई

नगर पुलिस अधीक्षक ने कल जारी अपने प्रेस नोट में बताया कि सोशल मीडिया पर फुटेज सामने आने के बाद ही पुलिस ने इस मामले को गंभीरता से लिया. पुलिस ने केजीएस से जुड़े गार्डों को पहले हिरासत में लेकर पूछताछ की और जब हथियारों के इस्तेमाल की पुष्टि हुई, तब जाकर गिरफ्तारी की लिखापढ़ी की गई. पुलिस पूरे इलाके के सीसीटीवी फुटेज भी खंगाल रही है ताकि तोड़फोड़ करने वाले बाकी लड़कों की पहचान की जा सके.

प्रतिद्वंद्वी संस्थान का खान सर पर पलटवार, प्रेस कॉन्फ्रेंस कर लगाया खुद साजिश रचने का गंभीर आरोप

इस बीच, मामले में नया ट्विस्ट तब आया जब दूसरे पक्ष यानी प्रतिद्वंद्वी कोचिंग संस्थान के सदस्यों ने गुरुवार को एक आपातकालीन प्रेस कॉन्फ्रेंस बुलाई. इस दौरान आदर्श नामक एक सदस्य ने मीडिया के सामने दावा किया कि खान सर ने अपने संस्थान को चर्चा में बनाए रखने और दूसरों को फंसाने के लिए खुद ही इस पूरे पथराव और फायरिंग की कहानी को गढ़ा था. उन्होंने आरोप लगाया कि गार्डों से जानबूझकर वीडियो बनवाने के लिए गोली चलवाई गई थी.

पटना के कोचिंग हब में बढ़ा तनाव, पुलिस ने सुरक्षा के लिहाज से तैनात किया अतिरिक्त बल

इस हाई-प्रोफाइल विवाद और दोनों तरफ से दर्ज हुए मुकदमों के बाद पटना के कदमकुआं और आसपास के कोचिंग इलाकों में भारी तनाव का माहौल देखा जा रहा है. किसी भी संभावित दोबारा टकराव या कानून-व्यवस्था बिगड़ने की आशंका को देखते हुए जिला प्रशासन ने प्रमुख चौराहों और दोनों संस्थानों के बाहर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर दिया है. पुलिस की पेट्रोलिंग गाड़ियां लगातार गश्त कर रही हैं.

छात्रों की पढ़ाई पर पड़ा असर, क्रेडिबिलिटी बचाने की जद्दोजहद में जुटे बड़े संस्थान

इस पूरे विवाद और पुलिसिया कार्रवाई के कारण इन संस्थानों में पढ़ने आने वाले हजारों छात्र-छात्राओं की नियमित कक्षाओं पर बुरा असर पड़ा है. कई माता-पिता अपने बच्चों की सुरक्षा को लेकर चिंतित हैं. पटना का कोचिंग उद्योग अपनी क्रेडिबिलिटी यानी साख बचाने की जद्दोजहद में जुटा हुआ है, क्योंकि दो बड़े शिक्षकों के नाम इस तरह के हिंसक विवाद और आर्म्स एक्ट जैसे संगीन मामलों में सामने आने से शिक्षा जगत की छवि धूमिल हुई है.

Also Read: Sonam Wangchuk Cockroach Janta Party VIDEO: सोनम वांगचुक का कॉकरोच जनता पार्टी को समर्थन: शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के लिए दिया 5 जून तक का समय, मांगें पूरी न होने पर 6 जून को जंतर-मंतर पर प्रदर्शन

दक्षिण कोसल का Whatsapp Group ज्वाइन करे

Ravi Pratap Pandey

रवि पिछले 7 वर्षों से छत्तीसगढ़ में सक्रिय पत्रकार हैं। उन्होंने राज्य के सामाजिक, राजनीतिक और सांस्कृतिक पहलुओं पर गहराई से रिपोर्टिंग की है। जमीनी हकीकत को उजागर करने और आम जनता की आवाज़ को मंच देने के लिए वे लगातार लेखन और रिपोर्टिंग करते रहे हैं।

Related Articles

Back to top button